Wednesday, May 6, 2026
- Advertisement -

पशुओं में ब्रूसेल्लोसिस रोग का उपचार एवं रोकथाम

KHETIBADI 2


ब्रुसेलोसिस रोग गाय, भैंस, भेड़ एवं बकरी में फैलने वाली एक संक्रामक बीमारी है, जो बुसेला बैक्टीरिया के कारण होती है,जो पशुओं से मनुष्यों में एवं मनुष्यों से पशुओं में फैलती है। इस बीमारी से ग्रस्त पशुओं में 7-9 महीने के गर्भकाल में गर्भपात हो जाता है। इस रोग को अडुलेट ज्वर और माल्टा ज्वर भी कहते है। ये रोग पशुशाला में बड़े पैमाने पर फैलता है तथा पशुओं में गर्भपात हो जाता है, जिससे बहुत अधिक आर्थिक नुकसान होता है।ये बीमारी मनुष्य के स्वास्थ्य एवं आर्थिक दृष्टिकोण से भी बेहद घातक रोग है।

ब्रुसेलोसिस रोग का कारण
ब्रूसेलोसिस ब्रूसेला नामक जीवाणु से होता है। गाय, भैंस में ये रोग ब्रूसेल्ला एबोरटस नामक जीवाणु द्वारा होता हैं तथा भेड़ एव बकरी में ये ब्रूसेल्ला मेलिटरंसिस जीवाणु से होता है। यह जीवाणु ग्याभिन पशु की बच्चेदानी में रहता है तथा अंतिम तिमाही में गर्भपात करवा देता है। एक बार संक्रमित हो जाने पर जीवन काल तक यह जीवाणु पशु के दूध तथा गर्भाश्य के स्त्राव में निकालता है। पशुओं में ब्रुसेल्लोसिस रोग संक्रमित पदार्थ के खाने से, जननांगों के स्त्राव से, योनि स्त्राव से, संक्रमित चारे से, रोगी पशु का कच्चा दूध पीने से, असावधानी पूर्वक जेर निकलने से तथा संक्रमित वीर्य से, कृत्रिम गभार्धान द्वारा फैलता है।

मानव में रोग का कारण
मनुष्यों में ब्रूसेल्लोसिस रोग सबसे ज्यादा रोगग्रस्त पशु का कच्चा दूध पीने से फैलता है। कई बार गर्भपात होने पर पशु चिकित्सक या पशुपालक द्वारा असावधानी पूर्वक जेर या गर्भाशय से होने वाले स्त्राव को छूने से जीवाणु त्वचा के किसी कट या घाव से भी शरीर में प्रवेश कर सकता है।

ब्रूसेल्लोसिस रोग के लक्षण
पशुओं में गर्भावस्था की अंतिम तीन महीनों में गर्भपात होना इस रोग का मुख्य लक्षण है। गर्भपात के बाद चमड़े जैसी जेर का निकलना इस रोग की प्रमुख पहचान है। पशुओं में जेर का रूकना एवं गर्भाशय की सूजन एवं नर पशुओं में अंडकोष की सूजन इस रोग के प्रमुख लक्षण हैं। जोड़ों पर सूजन आ जाती है।

मनुष्य में इस रोग से तेज बुखार आता है जो बार-बार उतरता और चढ़ता रहता है, थकान, मांसपेशियां तथा जोड़ों और कमर में दर्द भी होता रहता है ,अंडकोष में सूजन मुख्य लक्षण है।

रोग की जांच
इस रोग में प्रयोगशाला परीक्षण आवश्यक होता है ।इस रोग के लिए रोज बगाल टेस्ट एव एसएटी टेस्ट कर सकते है। पशु की जांच की जा सकती है ।

उपचार एवं रोकथाम
-इसका उपचार आमतौर पर मनुष्यों में एंटीबायोटिक दवाओं के सहारे कुछ हद तक इस रोग के उपचार में सफलता पायी गयी है।
-ब्रूसेलोसिस नियंत्रण के लिए सभी पशुओं का टीकाकरण करवाना चाहिए।
-नए खरीदे गए पशुओं को ब्रुसेल्ला संक्रमण की जांच किए बिना अन्य स्वस्थ पशुओं के साथ नहीं रखना चाहिए।
-किसी पशु को गर्भकाल के तीसरी तिमाही में गर्भपात हुआ हो तो उसे तुरंत फार्म के बाकी स्वस्थ पशुओं से अलग कर दिया जाना चाहिए। आसपास के स्थान को भी जीवाणु रहित करना चाहिए, क्योंकि उसके स्त्राव द्वारा अन्य पशुओं में संक्रमण फैल जाता है।
-अगर किसी पशु को बार-बार गर्भपात हो रहा है तो उसकी खून की जांच करानी चाहिए।
-स्वस्थ गाय, भैसों के बच्चों में 4-8 माह की आयु में ब्रुसेल्ला एस-19 वैक्सीन से टीकाकरण करवाना चाहिए।
-गर्भाशय से उत्पन्न मृत नवजात एवं जैर को चूने के साथ मिलाकर गहरे गड़े में जमीन के अन्दर दबा देना चाहिए। रोगी मादा पशु के कच्चे दूध को स्वस्थ नवजात पशुओं को नहीं पिलाना चाहिए एवं मनुष्यों को दूध उबाल कर ही उपयोग करना चाहिए।
-मादा पशु के बचाव के लिए 6-9 माह के मादा बच्चों को इस बीमारी के विरूद्ध टीकाकरण करवाना चाहिए।
-ब्याने वाले पशुओं में गर्भपात होने पर पशुपालक को उनके संक्रमित स्त्राव, मल-मूत्र आदि के सम्पर्क से बचना चाहिए क्योंकि इससे उनमें भी संक्रमण हो सकता है।
-डॉ. विनय कुमार एवं डॉ.अशोक कुमार।


