- कई पीढ़ियों से मोहम्मद सुहेल बना रहे होलिका
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: रंगोत्सव यानि होली का त्योहार हर्षोल्लास के साथ मनाने की तैयारियां जोरों से शहर में की जा रही हैं। 28 मार्च को होलिका दहन किया जाएगा और 29 मार्च को रंगोत्सव होगा। होलिका दहन के लिए भी लोगों को अभी से ही तैयारियां शुरु कर दी हैं।
शहर में कई जगहों पर बड़े स्तर पर होलिका दहन पूजन का आयोजन किया जाता है। जिसके लिए होलिका बनाने वाले कारीगरों ने महीने भर पहले से ही तैयारियां शुरु कर दी थीं। बजाजा बाजार में होलिका बनाने का कार्य सालों से किया जा रहा है। वहीं, इनमें मुस्लिम परिवार कई पीढ़ियों से यह कार्य करता आ रहा है और हिंदू-मुस्लिम सौहार्द की मिसाल पेश कर रहा है।

बजाजा बाजार के मोहम्मद सुहेल होलिका बनाने का काम करते हैं। उन्होंने बताया कि इसके लिए वह होली का पर्व आने से महीनों पहले ही इस काम में जुट जाते हैं। खास बात यह है कि उनकी कुल छह पीढ़ियां होलिका बनाने का काम सालों से कर रही हैं।
उनके पहले उनके पिता और दादा भी यही कार्य करते थे और पूर्वजों का भी होलिका बनाने का कार्य ही रहा है। वहीं, मुस्लिम होने के बावजूद वह श्रद्धा से होलिका बनाने का कार्य करते हैं। जो कि हिंदू-मुस्लिम एकता का भी संदेश देता है। उन्होंने कहा कि पूर्वजों ने धर्म को लेकर भेदभाव करना नहीं सिखाया।
कार्य पर संक्रमण का भी पड़ा असर
सुहेल ने बताया कि इस बार कोरोना संक्रमण का असर भी कारोबार पर काफी दिख रहा है। पहले के मुकाबले आॅर्डर भी इस बार नहीं मिल सके हैं। उन्होंने बताया कि वह हर साल 200 से भी अधिक होलिका बनाते थे। लेकिन इस बार आंकड़ा 150 भी नहीं छू सका है। बताते चलें कि शहर में जगह-जगह होलिका दहन पर बड़े आयोजन किए जाते हैं। जिनमें मोहम्मद सुहेल के हाथों की बनी होलिका ही सजाई जाती है।

