- यमुना की धार मोड़ने में जिलाधिकारी ने बैठाई जांच
- टास्क फोर्स के साथ एसडीएम को जांच के दिए निर्देश
जनवाणी संवाददाता |
कैराना: यमुना खादर क्षेत्र के गांव मंडावर में आवंटित वैध बालू खनन पट्टे की आड़ में खनन माफिया बेलगाम हो गए हैं। जहां पर राष्ट्रीय ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) की गाइडलाइन की धज्जियां उड़ाते हुए बहती यमुना नदी की जलधारा को मोड़ दिया है। साथ ही, पोकलेन मशीनों के जरिए पानी के अंदर से रेत निकालकर यमुना नदी के अस्तित्व से खेला जा रहा है। इसकी वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी। इसके अलावा खुरगान के किसान ने भी अपनी भूमि से अवैध खनन किए जाने के आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी सहित उच्चाधिकारियों को शिकायत कर चुके हैं। इस ओर खनन विभाग और प्रशासनिक अधिकारी कोई ध्यान नहीं दे रहे थे।
खनन माफियाओं की करतूत मंगलवार को दैनिक जनवाणी ने उजागर की, जिसके बाद अधिकारी नींद से जागे। इस मामले पर जिलाधिकारी जसजीत कौर ने संज्ञान लेते हुए कैराना एसडीएम शिव प्रकाश यादव को टास्क फोर्स के साथ जांच करने के निर्देश दिए। डीएम ने निर्देशित किया कि प्रत्येक बिंदु पर गहनता के साथ जांच कर रिपोर्ट यथाशीघ्र उपलब्ध कराई जाएं।
नियम विरुद्ध अवैध रेत खनन पर जिलाधिकारी के सख्त रुक के बाद से खनन माफियाओं में हड़कंप मचा हुआ हैं। डीएम जसजीत कौर का कहना हैं कि मंडावर और मामौर में खनन को लेकर संज्ञान लिया गया है। एसडीएम को टास्क फोर्स के साथ जांच करने के निर्देश दिए हैं। जांच के बाद अनियमितताओं के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएंगी।

