जनवाणी संवाददाता |
बढ़ापुर: लयुगी मां ने अपने एक नवजात पुत्र को एक बोरे में बंद कर एक खाली पड़े प्लाट मे फेंक दिया। बच्चे की रोने की आवाज सुनकर पड़ोस की एक महिला उसे अपने घर ले आई। जिसे बाद में पुलिस ने उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती करा दिया है।
नगर के मोहल्ला ठाकुरान मे गुरुवार को गुलज़ार मलिक के खाली पडे प्लाट मे एक नवजात शिशु एक बोरे में बंद पड़ा मिला। मोहल्ले के कुछ बच्चे उक्त प्लॉट पर खेलने गये तो उन्हें बोरे में से बच्चे के रोने की आवाज सुनाई दी।बच्चों ने जब यह बात अपने घर जाकर बताई तो बजे परिजनों ने यह कहकर खेलने के लिए भेज दिया की किसी ने बोरे में बिल्ली का बच्चे को बंद कर फेंका होगा।
परन्तु बच्चों के दिल नही माने वह दोबारा उस बोरा के पास गए और वही से शोर मचा दिया कि मम्मा इसमें से तो बच्चे के रोने की आवाज आ रही है। बच्चों की आवाज सुनकर आसपास की महिलाएं भी प्लॉट पर पहुंच गई। सूचना पर प्लॉट स्वामी गुलज़ार मलिक भी मौके पर पहुंच गए तथा पुलिस को सूचना दी इसके बाद शन्नो नामक महिला ने जब बोरा खोलकर देखा तो उसमें एक नवजात बालक मिला। शन्नो तुरंत ही उसे अपने घर ले गई और उसके शरीर को साफ कर कपड़े पहनाए।
बालक के बोरे में बंद पड़े होने की सूचना थोड़ी ही देर में पूरे नगर में फैल गई और देखते ही देखते दर्जनों निसंतान महिलाएं बालक को गोद लेने के लिए आपस में बहस करने लगी। सूचना मिलने पर पुलिस ने बालक को उपचार हेतु सीएचसी नगीना भेज दिया है।

