Thursday, April 25, 2024
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समस्या की तीव्रता तथा समायोजन की आवश्यकता समाधान के दो महत्वपूर्ण पक्ष

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जनवाणी ब्यूरो |

हरिद्वार: जब समस्या का समाधान व्यक्ति की शर्तो पर केन्द्रित होता है, तब समस्या की जटिलता व्यक्ति के व्यवहार एवं मानसिक स्थिति को सर्वाधिक प्रभावित करती है। समस्या एवं समाधान की युक्तियों पर छात्रों का मार्गदर्शन करने के उददेश्य से गुरुकुल कांगडी समविश्वविद्यालय के शारीरिक शिक्षा एवं खेल विभाग मे विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया।

व्याख्यान मे प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे देश के भावी शारीरिक शिक्षकों को सम्बोधित करते हुये एसोसिएट प्रोफेसर डाॅ0 शिवकुमार चौहान ने कहाॅ कि किसी भी समस्या का समाधान जितना जरूरी है। उतना ही समाधान का तरीका एवं उसमे प्रयोग होने वाले संसाधन की भूमिका भी महत्वपूर्ण है।

एक समस्या का समाधान प्रत्येक स्थिति मे एक जैसा होना संभव नही है। समस्या की तीव्रता तथा समायोजन की आवश्यकता समाधान के दो महत्वपूर्ण पक्ष है।

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डाॅ0 चौहान ने कहा कि समस्या से प्रभावित छात्र समाधान का तरीका अपने अनुरूप चाहता है। जिसके लिए वह अनेक तर्क एवं रास्ते भी सुझाव के रूप मे प्रस्तुत करता है। लेकिन यह समस्या का सर्वमान्य समाधान नही हो सकता।

समस्या समाधान के लिए कुछ विशेष व्यूह रचनाओं एवं युक्तियों के उपयोग की सिफारिश की है जिनकी सहायता से समस्या का हल ढूँढने में सहायता मिल सकती है अथवा उसके हल में समय तथा शक्ति के सन्दर्भ में बचत हो सकती है। समस्या समाधान मे छात्र को सर्वमान्य विचार को स्वीकारने एवं व्यक्तिगत दबाव के अनुभव को प्रतिष्ठा का सवाल न मानकर समायोजित व्यवहार को महसूस करना चाहिए। प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे छात्रों ने अपनी समस्याओं के समाधान से जुडे प्रश्नों के हल भी प्राप्त किये। विशेष व्याख्यान मे एम0पी0एड0 तथा बी0पी0एड0 का प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे छात्र उपस्थित रहे।

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