नमस्कार, दैनिक जनवाणी डॉटकॉम वेबसाइट पर आपका हार्दिक स्वागत और अभिनंदन है। जम्मू-कश्मीर में खराब मौसम और लगातार हो रही बारिश के कारण वैष्णो देवी यात्रा सातवें दिन भी स्थगित रही। मौसम विभाग की चेतावनी और मार्ग पर भूस्खलन की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने यह कदम उठाया। प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनज़र कटरा के आसपास स्थित होटलों और धर्मशालाओं को खाली करने का आदेश दिया है। अधिकारियों के मुताबिक, भारी बारिश के बाद भूस्खलन की स्थिति उत्पन्न हो सकती है, ऐसे में एहतियातन यह निर्णय लिया गया। यह सामान्य तौर पर पहला मामला है जब माता वैष्णो देवी की यात्रा लगातार सात दिनों तक बाधित रही है। 2020 में कोरोना महामारी और लॉकडाउन के समय यात्रा छह महीने तक बंद रही थी। 2021 में दूसरी लहर के दौरान यात्रा बंद नहीं हुई, लेकिन श्रद्धालुओं की संख्या बेहद कम रही। इसके बाद से कभी भी यात्रा में एक दिन का भी ब्रेक नहीं लगा था।
अर्धकुंवारी मार्ग पर हादसे के बाद रोक
जम्मू-कश्मीर में खराब मौसम और भूस्खलन की घटनाओं ने माता वैष्णो देवी यात्रा को ठप कर दिया है। अर्धकुंवारी मार्ग पर हुई लैंडस्लाइडिंग में 41 श्रद्धालुओं की मौत के बाद श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने सुरक्षा को देखते हुए यात्रा स्थगित करने का निर्णय लिया। लगातार सातवें दिन भी यात्रा पर विराम लगा रहा। आमतौर पर माता वैष्णो देवी यात्रा में रोजाना 30 से 40 हजार श्रद्धालु शामिल होते हैं। पर्यटन सीजन और नवरात्रों के दौरान यह संख्या 45 हजार से भी पार पहुंच जाती है। साल 2024 में 94.8 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने मां वैष्णो देवी के दर्शन किए थे। श्राइन बोर्ड की वेबसाइट के अनुसार 2025 में अब तक 52,48,862 श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं।
जम्मू-कश्मीर में हो रही भारी बारिश और भूस्खलन ने प्रशासन की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। रियासी और बाणगंगा मार्ग पर लगातार भूस्खलन हो रहा है। जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग भी पिछले छह दिनों से बंद पड़ा है, जिससे आम जनजीवन और यात्री आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हुई है। श्राइन बोर्ड और प्रशासन ने यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए बड़ा कदम उठाया है। कटरा स्थित आधार शिविर में होटल और धर्मशालाओं को खाली कराने के आदेश दिए गए हैं। हजारों श्रद्धालु दर्शन के इंतजार में असमंजस की स्थिति में हैं। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने 2 सितंबर तक भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है।
जानें कब होगी शुरुआत?
श्राइन बोर्ड और प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जब तक मौसम सामान्य नहीं होता और रास्ते सुरक्षित नहीं बन जाते, तब तक यात्रा शुरू नहीं की जाएगी। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने 2 सितंबर तक भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है। संभावना जताई जा रही है कि 3 सितंबर से हालात सामान्य होने पर यात्रा आंशिक रूप से बहाल की जा सकती है। फिलहाल प्रशासन हर 24 घंटे में हालात की समीक्षा कर रहा है।

