- तीन दिन बाद भी शिनाख्त कराने, आरोपी को पकड़ने में पुलिस खाली हाथ
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ/खरखौदा: बिजली बंबा पुलिस चौकी क्षेत्र की इकबाल नगर कॉलोनी की गैस गोदाम वाली गली में रविवार बोरे में बंद नग्न अवस्था में युवती की लाश मिली थी। अधिकारियों के आदेश पर पोस्टमार्टम कराकर शव फ्रीज में रखवा दिया था। बुधवार 72 घंटे का समय पूर्ण होने पर पुलिस ने शव का सूरजकुंड पर अंतिम संस्कार करा दिया।
बिजली बंबा पुलिस चौकी स्थित इकबाल नगर कॉलोनी में गैस गोदाम वाली गली में शान मोहम्मद के आवास के पास रविवार बंद बोरे में नग्न अवस्था में युवती की लाश मिली थी। पुलिस ने मृतका की शिनाख्त के लिए मृतका के फोटो युक्त पोस्टर बनवाकर आसपास की कालोनी में चस्पा कर शिनाख्त का प्रयास किया। वहीं, सीसीटीवी फुटेज में युवती की लाश वाले बोरे को ले जा रहे आरोपी का स्क्रेच बनवाकर आसपास उसकी तलाश करने में लगी है।

वहीं, तीन दिन बाद भी युवती की शिनाख्त कराने तथा आरोपी का कोई सुराग लगा पाने में पुलिस की चार टीमों को निराशा ही हाथ लगी है। वहीं, पुलिस ने बुधवार शाम युवती का सूरजकुंड स्थित श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार कर दिया। इस संबंध में सीओ किठौर रुपाली राव ने बताया कि युवती की शिनाख्त कराने व आरोपी की तलाश में टीम तेजी से काम कर रही है और जल्द ही शिनाख्त कराने के साथ आरोपी को गिरफ्तार किया जायेगा।
हत्यारोपी को आजीवन कारावास
मेरठ: न्यायालय अपर जिला जज विशेष न्यायाधीश पोक्सो अधिनियम कोर्ट संख्या-दो मेरठ प्रहलाद सिंह द्वितीय ने हत्या करने के आरोप में आरोपी अनुज उर्फ कल्लू पुत्र नरेंद्र सिंह निवासी मुजफ्फरनगर को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास व 50 हजार रुपये के जुर्माने से दंडित किया है। सरकारी वकील अवकाश जैन व ज्योति कपूर ने बताया कि वादी मुकदमा ने थाना कंकरखेड़ा में 20 सितंबर 2013 को रिपोर्ट दर्ज कराई की वह रात करीब 10 बजे अपने घर लौट रहा था।
रास्ते में बालाजी कंप्यूटर पर उसका भाई कुलदीप शर्मा टिंकल उर्फ अरविंद से बात कर रहा था। उसने अपने भाई कुलदीप से कहा कि काफी टाइम हो गया है घर चलो। इस पर वादी मुकदमा के भाई ने कहा कि आप चलो मैं थोड़ी देर में आ रहा हूं। जैसे ही कहकर वह आगे चला तो पीछे धमाके की आवाज आई। वादी मुकदमा ने तुरंत पीछे मुड़कर मौके पर गया तो देखा कि किसी व्यक्ति ने उसके भाई कुलदीप को गोली मार दी है।
वह खून में लथपथ हालत में वही पड़ा हुआ है। अस्पताल ले जाते समय उसकी मृत्यु हो गई थी। जांच में आरोपी का नाम प्रकाश में आया था। सरकारी वकील ने न्यायालय में कुल 12 गवाह पेश किए। न्यायालय ने गवाहों व पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास व 50 हजार रुपये के जुर्माने से दंडित किया है।

