जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: कृषि कानूनों के खिलाफ पिछले दो महीने से भी ज्यादा समय से किसानों का विरोध प्रदर्शन जारी है। अपने आंदोलन को और धार देने के लिए किसान संगठनों ने शनिवार को देशव्यापी चक्का जाम का आह्वान किया था। तीन घंटे तक चले इस चक्का जाम का दिल्ली से लेकर कश्मीर तक असर देखने को मिला। जहां प्रदर्शनकारी सड़कों पर बैठ गए। इससे आमजनों को काफी परेशानी हुई।
वहीं हरियाणा में ट्रैफिक में फंसे लोगों को किसानों ने पानी और भोजन उपलब्ध कराया। दूसरी और कांग्रेस के राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, दिग्विजय सिंह और केसी वेणुगोपाल ने किसानों के चक्का जाम का समर्थन किया। दूसरी ओर किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए दिल्ली पुलिस ने इस बार सुरक्षा के चाक चौबंद इंतजाम किए हुए थे। दिल्ली-एनसीआर में 50 हजार सुरक्षाबलों को तैनात किया गया था।
वहीं ड्रोन के जरिए सीमाओं की निगरानी की जा रही थी। गाजीपुर बॉर्डर पर रैपिड एक्शन फोर्स सहित दिल्ली पुलिस के जवानों की भारी संख्या में तैनाती की गई थी। इसके अलावा वाटर कैनन, बम और डॉग स्क्वॉड को स्टैंडबाय मोड पर रखा गया था। अफवाहों को फैलने से रोकने के लिए सोशल मीडिया पर दिल्ली पुलिस की पैनी नजर थी।
कानून निरस्त करने के लिए हमने सरकार को दिया 2 अक्तूबर तक का समय
भारतीय किसान यूनियन के राकेश टिकैत ने कहा, ‘हमने कानूनों को निरस्त करने के लिए सरकार को 2 अक्तूबर तक का समय दिया है। इसके बाद हम आगे की प्लानिंग करेंगे। हम दबाव में सरकार के साथ चर्चा नहीं करेंगे।’
यातायात के सुचारू प्रवाह के लिए किसान नेताओं से किया अनुरोध
कर्नाटक के गृह मंत्री बसवराज बोम्मई ने कहा, ‘हम किसान नेताओं के संपर्क में हैं और यातायात के सुचारू प्रवाह के लिए उनसे अनुरोध किया है। ‘चक्का जाम’ सीमित समय के लिए था, इसलिए हम देखेंगे कि कहीं भी यातायात अवरोध न हो। न तो किसानों और न ही यात्रियों पर इसका प्रभावित पड़ना चाहिए।’

किसानों ने एंबुलेंस को जाने का रास्ता दिया
हरियाणा के पलवल के पास अटवाल चौक पर पलवल-आगरा हाईवे पर किसानों ने देशव्यापी ‘चक्का जाम’ के दौरान एक एंबुलेंस को जाने का रास्ता दिया।
ट्रैफिक में फंसे लोगों के लिए किसानों ने की भोजन, पानी की व्यवस्था
हरियाणा में किसानों ने राष्ट्रीय राजमार्ग 44 पर ट्रैफिक जाम में फंसे यात्रियों के लिए भोजन और पानी की व्यवस्था की। यह देश के सबसे व्यस्त राजमार्गों में से एक है, यहां से प्रतिदिन लगभग 40,000 वाहन गुजरते हैं।
गाजीपुर बॉर्डर पर शांतिपूर्ण है स्थिति
गाजीपुर बॉर्डर पर रैपिड ऐक्शन फोर्स सहित सुरक्षाबलों के जवानों को किसी भी बिगड़ती परिस्थिति से निपटने के लिएए तैनात किया गया है। चक्का जाम के आह्वान के मद्देनजर गाजीपुर बॉर्डर पर स्थिति शांतिपूर्ण है।

