- काशी टोल प्लाजा पर यात्रियों से वसूला जा रहा निर्धारित शुल्क से ज्यादा, वाहन चालक परेशान
जनवाणी संवाददाता |
परतापुर: मेरठ-डासना एक्सप्रेसवे पर टोल प्रक्रिया कई दिन तक टेस्टिंग करने के बाद एक अप्रैल से शुरू कर दी गई थी और टोल का शुल्क निर्धारित कर दिया गया था, लेकिन टोल टोल प्लाजा लगातार यात्रियों की जेब काटने पर तुला हुआ है। मेरठ-डासना एक्सप्रेस वे पर यात्रियों का सफर अनुसार शुल्क निर्धारित हुआ था। जिसमें यात्री के सफर के अनुसार शुल्क रखा गया था
बुधवार शाम डासना से ड्यूटी करके चले यात्री जैसे ही डासना से चढ़े और काशी टोल प्लाजा पर पहुंचे तो उनसे दिल्ली तक का टोल 155रु वसूल लिया गया। जबकि डासना तक का टोल 100 रुपये निर्धारित किया गया था। जिसके बाद सफर कर रहे यात्रियों ने टोल पर पहुंचकर हंगामा शुरू कर दिया। जिसके बाद टोल के संबंधित अधिकारी अपने अपने चेंबर से निकल कर चले गए और वहां पर मौजूद कर्मचारियों से बात करने के लिए यात्रियों को छोड़ दिया।

जिसके बाद गुस्साए यात्रियों ने मैनेजर से बात करने के लिए कहा तो कर्मचारियों ने मैनेजर के चले जाने की बात कहकर यात्रियों से रजिस्टर में एंट्री करा कर सभी को टरका दिया। डासना से आ रहे अग्रज सक्सेना, सुधांशु जिंदल व अनिल वर्मा तीनों अलग-अलग गाड़ी लेकर डासना से चढ़े थे और कांशी टोल प्लाजा पर जैसे ही पहुंचे उनकी जेब काटते हुए 155 वसूल लिए गए। जबकि 100 वसूला जाना था। आगरा सक्सेना और सुधांशु जिंदल का कहना है कि अगर कल तक उनका भुगतान वापस नहीं किया गया तो वह कल अपनी गाड़ी को टोल पर लाकर खड़ी कर देंगे।
टोल पर लग रहा भीषण जाम
एक्सप्रेस वे पर सफर करने वाले यात्रियों को टोल प्लाजा पर काफी देर खड़े रहने के बाद जाम से होकर गुजारना पड़ रहा है जैसे ही यात्री टोल पर पहुंचते हैं तो 100 मीटर पहले से ही गाड़ी रेंगना शुरू कर देती हैं और जाम की स्थिति बनी रहती है।
दो पहिया वाहन रोकने में नाकाम एक्सप्रेसवे
बुधवार को दैनिक जनवाणी की टीम ने मेरठ डासना एक्सप्रेसवे से गुजरने वाले दोपहिया वाहनों का रियलिटी चेक की। दैनिक जनवाणी के कैमरे में कैद तस्वीरों ने यह सिद्ध कर दिया कि एक्सप्रेसवे की कंट्रोलिंग करने वाले अधिकारियों के दावे फुस्स है। एक्सप्रेस वे पर एक तरफ जहां हजारों गाड़ियां हवा से बातें कर रही थी। वहीं दूसरी तरफ जान की परवाह किए बिना एक्सप्रेसवे पर पिकनिक,साइक्लिंग, जॉगिंग करने और सेल्फी लेने वालों का भी तांता लगा हुआ था।
एक्सप्रेसवे पर जगह-जगह लोगों ने मयशाला भी सजा रखी थी। दावा किया गया था कि एक्सप्रेस वे पर जगह-जगह लगे नंबर प्लेट रीडर सिस्टम (एनपीआर सिस्टम) एचडीसीसीटीवी की मदद से स्पीड वाहनों को चिन्हित किया जाएगा जबकि सीसीटीवी सिस्टम दोपहिया वाहनों को ट्रेस करने में भी असफल नजर आ रहे हैं। परतापुर में बने टोलटैक्स से गुजरने वाले दोपहिया वाहनों को कोई रोकने-टोकने वाला भी नहीं था। गौरतलब है कि अभी तक मेरठ डासना एक्स-रे पर दर्जनों लोग अपनी जान गंवा चुके हैं और सैकड़ों से भी ज्यादा वाहनों की दुर्घटनाग्रस्त होने के कारण सूरत भी बदल चुकी है।

