Thursday, April 25, 2024
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कौन चेहरा? भाजपा की कोर कमेटी में मंथन

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  • 53 आवेदन पंकज सिंह को सौंपे गए, कोर कमेटी से मांगे गए तीन-तीन नाम

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: भाजपा में मेयर पद का चेहरा कौन होगा? इसको लेकर मंगलवार को भाजपा के क्षेत्रीय कार्यालय पर हुई पार्टी की कोर कमेटी की मीटिंग में मंथन हुआ। बूथ मैनेजमेंट कैसे बनेगा? किस बूथ पर किस जाति के लोग ज्यादा हैं, उसी जाति के लोगों की ड्यूटी बूथ पर लगाई जाएगी। इन तमाम बिन्दुओं को लेकर भाजपा की कोर कमेटी में चर्चा चली। भाजपा को पिछले निकाय चुनाव में मेयर पद के चुनाव में बड़ा झटका लगा था।

ऐसा तब था, जब उससे पहले भाजपा के मेयर हरिकांत अहलूवालिया थे। धरातल पर मेयर के कार्यों से लोग असंतुष्ट थे, जिसके चलते भाजपा प्रत्याशी रही कांता कर्दम को पराजय का मुंह देखना पड़ा था। इस तरह से उस चुनाव में बसपा की सुनीता वर्मा ने जीत दर्ज की थी। पीछे की गलतियों को भाजपा दौहराना नहीं चाहती। भाजपा जीतने वाले चेहरों पर ही दांव लगाएगी। आखिर भाजपा के मेयर पद का कौन चेहरा होगा?

इसको तय करने के लिए कोर कमेटी की मीटिंग में मंथन हुआ। 53 मेयर पद के लिए आवेदन आये थे, उन सभी पर एक-एक कर चर्चा हुई। हालांकि भाजपा की कोर कमेटी की ये मीटिंग बेहद गोपनीय रही। भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं विधायक पंकज सिंह, सांसद राजेन्द्र अग्रवाल, राज्यमंत्री डा. सोमेन्द्र तोमर, विधायक अमित अग्रवाल, एमएलसी धर्मेन्द्र भारद्वाज, कमल दत्त शर्मा, महानगर अध्यक्ष मुकेश सिंघल, एमएलसी अश्वनी त्यागी, सुरेश जैन ऋितुराज आदि की मौजूदगी में प्रत्याशियों के नामों पर चर्चा हुई।

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पार्टी सूत्रों का कहना है कि मेयर पद के लिए महिलाओं ने भी आवेदन किये हैं, जिनके नाम को लेकर कुछ सदस्यों ने ऐतराज किया। कहा कि सामान्य सीट हैं, ऐसे में महिला को टिकट नहीं दिया जाना चाहिए। ये चर्चा भी हुई, जिसको लेकर कोर कमेटी महिला दावेदारों से कुछ खास खफा दिखाई दी। अब सिर्फ पुरुष दावेदारों पर ही चर्चा हुई तथा दावेदारों के नाम लखनऊ पार्टी मुख्यालय पर भेजना फाइनल हुआ। कहा यही जा रहा है कि 53 लोगों के आवेदन आये थे, सभी के आवेदन प्रांतीय कार्यालय पर भेज दिये गए।

पर्ची में खुलेगा मेयर का नाम

भाजपा कोर कमेटी की बैठक में 53 मेयद पद के संभावित उम्मीदवारों के नाम पहुंचे, लेकिन कोर कमेटी में शामिल प्रतिनिधियों से पर्ची पर तीन-तीन नाम देने के लिए कहा गया। ये बेहद गोपनीय पर्ची रहेगी। इन पर्चियों पर कोर कमेटी में शामिल लोगों ने तीन-तीन नाम अपनी तरफ से लिखे, जो मेयर पद का चुनाव जीतने का सामर्थ रखते हैं। अब ये पर्चियां बंद कर पंकज सिंह को दे दी गई।

इसके अलावा 53 दावेदारों के आवेदन भी पंकज सिंह को दिये गए। यही नहीं, चर्चा यह भी है कि टॉप पर पूर्व मेयर हरिकांत अहलूवालिया, दूसरे नंबर पर सुनील भड़ाना, तीसरे स्थान पर नरेन्द्र उपाध्याय और चौथे नंबर पर नरेन्द्र गुर्जर का नाम भी लखनऊ गोपनीय सूची में भेजा गया हैं। महिला के नाम पर कोर कमेटी में चर्चा तक नहीं हुई।

नामांकन में पांच दिन शेष, सपा रालोद गठबंधन की तस्वीर साफ नहीं

निकाय चुनाव के नामांकन में महज पांच दिन शेष हैं। अभी तक सपा-रालोद गठबंधन की तस्वीर साफ नहीं हैं। सपा-रालोद गठबंधन में कितनी सीटें किसे मिलेगी, यह भी अभी तय नहीं हैं। दावेदारों के आवेदन जो पहले दिये गए थे, सपा में वो गायब हो गए थे। अब दोबारा आवेदन लिये जा रहे हैं। इस तरह से सपा की तैयारी यहां ढीली चल रही हैं। सपा-रालोद गठबंधन में चुनाव लड़ने की तैयारी तो कर रही है, लेकिन अभी दोनों दलों के बीच सीटों का बटवारा नहीं हुआ हैं।

मेयर, नगर पालिका और नगर पंचायतों पर भी रालोद अपना दावा कर रहा है, लेकिन शहर में सपा विधायक हैं। सरधना व किठौर में भी सपा विधायक हैं। इस तरह से सपा-रालोद के बीच टिकटों का बटवारा उलझा हुआ हैं। यदि निकाय चुनाव में इनका गठबंधन रहेगा तो फिर यहां सीटों को लेकर अभी तक स्थिति स्पष्ट करने में देरी क्यों हो रही है? गठबंधन की सीटों को लेकर असमजस तो नहीं हैं। कहीं गठबंधन को बगावत का तो डर नहीं हैं।

