- प्रतिबंध के बावजूद शहर में धड़ल्ले से बिक रहा चाइनीज मांझा
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: सुप्रीम कोर्ट के प्रतिबंध के बावजूद मौत का चाइनीज मांझा खूब बिक रहा है। खास बात यह है कि इस मौत के मांझा से कई लोगों की जान भी जा चुकी है। लेकिन बावजूद इसके अधिकारी आंखे मूंदे बैठे हैं। एनएच-58 स्थित गांव वलीदपुर के सामने मेरठ से मुजफ्फरनगर की ओर स्कूटी पर जा रहे दो व्यक्ति चाइनीज मांझे की चपेट में आने से गंभीर रूप से घायल हो गए।
सूचना पर पहुंची टोल एंबुलेंस दोनों को मोदीपुरम फ्यूचर प्लस अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया है। मेरठ शारदा रोड निवासी हरी सिंह और उनके दोस्त केके तिवारी थे। जहां हरी सिंह की गर्दन पर काफी चोटे आई है। जहां दोनों का इलाज अस्पताल में चल रहा है। हरी सिंह एक दवाई कम्पनी में काम करते हैं और साथी केके तिवारी के साथ स्कूटी से मुजफ्फरनगर जा रहे थे।

मेरठ में चाइनीज मांझे से कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं और कई लोगों की जानें जा चुकी है और कई लोग घायल भी हो चुके हैं। इससे पहले रोहटा थाना क्षेत्र के पूठ गांव निवासी गौरव का रेलवे रोड थानाक्षेत्र में रैम पार्क के पास अचानक ही गौरव की गर्दन पर चाइनीज मांझा फंस गया और उसकी गर्दन कट गई थी। गौरव की गर्दन से खून का फव्वारा छूट गया और वह बाइक समेत सड़क पर गिरकर तड़पने लगा था।
गौरव की ज्यादा खून बहने के कारण मौत हो गई। कंकरखेड़ा थानाक्षेत्र के रोहटा रोड स्थित जवाहरनगर में रहने वाले राजमिस्त्री निर्मल पुत्र ओमप्रकाश स्कूटी पर सवार होकर जा रहे थे। इसी दौरान चीनी मांझा निर्मल की गर्दन में फंस गया। जिससे वह लहूलुहान होकर स्कूटी समेत सड़क पर गिर गए। यह हादसा देखकर लोगों की भीड़ लग गई। उसकी गर्दन से लोगों ने मांझा निकला, लेकिन वह बेहोश हो गये थे।
एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां पर डॉक्टरों ने उसको मृतक घोषित कर दिया था। खतौली थाना क्षेत्र के रसूलपुर गांव निवासी 24 वर्षीय पुत्र चंद्रपाल दवाई का कारोबार करते थे। अजय आज बाइक से मेरठ से अपने गांव रसूलपुर लौट रहे थे। मोदीपुरम फ्लाईओवर पर अचानक चाइनीज मांझा अजय की गर्दन फंस गया था। बाद में उसकी मौत हो गई थी।

