- लाइन पर काम के दौरान होने वाली मौत का आंकड़ा 1500 पहुंचा
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: पावर कारपोरेशन की संविदा कर्मचारियों पर ट्रांसफर पॉलिसी लागू किए जाने से लाइन पर काम के दौरान होने वाली मौतों का आंकड़ा बढ़ने की आशंका कर्मचारी नेता जता रहे हैं। आंकड़ों के हवाले से कर्मचारी नेताओं का दावा है कि हर साल 1500 से ज्यादा संविदा कर्मचारी लाइन पर काम के दौरान मरते हैं। यदि ट्रांसफर पालिसी लागू की जाती है तो यह आंकड़ा और ज्यादा बढ़ जाएगा। दूसरे यह कि ट्रांसफर पॉलिसी लागू करने से पहले मार्च में सीएम के साथ मीटिंग में जो समझौता हुआ था उसको लागू किया जाए साथ
इसके अलावा सेलरी में 10 फीसदी के इंसेटिव का वादा पूरा किया जाए, तब एमडी पावर संविदा कर्मचारियों पर ट्रांसफर पालिसी को लागू करने की बात करें। गौरतलब है कि पीवीवीएनएल समेत प्रदेश भर के तमाम डिस्कॉम में बिजलीघरों पर काम करने वाले तमाम ऐसे संविदा कर्मचारियों जिन्हें तीन साल हो चुके हैं, के ट्रांसफर का नियम लागू किया जा रहा है। इससे पहले ऐसा नहीं था। जानकारों का कहना कि इससे लाइन पर काम के दौरार होने वाली मौतों का आंकड़ा बढेÞगा।
नौ को प्रदेश व्यापी सत्याग्रह का एलान
विद्युत कर्मचारी संविदा महासंघ उत्तर प्रदेश ने इन तमाम बातों तथा मार्च में सीएम के साथ हुए समझौते को लागू करने की मांग को लेकर नौ अगस्त को एक दिनी प्रदेश व्यापी सत्याग्रह का एलान किया है। रविवार को संविदा महासंघ के आरएस राय, कार्यकारी अध्यक्ष व वरिष्ठ कर्मचारी नेता भूपेन्द्र सिंह, अमित खारी, मोहम्मद कासिफ, पुनीत राय आदि तमाम नेताओं ने प्रदेश भर के संविदा कर्मचारी नेताओं से संपर्क के बाद नौ अगस्त के एक दिनी सत्याग्रह का एलान किया है।
कार्यकारी अध्यक्ष भूपेन्द्र सिंह ने बताया कि उनके संगठन की मांग है कि संविदा कर्मचारियों की ड्यूटी के दौरान किसी भी प्रकार के हादसे की स्थिति में 10 लाख का बीमा मिले, ट्रांसफर पालिसी पर दोबार विचार हो, इसके नुकसान ध्यान में रखे जाएं तथा सेलरी में 10 फीसदी का इंसेटिव व संविदा कर्मचारियों का न्यूनतम वेतन 24 हजार हो। सरकार मांगें माने अन्यथा नौ अगस्त को प्रदेश व्यापी सत्याग्रह में संविदा कर्मचारी सरकार को अपनी ताकत दिखाएंगे।