रालोद-सपा गठबंधन निकाय चुनाव में भी रहेगा, ये रालोद सुप्रीमो जयंत चौधरी स्पष्ट कर चुके हैं। निकाय की सीटों को लेकर तस्वीर अभी साफ नहीं हैं। मेरठ में नामांकन 17 अप्रैल से हैं। यहां नामांकन में महज पांच दिन शेष रह गए हैं और अभी तक भी यहां दोनों के बीच सीटों को लेकर सहमति नहीं बनी हैं। यही नहीं, निकाय चुनाव नामांकन में पांच दिन शेष हैं, लेकिन सपा-रालोद की संयुक्त मीटिंग अभी तक नहीं हुई।

अपनी ढपली-अपना राग अलापा जा रहा हैं। सपा व रालोद के दोनों कार्यालयों पर टिकट के दावेदार अपना-अपना आवेदन कर रहे हैं। गठबंधन की मीटिंग नहीं होगी तो रालोद व सपा दोनों के दावेदार भी आमने-सामने आ सकते हैं। जिला पंचायत चुनाव में भी बगावत हो गई थी। कई जगह सपा-रालोद के प्रत्याशी आमने-सामने गए थे, बगावत हो गई थी। अगर समय से गठबंधन की सीटों का निर्णय नहीं होगा तो फिर एक-दूसरे के सामने प्रत्याशी उतरते नजर आएंगे, जिसके बाद सपा-रालोद का गठबंधन बिखर जाएगा।

जनपद में दो नगर पालिका परिषद हैं, 13 नगर पंचायत हैं। सिवालखास, करनावल, दौराला, हर्रा, खिवाई ये ऐसी नगर पंचायत हैं, जिनमें रालोद का प्रभाव हैं। अब रालोद मेयर के पद पर भी दावेदारी कर रहा हैं। अब इनमें रालोद कितनी सीटों पर चुनाव लड़ेगी और सपा कितनी सीटों पर,यह अभी तय नहीं हैं। सपा जिलाध्यक्ष जयवीर सिंह का कहना है कि पार्टी हाईकमान का जो आदेश होगा, उसका पालन किया जाएगा।

प्रदेश नेतृत्व के सामने आज पत्ते फेंटेगे कांग्रेसी

स्थानीय निकाय चुनावों में पार्टी की जीत सुनिश्चत करने के उद्देश्य से कांग्रेस ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। पार्टी का प्रदेश नेतृत्व भी तैयारियों के सिलसिले में बुधवार (आज) से समीक्षा बैठकें शुरु कर रहा है। इसी कढ़ी में बुधवार को पार्टी के प्रदेश महासचिव संजीव शर्मा व प्रदेश सचिव नसीम खान मेरठ आकर स्थानीय संगठन के साथ महापौर और पार्षद पद पर नामों की चर्चा करेंगे।

पार्टी के जिलाध्यक्ष अवनीश काजला ने बताया कि पार्टी हाईकमान के साथ स्थानीय संगठन की बैठक बुधवार सुबह 11 बजे जिमखाना मैदान स्थित अपार चैम्बर में होगी। इस बैठक में मेयर व पार्षद पद के भावी उम्मीदवारों के भी पहुंचने की उम्मीद है। इसके अलावा बैठक में एआईसीसी व पीसीसी सदस्य शामिल होंगे। इनके अलावा लोकसभा व विधान सभा का चुनाव लड़ने वाले कांग्रेसी, जिला व महानगर संगठन के सभी पदाधिकारी, सभी ब्लॉक व वार्ड अध्यक्षों के अलावा सभी फ्रंटल संगठनों के पदाधिरी भाग लेंगे।

निकाय चुनावों की घोषणा के बाद इसकी तैयारियों से संबधित पार्टी की यह पहली बैठक है। बैठक काफी महत्तवपूर्ण मानी जा रही है। महानगर अध्यक्ष जाहिद अंसारी ने बताया कि इस बैठक में प्रदेश हाईकमान के साथ स्थानीय निकाय चुनावों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।

डीएम ने ली राजनीतिक दलों के नेताओं की बैठक

नगर निकाय चुनाव की दृष्टिगत डीएम दीपक मीणा ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ की बैठक की। मतगणना व मतदान स्थल किसी तरह की असुविधा नहीं होगी। डीएम ने कहा कि नगर निकाय चुनाव को स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण संपन्न कराने के लिए 57 निर्वाचन अधिकारी, 89 सहायक निर्वाचन अधिकारी, 38 जोनल मजिस्ट्रेट, 154 सेक्टर मजिस्ट्रेटों की तैनाती की गयी है।

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उन्होंने बताया कि जनपद में एक नगर निगम, 2 नगर पालिका परिषद, 13 नगर पंचायत सहित कुल 16 निकाय है, जिनके लिए चुनाव संपन्न कराये जाने है। डीएम ने समस्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से नगर निकाय सामान्य निर्वाचन को सकुशल एवं शांतिपूर्ण संपन्न कराने के लिए राजनीतिक दलों के नेताओं से सुझाव भी मांगे। उन्होंने कहा कि मतगणना व मतदान स्थल पर आवश्यक सुविधाओं के संबंध में यदि कोई शिकायत है तो उन्हें इसके बारे में बताए। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी शशांक चौधरी, एसीएम संगीता सहित राजनीतिक दलों के प्रतिनिधिगण उपस्थित रहे।

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