नमस्कार,दैनिक जनवाणी डॉटकॉम वेबसाइट पर आपका हार्दिक स्वागत और अभिनंदन है। ऑस्ट्रेलिया के अनुभवी सलामी बल्लेबाज उस्मान ख्वाजा ने इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास लेने की घोषणा कर दी है। इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेली जा रही 5 टेस्ट मैचों की एशेज सीरीज का आखिरी मुकाबला सिडनी क्रिकेट ग्राउंड (SCG) में खेला जाएगा, जो ख्वाजा के करियर का अंतिम टेस्ट मैच होगा। खास बात यह है कि इसी मैदान पर उन्होंने अपने टेस्ट करियर की शुरुआत भी की थी। एशेज सीरीज 2025-26 का यह आखिरी टेस्ट 4 जनवरी 2026 से शुरू होगा।
कैसा रहा उस्मान ख्वाजा का इंटरनेशनल करियर
उस्मान ख्वाजा ने साल 2010-11 की एशेज सीरीज में ऑस्ट्रेलिया के लिए टेस्ट डेब्यू किया था। तत्कालीन कप्तान रिकी पोंटिंग की चोट के चलते उन्हें टीम में मौका मिला। पाकिस्तान में जन्मे ख्वाजा ऑस्ट्रेलिया के लिए टेस्ट खेलने वाले पहले पाकिस्तान जन्मे खिलाड़ी बने। वह महज 4 साल की उम्र में अपने परिवार के साथ न्यू साउथ वेल्स आ गए थे।
सिडनी टेस्ट उनके करियर का 88वां टेस्ट मुकाबला होगा। अब तक खेले गए 87 टेस्ट मैचों में ख्वाजा ने 43.39 की औसत से 6,206 रन बनाए हैं, जिसमें 16 शतक और 28 अर्धशतक शामिल हैं। उनकी सर्वोच्च पारी 232 रन की रही है। इसके अलावा उन्होंने 40 वनडे मैचों में 1,554 रन और 9 टी20 इंटरनेशनल मैचों में 241 रन बनाए हैं।
संन्यास की घोषणा पर भावुक हुए ख्वाजा
संन्यास का ऐलान करते हुए उस्मान ख्वाजा भावुक नजर आए। उन्होंने कहा, “मैं सिडनी क्रिकेट ग्राउंड से थोड़ी ही दूर कुक रोड पर रहता था। बचपन में मैंने माइकल स्लेटर को उनकी लाल फरारी चलाते हुए देखा था। मुझे यकीन नहीं हुआ था कि मैंने अभी-अभी एक टेस्ट क्रिकेटर को देखा है। उस समय मेरे माता-पिता मुश्किल से घर चला पा रहे थे और हम एक छोटे से दो बेडरूम के अपार्टमेंट में रहते थे। उसी दिन मैंने सोचा था कि एक दिन मैं भी टेस्ट क्रिकेटर बनूंगा।”
ख्वाजा ने आगे कहा, “आज मैं यह घोषणा कर रहा हूं कि SCG टेस्ट के बाद मैं इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास ले लूंगा। मैं पाकिस्तान में जन्मा एक मुस्लिम लड़का हूं, जिसे कभी कहा गया था कि वह ऑस्ट्रेलिया के लिए क्रिकेट नहीं खेल पाएगा। आज मैं यहां हूं। मुझे उम्मीद है कि पाकिस्तान छोड़कर ऑस्ट्रेलिया आकर हमें बेहतर जिंदगी देने के लिए मेरे माता-पिता ने जो बलिदान दिया, उसका कर्ज मैं चुका सका हूं।”

