Friday, May 1, 2026
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यूपी की स्वास्थ्य सेवाएं वेंटीलेटर पर: अखिलेश यादव

जनवाणी ब्यूरो |

लखनऊ: अखिलेश यादव ने कहा है कि उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह चौपट हैं। अस्पतालों की स्थिति बहुत ही दयनीय है। मरीजों के इलाज में घोर लापरवाही है। अस्पतालों में न डाक्टर है और न ही दवाएं है। जांच की समुचित व्यवस्था न होने के कारण गंभीर मरीजों को दर-दर भटकना पड़ रहा है।

उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्यमंत्री ने पद सम्हालते ही तेजी से छापेमारी शुरू की थी लेकिन अब वे भी पस्त हो गए हैं क्योंकि विभागीय बजट कम होने से अधिकारी भी अब उनकी नहीं सुनते हैं।

खुद प्रधानमंत्री के लोकसभा क्षेत्र वाराणसी और मुख्यमंत्री के गृह जनपद गोरखपुर में ही स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल हैं तो इस सरकार से प्रदेश की जनता क्या उम्मीद करें? सरकारी अस्पताल खुद बीमार हो चले हैं। दलालों के जाल में मरीज लुट रहे हैं।

रायबरेली के अस्पताल के मरीजों के खाने के लिए आलू की धुलाई पैरों से किए जाने का वीडियो वायरल हुआ है। इसी आलू से बनी गंदी सब्जी मरीजों, तीमारदारों को परोसी जाती है। भाजपा राज में अस्पतालों के ऐसे ही बुरे हालात हैं।
समाजवादी सरकार में कन्नौज में बेहतरीन अस्पताल बनवाए गए थे जिससे कन्नौज की स्थानीय जनता के साथ-साथ आसपास के जिलों की जनता को भी लाभ मिले लेकिन भाजपा सरकार ने यहां अस्पतालों में डॉक्टर, मेडिकल फैसिलिटी तक उपलब्ध नहीं।

इत्र नगरी कन्नौज में 10 हजार मरीजों पर एक डॉक्टर है। एक भी विशेषज्ञ डॉक्टर तैनात नहीं है। 11 सीएचसी में आंखों के डॉक्टर नहीं है। जिला अस्पताल में केवल एक महिला रोग विशेषज्ञ है जो सर्जरी के साथ ओपीड़ी भी सम्हालती है। गर्भवती महिलाओं का दर्द स्थानीय प्रशासकों को नहीं महसूस होता है।

सच तो यह है कि यूपी की स्वास्थ्य सेवाएं वेंटीलेटर पर चली गयी है। गोद में ऑक्सीजन सिलेंडर और मरीज को इलाज के लिए ले जाते दृश्य शर्मनाक है। अस्पतालों से लोग शव ठेलियों पर या कंधे पर लादकर ले जाने को मजबूर हैं। अब कहीं न टीम एलेवन दिखती है और न ही मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री का कहीं डर। जनता का स्वास्थ्य सरकार के खिलवाड़ की चीज बन गई है।

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