- बेटी के अवैध संबंध से परेशान पिता ने काटी थी गर्दन
- धड़ एक नाले में, सिर काफी दूर दूसरे नाले में फेंका था
- जेल से आते ही परिवार घर में ताला लगाकर चला गया
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: प्रेम करो लेकिन प्रेम की हदें पार कर परिवार की मर्यादा का कत्ल तो मत करो। ऐसा ही कुछ लिसाड़ीगेट थानांतर्गत शालीमार गार्डन में रहने वाले प्लंबर शाहिद की बेटी सायना ने किया था। अपने प्रेमी के साथ दो बार भाग जाने से हुई बदनामी से परेशान पिता शाहिद ने निर्दयता से बेटी की गर्दन काटकर हत्या कर दी। बाद में धड़ को माधवपुरम के नाले में फेंक दिया और सिर को फतेउल्लापुर के नाले में फेंक दिया था।
पुलिस ने बेटी की हत्या के आरोप में पिता शाहिद और मां को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। जब मां जमानत से छूट कर जेल से बाहर आई तो अपने तीन बेटों को लेकर खतौली में रहने वाले देवर के घर चली गई। जिस घर में सायना की मुस्कराहट से परिवार खिलखिलाता था, आज वहां ताला पड़ा हुआ है और दीवारें कत्ल की कहानी सुना रही हैं।
लिसाड़ीगेट थानांतर्गत शालीमार गार्डन में बारह अगस्त 2022 की रात प्लम्बर शाहिद की बेटी सानिया के लिये काल बनकर आई। अपने प्रेमी से मिलने के लिये जैसे ही रात तीन बजे के करीब वो घर से निकलने की योजना बना रही थी तभी पिता की आंख खुल गई और उसने अपनी बेटी को थप्पड़ मारकर जमीन पर पटक दिया जिससे वो बेहोश हो गई। इसके बाद पिता ने आव न देखा ताव छुरा उठाकर सानिया की गर्दन पर चला दिया।
पल भर में बेटी का सिर धड़ से अलग हो गया। बाद में उसने धड़ को फल रखने के कैरेट में रखा और कपड़े में लपेट कर बेटी के शव को ठिकाने लगाने निकल गया। सिर को उसने अंजुम पैलेस के नाले में फेंक कर खामोश हो गया। बुधवार को पुलिस के पास एक सटीक मुखबिर से खबर आई और पुलिस को केस खुलने की उम्मीद जगने लगी। पुलिस ने जब शाहिद को थाने बुलाकर पूछताछ की तो पहले तो उसने पुलिस को बहकाने की कोशिश की लेकिन बाद में वो टूट गया और उसने बेटी के कत्ल की कहानी सुना दी।

पिता शाहिद अपनी दो बेटियों और चार बेटों के साथ रिहान गार्डन में रहता था। वहीं पर वसीम नामक युवक रहता है। बेटी सानिया की उससे दोस्ती हो गई थी और दोनों एक दूसरे से प्यार करने लगे थे। सानिया इस युवक के साथ घर से दो बार भाग चुकी थी। इससे काफी बदनामी हो रही थी। इस कारण रिहान गार्डन का मकान बेचकर शालीमार गार्डन में पांच महीने पहले आकर रहने लगा था। यहां पर भी सानिया ने वसीम से मिलना बंद नहीं किया।
शाहिद ने पूछताछ में बताया कि उसने बेटी को काफी समझाया लेकिन नहीं मानी। बारह अगस्त की रात तीन बजे के करीब सानिया चोरी से उठी और दरवाजा खोलकर बाहर जाने की कोशिश करने लगी। तभी उसकी आंख खुल गई। उसने सानिया को डांटा तो वो डर के वहीं खड़ी हो गई। शाहिद ने बताया कि गुस्से में उसने बेटी को पीट कर जमीन पर पटÞक दिया जिससे वो बेहोश हो गई।
उस वक्त उसके दिमाग में खून खौल रहा था और उसने छुरा निकाल कर बेटी की गर्दन पर चला दिया। सानिया के मर जाने के बाद उसने सबूत मिटाने के लिये सिर को धड़ से अलग करके एक बैग में रखा। घर में पड़े खून को उसने तुरंत साफ किया। इसके बाद बेटी के शव को कपड़े में लपेट कर खुर्दबुर्द करने के लिये निकल गया। 17 अगस्त को जेल जाने के बाद मां शहनाज की तीन महीने बाद जमानत हो गई थी।
जेल से आने के बाद वो अपने घर आई और कुरानख्वानी कराई और अपने बेटों को लेकर खतौली चली गई। शाहिद के घर के सामने रहने वाली जुबैदा ने बताया कि शाहिद अपनी बेटी सानिया की हत्या करने के बाद तीन दिन तक खुद को बेकसूर बताते हुए सभी के साथ मिलजुल रहा था। जब पुलिस उसे पकड़ने आई तब पता चला कि उसने बेटी की हत्या की है।

