- यातायात नियमों की खुली पोल, पब्लिक परेशान
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: शहर की सड़कों पर बिना नंबर प्लेट के हजारों की संख्या में वाहन दौड़ रहे हैं। बिना नंबर प्लेट के सड़कों पर दौड़ने वाले वाहनों पर जहां एक तरफ चौराहों पर ट्रैफिक पुलिस मेहरबान हैं तो वहीं दूसरी तरफ निगम में जो ई-चालान का सेंटर बना है। वह भी ऐसे वाहनों का चालान काटने में खुद की बेबसी बताकर पल्ला झाड़ रहे हैं।
जबकि यदि किसी दुपहिया वाहन चालक के पास वाहन पर नंबर प्लेट के साथ आरसी, ड्राइविंग लाइसेंस से लेकर तमाम कागज उसके पास उपलब्ध हैं तो यदि वह चौराहे पर थोड़ा या सिग्नल पार किया तो उसका चालान तुरंत काट दिया जाता है।
महानगर में सड़कों पर हजारों की संख्या में ई-रिक्शा एवं दुपहियां वाहन जिसमें स्कूटी एवं बाइक अधिकतर बिना नंबर प्लेट के दौड़ रही है। इतना ही नहीं निगम के कई जर्जर वाहन भी जिनमें नंबर प्लेट के मानक पूरे नहीं हैं। ऐसे वाहन खुलेआम धड़ल्ले से दौड़ रहे हैं। जिन पर निगम में जो ई-चालान का सेंटर बना है। उस केंद्र पर बैठे अधिकारी खासे मेहरबान दिखाई दे रहे हैं। जहां एक तरफ चौराहों पर खड़ी पुलिस बिना नंबर प्लेट वाले वाहनों पर कोई कार्रवाई नहीं करती है।

वहीं, दूसरी तरफ ई-चालान काटने वाले निगम में केंद्र पर कर्मचारी या अधिकारियों का कहना है कि बना नंबर प्लेट वाले वाहनों का आखिर वह कैसे चालान काट सकते हैं। जबकि यदि कोई चौराहे पर सिग्नल लाइट को भूलवश क्रास कर जाये ओर वह गलती में सुधार का उस सिग्नल लाइन से पीछे भी हट जाये
तो उसका ई-चालान काटकर उसके मोबाइल नंबर पर जुर्माना जमा करने के लिए भेज दिया जाता है। वहीं, कांवड़ यात्रा के दौरान ट्रैफिक व्यवस्था में जुटे पुलिस कर्मियों की थोड़ी-सी गलती से न जाने कितने लोगों के पास ई-चालान पहुंच रहे हैं। जिसके चलते अब वाहन चालकों की परेशानी जरूर बढेÞगी।

