जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच, अमेरिका ने अपने प्रमुख सहयोगी इस्राइल को 151 मिलियन डॉलर (लगभग 1300 करोड़ रुपये) मूल्य के भारी बमों की आपूर्ति की मंजूरी दे दी है। अमेरिकी विदेश विभाग ने शुक्रवार देर रात इस हथियार सौदे की घोषणा की और आपातकालीन स्थिति का हवाला देते हुए पारंपरिक संसद समीक्षा प्रक्रिया को छोड़ दिया।
इस आपातकालीन पैकेज में BLU-110A/B सामान्य उपयोग वाले बम शामिल हैं। इसके अलावा, अमेरिका इस्राइल को लॉजिस्टिक सहायता और अन्य आवश्यक सपोर्ट सेवाएं भी प्रदान करेगा। अमेरिकी विदेश विभाग के अनुसार, यह सौदा अमेरिका की विदेश नीति और राष्ट्रीय सुरक्षा के हित में है। इसका मकसद इस्राइल की सुरक्षा को मजबूत करना और क्षेत्र में राजनीतिक स्थिरता तथा आर्थिक प्रगति को सुनिश्चित करना है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि इन बमों का इस्तेमाल इस्राइल किन विशिष्ट लक्ष्यों के लिए करेगा। अधिकारियों का मानना है कि यह सौदा इस्राइल की रक्षा क्षमताओं को बढ़ाएगा और उसे क्षेत्रीय खतरों के खिलाफ निवारक शक्ति के रूप में मजबूत करेगा।
ईरान पर संभावित अमेरिकी हमला
इसी बीच, अमेरिकी ट्रेजरी सचिव ने कहा कि अमेरिका ईरान पर जल्द ही अब तक का सबसे बड़ा सैन्य अभियान चलाने की योजना बना रहा है। उनका कहना है कि इस अभियान का मुख्य लक्ष्य ईरानी मिसाइल लॉन्चिंग स्थल और मिसाइल निर्माण कारखाने होंगे, ताकि ईरान की सैन्य उत्पादन क्षमता पर असर पड़े। बेसेंट ने यह भी आरोप लगाया कि ईरान आर्थिक अस्थिरता फैलाने का प्रयास कर रहा है।
उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य का विशेष उल्लेख किया, जो दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल और गैस मार्गों में से एक है। अमेरिका और इस्राइल पहले से ही ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई में संलग्न हैं और हाल के दिनों में क्षेत्र में कई बड़े हमलों की खबरें सामने आई हैं, जिससे तनाव लगातार बढ़ रहा है।
ईरान में जमीनी सैनिकों की संभावनाएँ
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान में सीमित जमीनी सैन्य मिशनों के लिए अमेरिकी सैनिक भेजने पर विचार कर रहे हैं। एनबीसी न्यूज की रिपोर्ट में कहा गया कि ट्रंप ने व्हाइट हाउस के सहयोगियों और रिपब्लिकन नेताओं के साथ इस पर चर्चा की है।
रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप बड़े पैमाने पर जमीनी हमले की योजना नहीं बना रहे हैं, बल्कि सीमित संख्या में सैनिकों को विशेष रणनीतिक अभियानों के लिए भेजने पर विचार किया जा रहा है। अभी तक इस मुद्दे पर कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है और ट्रंप ने आधिकारिक तौर पर कोई घोषणा नहीं की है।

