जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: नेपाल की राजनीति में एक अभूतपूर्व बदलाव की झलक दिखाई दे रही है। 5 मार्च को हुए आम चुनाव के परिणाम आने से पहले ही, पूर्व काठमांडू मेयर बालेन्द्र (बालेन) शाह की राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) ने मतगणना में शानदार बढ़त बना ली है। दशकों तक सत्ता पर काबिज रहे पारंपरिक राजनीतिक दलों को जनता ने जिस तरह पीछे धकेला है, उससे साफ हो गया है कि नेपाल में 36 साल के लंबे समय के बाद किसी एक दल को प्रचंड बहुमत मिल सकता है। इस ऐतिहासिक जीत के साथ, बालेन शाह का अगला प्रधानमंत्री बनना लगभग तय माना जा रहा है।
राजनीतिक यात्रा की शुरुआत
बालेन शाह का राजनीतिक सफर आसान नहीं रहा। 2022 में रैप संगीत से पहचान बनाने वाले स्ट्रक्चरल इंजीनियर बालेन शाह ने सभी को हैरान करते हुए काठमांडू के मेयर का पद जीत लिया। उनका चुनाव चिह्न ‘छड़ी’ था। उन्हें 61,767 वोट मिले, जबकि नेपाली कांग्रेस की सिर्जना सिंह को 38,341 और सीपीएन-यूएमएल के पूर्व मेयर केशव स्थापित को 38,117 वोट मिले।
अब, चार साल बाद, 35 साल के बालेन शाह देश के सबसे युवा प्रधानमंत्री बनने की राह पर हैं। उनकी यह सफलता अचानक नहीं आई। 2013 में उन्होंने ‘रॉ बर्ज’ रैप बैटल से लोकप्रियता हासिल की थी। मेयर बनने से पहले उन्होंने ढाई साल तक स्थानीय स्तर पर काम किया। हिमालयन व्हाइट हाउस कॉलेज से इंजीनियरिंग की पढ़ाई और भारत से मास्टर डिग्री हासिल करने वाले बालेन की तकनीकी समझ और व्यवस्थित सोच ने जनता का भरोसा जीतने में मदद की।
ओली के लंबे दबदबे का अंत
बालेन शाह की राजनीतिक रणनीति काफी सोची-समझी रही। सितंबर में हुए विरोध प्रदर्शनों में 77 लोगों की मौत के बाद केपी शर्मा ओली को इस्तीफा देना पड़ा। उस समय युवाओं ने बालेन को अंतरिम सरकार का नेतृत्व करने का प्रस्ताव दिया, लेकिन उन्होंने इसे ठुकरा दिया और पूर्व मुख्य न्यायाधीश सुशीला कार्की का समर्थन किया। बालेन ने छह महीने की अस्थायी सरकार के बजाय पांच साल के पूर्ण कार्यकाल को प्राथमिकता दी।
18 जनवरी 2026 को बालेन औपचारिक रूप से राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) में शामिल हुए और अगले ही दिन जनकपुर से चुनाव प्रचार शुरू किया। उन्होंने झापा-05 सीट से चुनाव लड़ने का फैसला किया, जो केपी शर्मा ओली का गढ़ माना जाता था। विशेषज्ञों का मानना है कि बालेन की लोकप्रियता ने ओली के दशकों पुराने दबदबे को चुनौती दी है।
चुनाव का एजेंडा और लोकप्रियता
बालेन सोशल मीडिया पर बेहद सक्रिय हैं और उनके फेसबुक पर 35 लाख से अधिक फॉलोअर्स हैं। वे प्रेस कॉन्फ्रेंस की बजाय सीधे जनता से संवाद करते हैं। हालांकि, उनके स्पष्ट और कड़े बयानों के कारण वे विवादों में भी रहे हैं। उन्होंने अमेरिका, भारत, चीन और यहां तक कि अपनी ही पार्टी की आलोचना की। उनके समर्थक उन्हें पुराने नेताओं के विकल्प के रूप में देखते हैं।
बालेन शाह का जन्म 1990 में हुआ था। उनके पिता, स्वर्गीय राम नारायण शाह, एक आयुर्वेदिक चिकित्सक थे, जिनका निधन बालेन के राजनीतिक सफर की शुरुआत से ठीक पहले हुआ। राजनीति के साथ-साथ बालेन काठमांडू यूनिवर्सिटी से पीएचडी भी कर रहे हैं। नेपाल अब ऐसे मोड़ पर है, जहां पुराने नेताओं की पकड़ कमजोर दिखाई दे रही है और युवा नेतृत्व नई दिशा में कदम बढ़ा रहा है।

