- एक ही रात में तीन मौत हो जाने से गांव में दहशत का माहौल
- ग्रामीणों ने लगाये स्वास्थ विभाग पर लापरवाही के गंभीर आरोप
जनवाणी संवाददाता |
बुढ़ाना: कोतवाली क्षेत्र के गांव लुहसाना में एक ही रात में तीन मौत हो जाने से दहशत का माहौल है। पूर्व में भी गांव में बुखार के चलते कई मौत हो चुकी है। ग्रामीणों ने डेंगू बुखार से मौत होने का आरोप लगाया। सूचना पर पहुंची चिकित्सकों की टीम को ग्रामीणों ने खदेड़ दिया। ग्रामीणों के हंगामे की सूचना पर पहुंची पुलिस ने ग्रामीणों को शांत किया। ग्रामीणों ने चिकित्सा विभाग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों में चिकित्सा विभाग के खिलाफ काफी रोष बना हुआ है।
लुहसाना गांव में एक रात में ही महिला सहित तीन की मौत हो गई। गांव लुहसाना निवासी उमेश (50) पुत्र बीरसेन, निरंजन (55) पुत्र राजाराम और जूली (30) पत्नी प्रवेश को पिछले कई दिन से बुखार आ रहा था। परिजनों ने तीनों को अलग-अलग अस्पताल में भर्ती कराया था। सोमवार देर रात तीनों की मौत हो गई। एक ही रात में तीन मौत होने से गांव में दहशत फैल गई। ग्राम प्रधान मांगेराम राठी ने घटना की सूचना अधिकारियों तथा स्वास्थ्य विभाग को दी। घटना की सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में पहुंची। स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ आक्रोशित ग्रामीणों ने इस टीम को घेर लिया। ग्रामीणों के साथ हुई कहासुनी के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम को वापस लोटना पडा। ग्रामीणों के हंगामें की सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने ग्रामीणों को शांत किया। ग्रामीण बिजेंद्र, राजपाल, सुभाष, रामनिवास, पंकज व बिल्लू आदि ने बताया कि पूरा गांव बुखार की चपेट में है। स्वास्थ्य विभाग की टीम 15 दिन पहले भी आई थी। सेंपल लेकर दवाई देने की खानापूरी करने केे बाद वापस लोट गई थी। ग्राम प्रधान मांगेराम राठी का कहना है कि घटना की सूचना अधिकारियों को दी जा रही है।

ग्रामीणों ने किया चिकित्सा विभाग की टीम का विरोध
बुढाना: स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा गांव के पंचायत घर में एक चिकित्सा कैंप का आयोजन किया गया था। सूचना पर पहुंचे ग्रामीणों ने चिकित्सकों की टीम का जमकर विरोध किया। चिकित्सा विभाग द्वारा लगाए गए कैंप से ग्रामीण संतुष्ट दिखाई नहीं दिए। उत्तेजित ग्रामीणों ने प्रभारी चिकित्सा अधिकारी को हटाने की मांग की है।
तीन मौतों की खबर से गांव में पसरा सन्नाटा
बुढ़ाना: एक ही रात में तीन मौत होने से गांव में गमगीन माहौल है। मृतकों के परिजनों का बुरा हाल है।
सन्तवना देने के लिए मृतकों के घर ग्रामीणों का ताता लग गया है। गमगीन माहौल में तीनों का अंतिम संस्कार कर दिया गया है।
डेंगू के खौफ के चलते दो सप्ताह पहले यूवक ने की थी आत्मदाह की घोषणा
बुढाना: गांव लुहसाना शायद ऐसा कोई घर बचा हो जहां बुखार से पीड़ित ना हो। ऐसी स्थिति में ग्रामीणों में खौफ नजर आता दिखाई दे रहा है। गांव के ही पीड़ित सोनू सैनी ने करीब दो सप्ताह पहले एसडीम कार्यालय पर आत्मदाहा करने की चेतावनी दी थी। जिसके बाद प्रशासनिक अमले की नींद टूटी तथा गांव में आनन-फानन में एक चिकित्सकीय टीम भेजी गई थी। इस टीम ने अपनी कारगुजारी दिखाते हुए ग्रामीणों के रक्त के नमूने भरे औऱ दावा किया था कि गांव में कोई डेंगू पॉजिटिव नहीं है।

क्या कहते हैं ग्रामीण
बुढ़ाना: ग्रामीणों का कहना है कि स्वास्थ विभाग द्वारा दो सप्ताह पहले भी एक कैंप लगाया गया था। स्वास्थ विभाग की टीम ने सैकड़ों लोगों के सैंपल लिए थे और उनकी रिपोर्ट पांच मिनट के अंदर दे दी थी। किसी भी रिपोर्ट में डेंगू बुखार की पुष्टि नहीं की गई है। मरीजों की हालत बिगड़ने पर जब उन्हें मुजफ्फरनगर मेरठ भर्ती कराया गया वहां उनकी रिपोर्ट डेंगू पॉजिटिव आई है। स्वास्थ विभाग अपनी जिम्मेदारियों का ठीक तरह से निर्वहन नहीं कर रहा है। ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग के कैंप को एक खानापूर्ति करने वाला कैंप बताया। ग्रामीणों का आरोप है कि सभी मरीजों को एक जैसी ही दवाई दी गई है।उसके बाद पलटकर स्वास्थ विभाग के किसी भी कर्मचारी ने मरीजों के बारे में जानकारी नहीं ली। इस बात को लेकर ग्रामीण ने उच्च अधिकारियों से मिलने की बात कही।
क्या कहते हैं चिकित्सा प्रभारी
चिकित्सा प्रभारी अन्नू चौधरी का कहना है कि उमेश राठी पुत्र वीरसेन की मृत्यु हृदय गति रुकने के कारण हुई है।निरंजन कश्यप पुत्र राजाराम की मृत्यु गुर्दों की गंभीर बीमारी के कारण हुई। जबकि जूली पत्नी प्रवेश की मृत्यु दिमागी बुखार अथवा दिमाग में इन्फेक्शन होने के कारण हुई है। उन्होंने बताया हमारे अस्पताल में डेंगू के मरीजों के लिए पांच बेड आरक्षित है। हमारे यहां गांव से कोई भी मरीज नहीं आया। स्वास्थ विभाग द्वारा पहले भी गांव में कैंप लगाया जा चुका है। अब दोबारा से एक टीम का गठन कर घर-घर जाकर खून के सैंपल कलेक्शन किया जाएगे।सभी पीड़ित मरीजों का लैब में टेस्ट करा कर बुखारो के कारणों का पता किया जाएगा। सभी बुखार पीड़ितों को निशुल्क दवाइयां मोहोय्या कराई जाएगी।