janwani address 8

spot_imgspot_img
[tds_leads title_text="Subscribe" input_placeholder="Email address" btn_horiz_align="content-horiz-center" pp_checkbox="yes" pp_msg="SSd2ZSUyMHJlYWQlMjBhbmQlMjBhY2NlcHQlMjB0aGUlMjAlM0NhJTIwaHJlZiUzRCUyMiUyMyUyMiUzRVByaXZhY3klMjBQb2xpY3klM0MlMkZhJTNFLg==" f_title_font_family="467" f_title_font_size="eyJhbGwiOiIyNCIsInBvcnRyYWl0IjoiMjAiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIyMiIsInBob25lIjoiMzAifQ==" f_title_font_line_height="1" f_title_font_weight="700" msg_composer="success" display="column" gap="10" input_padd="eyJhbGwiOiIxNXB4IDEwcHgiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMnB4IDhweCIsInBvcnRyYWl0IjoiMTBweCA2cHgifQ==" input_border="1" btn_text="I want in" btn_icon_size="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIxNyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTUifQ==" btn_icon_space="eyJwb3J0cmFpdCI6IjMifQ==" btn_radius="3" input_radius="3" f_msg_font_family="394" f_msg_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTEiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiJ9" f_msg_font_weight="500" f_msg_font_line_height="1.4" f_input_font_family="394" f_input_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTEiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiJ9" f_input_font_line_height="1.2" f_btn_font_family="394" f_input_font_weight="500" f_btn_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsImxhbmRzY2FwZSI6IjExIiwicG9ydHJhaXQiOiIxMCJ9" f_btn_font_line_height="1.2" f_btn_font_weight="700" f_pp_font_family="394" f_pp_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsImxhbmRzY2FwZSI6IjEyIiwicG9ydHJhaXQiOiIxMSJ9" f_pp_font_line_height="1.2" pp_check_color="#000000" pp_check_color_a="var(--metro-blue)" pp_check_color_a_h="var(--metro-blue-acc)" f_btn_font_transform="uppercase" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLWJvdHRvbSI6IjYwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9LCJsYW5kc2NhcGUiOnsibWFyZ2luLWJvdHRvbSI6IjUwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9LCJsYW5kc2NhcGVfbWF4X3dpZHRoIjoxMTQwLCJsYW5kc2NhcGVfbWluX3dpZHRoIjoxMDE5LCJwb3J0cmFpdCI6eyJtYXJnaW4tYm90dG9tIjoiNDAiLCJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBvcnRyYWl0X21heF93aWR0aCI6MTAxOCwicG9ydHJhaXRfbWluX3dpZHRoIjo3NjgsInBob25lIjp7ImRpc3BsYXkiOiIifSwicGhvbmVfbWF4X3dpZHRoIjo3Njd9" msg_succ_radius="2" btn_bg="var(--metro-blue)" btn_bg_h="var(--metro-blue-acc)" title_space="eyJwb3J0cmFpdCI6IjEyIiwibGFuZHNjYXBlIjoiMTQiLCJhbGwiOiIxOCJ9" msg_space="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIwIDAgMTJweCJ9" btn_padd="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiIsInBvcnRyYWl0IjoiMTBweCJ9" msg_padd="eyJwb3J0cmFpdCI6IjZweCAxMHB4In0=" f_pp_font_weight="500"]

Related articles

संघर्ष का गणित और सफलता

कई बार एक कठिन प्रश्न को समझने के लिए...

हम छात्रों को क्या सिखाना भूल जाते हैं?

डॉ. विजय गर्ग दुनिया भर की कक्षाओं में शिक्षा को...

मिश्रा जी लाइक्ड योर स्टेटस

बनारस की उस पुरानी पुश्तैनी हवेली के दालान में...

उजाड़ना था तो बसने क्यों दिया था?

पिछले कुछ वर्षों से यह समस्या और भी व्यापक...

‘भगवा’ राजनीति का विस्तार

2026 के पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव परिणाम भारतीय...
spot_imgspot_img