- सीएम योगी ने सरकारी स्कूलों में छात्रों की संख्या बढ़ाने पर दिया था जोर, मुहिम ने तोड़ा दम
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: सीएम योगी ने गत चार अप्रैल से स्कूल चलों अभियान की शुरुआत की थी। जिसमें पूरे प्रदेश में सरकारी स्कूलों में छात्रों की संख्या बढ़ाने पर जोर दिया गया था, लेकिन मेरठ समेत अन्य जिलों में यह मुहिम दम तोड़ गई है। न विद्यालयों में छात्रों की संख्या बढ़ी है न ही तय लक्ष्य को हासिल किया गया है।
मेरठ मंडल में बागपत, गाजियाबाद, सहारनपुर व मेरठ में 2022-23 सत्र में नए छात्रों के दाखिले की संख्या बेहद कम रही है। जिसको लेकर शासन स्तर पर नाराजगी जताई गई है। मेरठ खंड में शासन ने 1996 नए दाखिले का लक्ष्य दिया था, जबकि रजपुरा ब्लॉक में 1992 छात्रों, खरखौदा में 2012, जॉनी ब्लॉक में 1992, रोेहटा में 1995, सरधना में 2013, सरूरपुर में 1996, दौराला में 1998, मवाना ब्लॉक में 2006, माछरा ब्लॉक में 1985, परीक्षितगढ़ में 1991, हस्तिनापुर में 2024, मेरठ नगर में 3993 जबकि मवाना नगर को 344 नए दाखिलों का लक्ष्य दिया गया था, लेकिन वह पूरा नहीं हो सका।
मेरठ जिले के अलग-अलग खंडों को दिए गए लक्ष्य में नए दाखिलों का कुल लक्ष्य 28 हजार 337 रखा गया था, लेकिन 30 अप्रैल तक यह आंकड़ा केवल 12 हजार 646 तक ही सीमित होकर रह गया। यानी कुल लक्ष्य का 50 प्रतिशत भी पूरा नहीं हो सका। इसी तरह बागपत जिले में दिए गए लक्ष्य का महज 69.45 प्रतिशत, सहारनपुर में 79.43 जबकि गाजियाबाद में कुछ सुधार रहा जहां का आंकड़ा 83.3 प्रतिशत रहा है।
छुट्टियों के बाद चलेगा अभियान
इस समय सभी स्कूलों की छुट्टियां शुरू हो गई है, लेकिन शासन के कड़े रूख के बाद नए दाखिले करने के लिए सभी जिलों में अभियान चलाए जाने की बात सामने आ रही है। जिन जिलों में तय लक्ष्य से आंकड़ा ज्यादा कम होगा उनके बेसिक शिक्षा अधिकारी से जवाबदेही हो सकती है।

