जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल की फलता विधानसभा सीट से तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के उम्मीदवार रह चुके जहांगीर खान को राज्य पुलिस के विशेष कार्य बल (एसटीएफ) ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार, उन्हें उत्तरी बंगाल में भारत-नेपाल सीमा के निकट जबरन वसूली के एक मामले में पकड़ा गया। जहांगीर खान लंबे समय से फरार बताए जा रहे थे और चुनावी हिंसा के आरोपों के कारण चर्चा में रहे हैं।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, जहांगीर खान के खिलाफ दक्षिण 24 परगना जिले के फलता थाने में कुल सात एफआईआर दर्ज हैं। कलकत्ता हाई कोर्ट ने 26 मई को उन्हें मिली अंतरिम सुरक्षा भी रद्द कर दी थी, जिसके बाद उनकी गिरफ्तारी का रास्ता साफ हो गया।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि एसटीएफ ने उन्हें भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र से हिरासत में लिया। हालांकि, पुलिस ने गिरफ्तारी अभियान से जुड़ी विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की है।
गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान फलता विधानसभा क्षेत्र में हिंसा और चुनावी नियमों के उल्लंघन के आरोप सामने आए थे। स्थिति इतनी गंभीर हो गई थी कि वहां मतदान को रोकना पड़ा था। इसी दौरान जहांगीर खान ने चुनाव आयोग द्वारा तैनात एक पुलिस अधिकारी को खुलेआम चुनौती देते हुए फिल्मी अंदाज में कहा था, “पुष्पा झुकेगा नहीं”, जिसके बाद उनका यह बयान काफी चर्चा में रहा।
बाद में 21 मई को इस सीट पर पुनर्मतदान कराया गया। हालांकि, मतदान से पहले ही जहांगीर खान ने अपना नामांकन वापस ले लिया था। उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया था कि यह फैसला पार्टी नेतृत्व या सांसद अभिषेक बनर्जी के निर्देश पर लिया गया था या नहीं। वहीं, तृणमूल कांग्रेस ने कहा था कि नामांकन वापस लेने का निर्णय पूरी तरह से जहांगीर खान का व्यक्तिगत फैसला था और इसका पार्टी के निर्देशों से कोई संबंध नहीं था।पश्चिम बंगाल की फलता विधानसभा सीट से तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार रहे जहांगीर खान को राज्य पुलिस के विशेष कार्य बल की तरफ से गिरफ्तार कर लिया गया है। जानकारी के मुताबिक, चुनावी हिंसा के आरोपी जहांगीर लंबे समय से फरार थे और मतदान के दौरान पुलिस को खुली चुनौती देकर चर्चा में आए थे। पुलिस के मुताबिक, उत्तरी बंगाल में भारत-नेपाल सीमा के पास टीएमसी नेता जहांगीर खान को जबरन वसूली के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।
जहांगीर खान पर फलता पुलिस स्टेशन में सात एफआईआर
मामले में पुलिस ने बताया कि तृणमूल कांग्रेस के नेता जहांगीर खान को सोमवार को उत्तरी बंगाल में भारत-नेपाल सीमा के पास जबरन वसूली के आरोप में गिरफ्तार किया गया। कलकत्ता उच्च न्यायालय ने 26 मई को जहांगीर खान को दी गई अंतरिम सुरक्षा रद्द कर दी थी। उनके खिलाफ दक्षिण 24 परगना जिले के फलता पुलिस स्टेशन में सात एफआईआर दर्ज की गई थीं। एक पुलिस अधिकारी ने बताया, ‘जहांगीर खान को उत्तरी बंगाल के भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया।’ हालांकि, पुलिस ने गिरफ्तारी के संबंध में कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी।
फलता में मतदान के दौरान नियमों का उल्लंघन
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान हिंसा की और नियमों के उल्लंघन के आरोप के बाद फलता में मतदान रोक दिया गया था। चुनाव के दौरान जहांगीर खान ने चुनाव आयोग की तरफ से नियुक्त पुलिस अधिकारी को ‘पुष्पा झुकेगा नहीं’ कहकर चुनौती दी थी। 21 मई को इस सीट पर दोबारा से चुनाव हुआ था। हालांकि, मतदान से पहले ही जहांगीर खान ने अपना नामांकन वापस ले लिया था। लेकिन, जहांगीर ने यह साफ नहीं किया था कि इस फैसले के पीछे पार्टी नेता अभिषेक बनर्जी या तृणमूल के शीर्ष नेतृत्व का कोई निर्देश है या नहीं। हालांकि तृणमूल ने साफ तौर पर कहा था कि यह फैसला जहांगीर का निजी फैसला है, पार्टी का निर्देश नहीं है।

