Friday, February 13, 2026
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फर्जी शिक्षकों की नियुक्ति करने वाले कॉलेजों की जांच में लगा विश्वविद्यालय

  • विवि ने सभी कॉलेजों को जारी किए निर्देश, अनुमोदन में गड़बड़ी करने वालों पर गिर सकती है गाज

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: चौधरी चरण सिंह विवि के संबद्धता विभाग में चल रहा खेल सहारनपुर के एक कॉलेज में एक शिक्षक के नौकरी छोड़ने के बाद भी फर्जी एप्रूवल बनवा उसे नौकरी पर दिखाने का मामला सामने आने के बाद खुल गया है। इतना ही नहीं ऐसी गड़बड़ी मेरठ और सहारनपुर के कई और कॉलेजों में भी चल रही हैं,जिसकी जांच में विवि प्रशासन जुट गया है।

यदि अब किसी कॉलेज ने शिक्षक की नियुक्ति के बारे में गलत जानकारी दी तो उसकी संबद्धता खत्म कर दी जाएगी। विवि की ओर इसकी जानकारी सभी कॉलेजों को दे दी गई है और ऐसे कॉलेजों की जांच की जा रही हैं, जहां फर्जीवाड़ा चल रहा है। विवि सूत्रों की माने तो जल्द ही कुछ और कॉलेजों के नाम भी सामने आ सकते है जहां शिक्षकों की नियुक्ति की गलत जानकारी दी गई है।

बता दें कि मेरठ और सहारनपुर मंडल में करीब एक हजार से अधिक कॉलेज है। सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों में शिक्षकों की नियुक्ति और अनुमोदन में वर्षो से गड़बड़झाला चल रहा है।

एक शिक्षक कई कॉलेजों में नियुक्त है। सत्यापन के दौरान भी संस्थान सेटिंग कर लेते है। सबसे बड़ी बात यह है कि कॉलेजों के खेल में विवि का संबद्धता विभाग पूरा सहयोग दे रहा है। सहारनपुर कॉलेज वाले मामले में शिक्षक की नियुक्ति का एप्रूवल संबद्धता विभाग से ही बनवाया गया है।

ऐसे में कॉलेजों की जांच के साथ ही संबद्धता विभाग के कर्मचारियों पर भी गाज गिर सकती है। क्योंकि इस मामले में विवि स्तर पर जांच की जा रही है।

संबद्धता विभाग में तैनात कर्मचारी गलत तरह से अनुमोदन के शपथ पत्र फाइलों से बदल लेते है। विवि रजिस्टार धीरेंद्र कुमार का कहना है कि इस मामले में विवि स्तर पर जांच की जा रही है। शिक्षकों की नियुक्ति में फर्जीवाड़ा करने वाले कॉलेजों पर गाज गिरना तय है।

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