Monday, March 23, 2026
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आज दोपहर 3.28 बजे से चढ़ेगा त्रयोदर्शी का जल

  • शिवरात्रि पर औघड़नाथ मंदिर में जलाभिषेक के लिए उमड़ने लगा कांवड़ियों का सैलाब

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: शिवालयों में त्रयोदर्शी का जल चढ़ाने का सिलसिला आज दोपहर बाद 3.28 बजे से शुरू हो जाएगा। जबकि चतुर्दशी यानि शिवरात्रि पर जलाभिषेक शुक्रवार को 3.26 बजे से शुरू हो सकेगा। शिवरात्रि को लेकर बाबा औघड़नाथ मंदिर समिति की ओर से सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। शिवरात्रि पर तीन लाख से अधिक शिवभक्तों के मंदिर पहुंचकर जलाभिषेक करने का अनुमान है।

शिवभक्तों की सुरक्षा और सुविधाओं को दृष्टिगत रखते हुए समिति की ओर से शिव मंदिर के प्रथम तल पर कंट्रोल रूम बनाया गया है, जिसमें पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी 23 सीसीटीवी कैमरों की मदद से चप्पे-चप्पे पर नजर रख सकेंगे। जलाभिषेक के लिए उमड़ने वाले शिवभक्तों की सुविधा को देखते हुए गुरुवार और शुक्रवार को दोनों दिन मंदिर 24 घंटे खुला रखने का निर्णय लिया गया है।

मंदिर समिति के अध्यक्ष सतीश सिंघल और प्रबंधक दिनेश मित्तल ने बताया कि बुधवार से मंदिर के सामने 25 स्टाल के माध्यम से विभिन्न समाजसेवियों की ओर से निशुल्क प्रसाद वितरण की व्यवस्था की गई है। प्रसाद वितरण का यह सिलसिला दो अगस्त तक चलेगा। इस बीच मंदिर में कांवड़ियों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया है। गुरुवार से त्रयोदर्शी और शिवरात्रि पर जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए मंदिर समिति की ओर से व्यवस्था के लिए बैरिकेडिंग कराई गई है।

मंदिर में आने वाले शिवभक्तों के लिए मंदिर के गरुड़ द्वार से प्रवेश और नंदी द्वार से निकासी की व्यवस्था की गई है। मंदिर में जलाभिषेक करने के लिए आने वाले श्रद्धालुओं के लिए समिति की ओर से लोटों की व्यवस्था कराई गई है। जूते चप्पल स्टैंड, खोया पाया केंद्र की भी व्यवस्था कराई गई है। शिव मंदिर के प्रथम तल पर बनाए गए कंट्रोल रूम का नियंत्रण प्रशासनिक अधिकारियों को सौंप दिया गया है। मंदिर समिति के पदाधिकारी और सदस्य आगामी दो दिनों में मंदिर परिसर में मौजूद रहेंगे।

बिजली की वैकल्पिक व्यवस्था के लिए तीन जनरेटर की व्यवस्था कराई गई है। मंदिर परिसर में कांवड़ियों के विश्राम के लिए सत्संग भवन में व्यवस्था रहेगी। बाबा औघड़नाथ मंदिर के साथ-साथ बिल्वेश्वर महादेव मंदिर समेत सभी शिवालयों में शिवरात्रि पर जलाभिषेक की तैयारियों को लेकर सभी व्यवस्थाएं पूर्ण करा ली गई हैं।

वहीं मंदिर के सामने रोड के दोनों ओर विभिन्न शिविरों के माध्यम से शिवभक्तों की सेवा के लिए शिविर लगाने का काम भी किया गया है। साथ ही मंदिर के बाहर शिवरात्रि मेले का आयोजन किया गया है, जिसमें काफी संख्या में आए दुकानदारों ने धार्मिक और घरेलू उपयोग की सामग्री की बिक्री करने की व्यवस्था की है।

सर्वार्थ सिद्धि योग के शुभ संयोग में होगा शिवरात्रि का जलाभिषेक

मेरठ: श्रावण मास में पड़ने वाली शिवरात्रि के दिन भगवान शिव की पूजा करने से वे जल्दी प्रसन्न होते हैं और भक्तों की मनोकामना पूर्ण करते हैं। इस दिन शिवजी की पूजा करने से अविवाहितों को मनचाहे जीवनसाथी की प्राप्ति होती है। ज्योतिषाचार्य के अनुसार प्रदोष तिथि यानी एक अगस्त को व्रत रखकर इस दिन सूर्योदय के वक्त शिवलिंग पर जल चढ़ाना चाहिए। साथ ही शाम को सूर्यास्त के वक्त शिवजी की विशेष पूजा करनी चाहिए। इस साल की सावन शिवरात्रि के दिन सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहा है।

भारतीय ज्योतिष विज्ञान परिषद के चैप्टर चेयरमैन ज्योतिषाचार्य आचार्य मनीष स्वामी ने बताया कि इस दिन सुबह-शाम शिवलिंग पर बिल्व पत्र और सफेद फूलों की माला चढ़ाएं। साथ ही घी का दीपक लगाएं। शिव पुराण के मुताबिक ये दोनों तिथियां शिव पूजन के लिए बेहद खास मानी जाती हैं। इन तिथियों में जल और दूध से शिवलिंग की पूजा-अभिषेक करने से बीमारियां दूर होती हैं और उम्र भी बढ़ती है। हर तरह की परेशानियों से भी छुटकारा मिलता है।

शिव पुराण में बताया गया है कि फलों के रस से शिवजी का अभिषेक करने से हर तरह की शारीरिक और मानसिक परेशानियां दूर होती हैं। इसके बाद शिवलिंग पर मदार, धतूरा और बेलपत्र चढ़ाना चाहिए। मान्यताओं के अनुसार, शिवरात्रि के दिन व्रत करके शिवजी की पूजा करने से जीवन में चल रही समस्याओं से मुक्ति मिलती है। सावन माह में शिवरात्रि का व्रत करने से व्यक्ति को सुख-समृद्धि के साथ भगवान शिव और माता पार्वती का आशीर्वाद भी मिलता है।

सावन शिवरात्रि व्रत तथा शुभ मुहूर्त

भारतीय ज्योतिष विज्ञान परिषद के चैप्टर चेयरमैन ज्योतिषाचार्य आचार्य मनीष स्वामी ने बताया कि पंचांग के अनुसार सावन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि दो अगस्त को दोपहर 03 बजकर 26 मिनट पर प्रारंभ होगी और इसके अगले दिन तीन अगस्त को दोपहर 03 बजकर 50 मिनट पर समाप्त होगी। ऐसे में सावन शिवरात्रि का पर्व दो अगस्त को मनाया जाएगा।

  • शिवरात्रि के दिन पूजा के लिए शुभ मुहूर्त दोपहर 12:15 से 3 अगस्त को 1:00 बजे तक रहेगा।
  • उदया तिथि के अनुसार, सावन शिवरात्रि का व्रत दो अगस्त को रखा जाएगा।
  • शिवरात्रि पर जलाभिषेक के बाद ही कांवड़ यात्रा संपूर्ण होगी।
  • सावन शिवरात्रि पर जलाभिषेक करेंगे कांवड़ यात्री, रात्रि के समय जलाभिषेक करना शुभ।
  • त्रयोदशी-चतुर्दशी के संधि काल के शुभ मुहूर्त मे होगा जलाभिषेक।
  • चतुर्दशी (कांवड़ का जलाभिषेक)-दोपहर-03:27 से शनिवार सुबह-09:30 तक।
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