- खाद्य पदार्थों में मिलावट पर अधिकारी सतर्क
- चलाया जा रहा अभियान, कई जगह की गई छापेमारी
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: खाद्य एवं औषधी प्रशासन लाख अभियान चलाये लेकिन यहां मिलावट का कारोबार बदस्तूर जारी है। कहीं मावे में मिलावट तो कहीं मसालों में मिलावट। खाने की चीजों में खुलेमाम मिलावट की जाती है। यह हम नहीं खाद्य एवं औषधि विभाग के आंकड़े भी बोलते हैं कि यहां मिलावटी पदार्थ खूब बिकता है। पिछले साल अप्रैल में लिये गये कई खाद्य पदार्थों के सैंपल भी जांच में फेल आ चुके हैं। जिसमें विभाग सिर्फ जुर्माना वसूलता है, लेकिन लोगों को बीमार होने से नहीं रोक पाता है।
खाद्य पदार्थों में मिलावट खोरी करना यहां आम बात हो गई है। इसके कारण न जाने कितने लोग बीमार पड़ते हैं, लेकिन जब तक इस मिलावट का पता चल पाता है तब तक सारा मिलावटी सामान बाजार में फैल चुका होता है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन के नियमों के कारण मिलावट खूब फल-फूल रही है। यहां विभाग की बात करें तो उसकी ओर से केवल त्योहारों के आसपास ही अभियान चलाया जाता है और इस दौरान खाद्य पदार्थों के लिये गये सैंपल जांच के लिये रख लिये जाते हैं और उन्हें लखनऊ भेज दिया जाता है, लेकिन जब तक उनकी रिपोर्ट आती है। तब तक वह पदार्थ बिक चुके होते हैं। अब विभाग ने पिछले साल जो अभियान चलाया था। उसमें भी अप्रैल माह में सैंपल लिये गये थे। जिसमें आधे से ज्यादा सैंपल फेल रहे। अब विभाग की ओर से इस मामले में जुर्माने की कार्रवाई की गई और कुछ नहीं किया गया।
मिलावटखोरों के खिलाफ हो सख्त कार्रवाई
मिलावटखोरों पर सख्ती न होने के कारण ही बाजार में मिलावटी माल आता है। अगर खाद्य एवं औषधि प्रशासन सतर्कता बरते तो बाजार में मिलावटी पदार्थ आये ही ना। बाजार में विभाग की ओर से प्रतिदिन अभियान चलाया जाना चहिाए और जो सैंपल एकत्र किये जायें उनकी तुरंत जांच कराई जाये और आरोपी पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाये। जिससे अन्य लोग मिलावट न कर सकें।
त्योहारों पर होती है अधिक मिलावट
होली हो यहा दीवाली त्योहार के मौके पर मिठाई व अन्य खाद्य पदार्थों की खुब बिक्री होती है ऐसे में विभाग को एक माह पहले ही इन सभी मामलों में टीम बनाकर कार्य करना चाहिए और मिलावट हो रोकना चाहिए। जिससे मिलावटी पदार्थ बाजार में ही न आ सके, लेकिन विभाग की लेटलतीफी के कारण ही बाजार में मिलावटी माल आता है। जिसे खाकर लोग बीमार पड़ते हैं।

