नमस्कार,दैनिक जनवाणी डॉटकॉम वेबसाइट पर आपका हार्दिक स्वागत और अभिनंदन है। भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार को भी गिरावट का दौर जारी रहा। सप्ताह के अंतिम कारोबारी दिन शुरुआती सत्र में ही सेंसेक्स 329.66 अंक टूटकर 80,830.02 पर आ गया, जबकि निफ्टी 105.70 अंक लुढ़ककर 24,785.15 पर पहुंच गया। बाजार में यह गिरावट लगातार दूसरे दिन देखने को मिली है, जिससे निवेशकों की चिंताएं बढ़ गई हैं।
फार्मा सेक्टर में बिकवाली
इस गिरावट का मुख्य कारण फार्मा शेयरों में भारी बिकवाली और विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FII) की सतत निकासी रहा। वैश्विक बाजारों से मिल रहे कमजोर संकेतों ने भी घरेलू निवेशकों की धारणा पर नकारात्मक असर डाला।
कौन-कौन से शेयर रहे दबाव में?
सेंसेक्स के कई दिग्गज स्टॉक्स लाल निशान में कारोबार करते दिखे।
सन फार्मा में सबसे अधिक गिरावट दर्ज की गई — स्टॉक 3% से अधिक टूटा।
एशियन पेंट्स, टेक महिंद्रा, इन्फोसिस, पावर ग्रिड, एचसीएल टेक और टाटा स्टील भी गिरावट के शिकार रहे।
वहीं दूसरी ओर, कुछ शेयरों ने गिरते बाजार में भी मजबूती दिखाई।
एलएनटी, टाटा मोटर्स, आईटीसी और ट्रेंट जैसे स्टॉक्स में खरीदारी देखी गई और ये बढ़त के साथ ट्रेड कर रहे थे।
ब्रेंट क्रूड में हल्की तेजी
बाजार की गिरावट के बीच ब्रेंट क्रूड में मामूली तेजी देखी गई। कच्चा तेल 0.17% बढ़कर 69.54 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया, जो ऊर्जा कंपनियों के शेयरों पर सीमित असर डाल सकता है।
विशेषज्ञ की राय?
एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर. के अनुसार, “अमेरिका में ब्रांडेड और पेटेंटेड दवाओं पर एक अक्तूबर से 100% आयात शुल्क लागू करने की योजना के चलते फार्मा कंपनियों पर दबाव बना है। वहीं, हाल में एच-1बी वीजा फीस में हुई भारी बढ़ोतरी ने आईटी सेक्टर को भी अस्थिर कर दिया है।”
जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के मुख्य निवेश रणनीतिकार वी. के. विजयकुमार का कहना है, “एफआईआई द्वारा निरंतर शेयरों की बिक्री बाजार में दबाव का संकेत है, जो आने वाले सत्रों में भी जारी रह सकता है।”
पिछला सत्र
गुरुवार को भी बाजार गिरावट के साथ बंद हुआ था।
सेंसेक्स 555.95 अंक गिरकर 81,159.68
निफ्टी 166.05 अंक फिसलकर 24,890.85 पर बंद हुआ था।

