Monday, May 27, 2024
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वार्ड-88 का हाल बेहाल, पांच साल से रुके पड़े कार्य

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  • आज भी क्षेत्रवासी साफ-सुधरी सड़कों और पक्की नालियों को रहे तरस

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: नगर निगम पार्षदों का कार्यकाल दिसंबर 2022 में खत्म हो जायेगा। शहर में कई वार्डों में कार्य हुए तो कई वार्ड ऐसे भी हैं। जहां कार्य नहीं हुए, यहां विकास कार्यों में पूरी तरह से भेदभाव किया गया। पार्षदों के अनुसार क्षेत्र में कई बार कार्य के लिये पत्र लिखे गये, लेकिन उनका क्षेत्र अछूता रहा। अब कार्यकाल खत्म होने को हैं और क्षेत्र के लोग अब भी विकास कार्यों की बांट जोह रहे हैं। हम बात कर रहे हैं वार्ड-88 की, जोकि लिसाड़ी क्षेत्र में पड़ता है। यहां की जनता आज भी विकास के इंतजार में है।

क्षेत्र के वार्ड-88 की बात करें तो यहां क्षेत्र में श्याम नगर, तिरखापुरी, शालीमार गार्डन, मजीद नगर, मेवगढ़ी समेत तमाम बड़ा क्षेत्र आता है और यहां मुस्लिम आबादी निवास करती है। क्षेत्र में विकास कार्यों की बात की जाये तो आप अगर एक बार इस क्षेत्र में चले गये तो यहां की हालत को देखकर आप खुद ही कहेंगे कि आप कई वर्षों पीछे आ चुके हैं। यहां की सड़कें, नालियां खुद ही यहां की लापरवाही की गवाही देती नजर आएंगी। क्षेत्र में पिछले पांच सालों में न के बराबर ही कार्य हुए हैं।

पार्षद ने किया सात करोड़ के कार्य कराने का दावा

वार्ड-88 से समाजवादी पार्टी से पार्षद साबरा का कुछ समय पूर्व निधन हो चुका है। उनके पति तैय्यब की बात माने तो उनके क्षेत्र में सात करोड़ के कार्य कराये जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि पांच साल में सात करोड़ रुपये का कार्य करा चुकी हूं, वही अन्य क्षेत्रों में नगर निगम द्वारा पैसे न होने पर काम रुका हुआ है। मजीद नगर बिस्मिल्लाह मस्जिद के पास, वहीं शालीमार गार्डन अन्य पांच जगह कार्य रुका हुआ है। नगर निगम के पास पैसा न होने के कारण कार्य नहीं हो पा रहे हैं।

सड़कों पर भरा नालियों का पानी दे रहा गवाही

क्षेत्रीय नागरिक सूफी आसान ने बताया कि उनके क्षेत्र में गंदगी का अंबार है। सालों से यहां विकास कार्य नहीं हुए हैं। गलियों में टायल्स आदि नहीं लगाई गर्इं हैं। नालियां टूटी पड़ी हैं, जिस कारण अक्सर लोगों को परेशान होना पड़ता है। सीवरेज सिस्टम है ही नहीं, जिस कारण घरों का पानी सड़कों पर भरा रहता है। जोकि घरों तक पहुंच जाता है और खामियाजा आम जनता को उठाना पड़ता है। आज भी लोग परेशान हैं और हर समय फैली गंदगी के कारण लोगों को बीमार होने का डर सताता रहता है।

नहीं लगे हैंडपंप और न उठा कूड़ा

क्षेत्रीय नागरिक साजिद ने बताया कि श्याम नगर, शालीमार गार्डन समेत तमाम क्षेत्रों में गंदगी का अंबार है। घर-घर से कूड़ा उठाने की बात कही जा रही है, लेकिन यहां फैली गंदगी खुद ही इसका जीता जागता सुबूत देती है। ऐसा लगता है कि यहां सालों से कूड़ा ही न उठा हो। इसके अलावा क्षेत्रों में हैंडपंप की बात की जाये तो जो हैंडपंप लगे हैं। उनकी हालत खस्ता हो चुकी है। उन्हें रीबोर कराने की आवश्यकता है, लेकिन कई बार शिकायतों के बावजूद उन्हें ठीक नहीं कराया जा रहा है।

नहीं बनीं सड़क, गड्ढों से गुजरते हैं लोग

क्षेत्रीय नागरिक इरशाद ने बताया कि क्षेत्र की सड़कों की बात की जाये तो यहां हालात काफी खराब हैं। लिसाड़ी चौराहे से शालीमार गार्डन की ओर जाने वाला मार्ग जगह-जगह से टूटा पड़ा है। जिस कारण यहां लोगों को परेशान होना पड़ता है। हर समय इन खराब सड़कों के कारण हादसा होने का डर सताता रहता है, लेकिन क्षेत्र के जनप्रतिनिधि इस ओर कोई ध्यान नहीं देते हैं। श्याम नगर की गलियों में तो आज तक कोई कार्य हुआ ही नहीं है। जिस कारण लोग और भी परेशान हैं।

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