Saturday, May 2, 2026
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इस बार छकने को नहीं, चखने को मिलेगा आम

  • देर रात आई आंधी से 20 प्रतिशत आग बर्बाद, व्यापारी परेशान
  • फलों के राजा आम को लगी मौसम की नजर
  • मेरठ में बड़े पैमाने पर होती है आम की खेती
  • देश-विदेश में होती है आम की सप्लाई

जनवाणी संवाददाता |

बहसूमा: जिले के चारों तरफ हजारों हेक्टेयर में आम के बड़े-बड़े बाग हैं। मार्च के महीने के बाद इन बागों में आम के बौर आने शुरू हो जाते हैं। इन बौरों की भीनी-भीनी खुशबू हाइवे और सड़कों पर आने जाने वालों को खूब लुभाती है, लेकिन इस बार इन बागों के पास का नजारा बिल्कुल बदला हुआ है। बागों में सन्नाटा पसरा है और पेड़ों से बौर गायब हैं। इसका पहला कारण तो मौसम है। आम के किसानों की मानें तो इस बार सर्दी और बारिश अधिक होने के कारण आम की फसल को खासा नुकसान हुआ है।

इस बार आम आदमी को आम छकने को नहीं चखने को मिलेगा आंधी और फसल में आई बीमारी के कारण आम की फसल में भारी नुकसान हुआ है। बाग मालिकों को इस बार आर्थिक संकट झेलना पड़ सकता है। सोमवार देर रात आसमान में छाए काले बादल की वजह से आई तेज आंधी से आम टूटकर नीचे गिर गए। जिस कारण बाग मालिकों को हानि हुई है।

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आम की खेती पर समय से बागों में आम के पेड़ों को दवाई नहीं मिलने से इस बार फसल मात्र 40 फीसदी ही रह गई है। जिन पेड़ों में आम आने की संभावना भी नहीं होती वह पेड़ भी आम ले लद जाते हैं। आंधी से पूरे जिले की आम की फसल बर्बाद हो गई है। आम व्यापारी और किसानों का कहना है कि किसानों ने सोचा था कि अबकी बार आम की बेहतरीन पैदावार होगी, लेकिन मौसम की मार के चलते आम की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई है।

ये बोले-बागवान

बाग मालिक बुंदू कुरैशी का कहना है कि इस बार शुरू से ही आम की फसल कमजोर थी। बाग के कुछ पेड़ शुरू से ही फसल ने आने के कारण खाली पड़े हुए थे। बाकी कसर बीमारी और आंधी ने पूरी कर दी। इस बार बाग में आधे से भी कम फसल है। इस बार आम महंगा होने की संभावना है। कच्चा आम 30 से 40 रुपये किलो बिक रहा है। बाग मालिक अभिषेक देशवाल मोड़खुर्द निवासी का कहना है कि इस बार आम आदमी को आम छकने को नहीं चकने को मिलेगा।

क्योंकि इस बार आधे पेड़ों पर शुरू से ही फसल नहीं आई है। आंधी से भी 15 से 20 प्रतिशत फसल नष्ट हो चुकी है। अभी तक एक भी अच्छी बारिश न होने के कारण आम फूल नहीं रहा है। इस बार अधिक तापमान के कारण आम सूखने के कगार पर पहुंच रहा है। सोमवार को हुई बारिश से किसानों को लाभ पहुंचाएगी, लेकिन बारिश के साथ आई आंधी ने फसल नष्ट कर दी।

नगर के समीप स्थित शास्त्री के बाग में मीरापुर निवासी यासीन कुरैशी, महेद्र अहेड़ी, असलम कस्सार का कहना है कि सोमवार देर रात तेज हवाओं के चलते 20% आम टूट चुके हैं। जिसके कारण काफी हानि हुई है। इस बार आम महंगा होने की संभावना है।

आम आदमी का आम खाने का सपना आंधी ने तोड़ा

आंधी ने इस सीजन आम खाने के आम आदमी के सपने को तोड़ कर रख दिया है। इस वजह से लोग काफी मायूस हैं। दरअसल, देश में आम को फलों का राजा माना जाता है। अपनी मिठास, स्वाद, खूबसूरती और खुशबू के जरिए यह दुनिया के सभी देशों में जाना और पहचाना जाता है।

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मेरठ से काफी ज्यादा तादात में आम दूसरे देशों में निर्यात किया जाता है। इस साल आम के काश्तकार से लेकर सरकार इस बात से काफी खुश थी कि आम की अच्छी फसल होगी, लेकिन मौसम ने सब बेकार कर दिया।

प्रतिवर्ष करोड़ों रुपये का कारोबार

मेरठ में आम के बाग किठौर, शाहजहांपुर, हस्तिनापुर, मवाना, सरधना, महलका, समेत हजारों हेक्टेयर में आम के बाग हैं, जिनमें दशहरी, गुलाब जामुन, लंगड़ा, चौसा, राम चेला, बंबई, फजरू लगभग सभी वैरायटी यहां मिल जाती हैं। व्यापारी इस बार आम की पैदावार न होने से परेशान हैं। यहां से आम दिल्ली, जयपुर, हरियाणा, मुंबई और विदेशों तक जाता है।

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