Sunday, May 31, 2026
- Advertisement -

बिन फेरे सिंदूर का क्या मोल

कभी एक फिल्म आई थी-बिन फेरे हम तेरे। इस फिल्म में सप्तपदी और मांग में सिंदूर का मोल बताया गया था। उसके बाद वैवाहिक सम्बन्धों में अधूरे पन से जुड़ी अनेक फिल्में प्रकाश में आईं। कुछ प्रेमानुभूति व्यक्त करने वाले गीत भी कानों में रस घोलते गए। जैसे कभी कभी मेरे दिल में ख्याल आता है कि जैसे तुझको बनाया गया है मेरे लिए। तू अभी तक सितारों में बस रही थी कहीं, तुझे जमीं पे उतारा गया है मेरे लिए। यह सिर्फ किसी फिल्म का गीत नहीं था, इसमें सिंदूर की भूमिका का समावेश था। एक चुटकी सिंदूर को मांग में सजाने के लिए मांग भरो सजना फिल्म बनी। बहरहाल सिंदूर एक पहचान है, जो विवाहित और अविवाहित महिलाओं के बीच भेद बताता है। इसे विवाहित होने का जीता जागता प्रमाण पत्र भी कह सकते हैं। आजकल सिंदूर चर्चा में है। पूरे देश में सिंदूर की चर्चा है, जिसे सिंदूर का अर्थ और महत्व नहीं मालूम, वह सिंदूर पर बहुत गंभीर है।

एक बात तो है कि जब तक विवाह संपन्न नहीं होता, तब तक शादी के लड्डू का आकर्षण अधिक रहता है। विवाह में वर द्वारा वधू की मांग में सिंदूर भरकर गृहस्थ पथ पर अग्रसर होने का संकल्प लिया जाता है। बाद में जब गृहस्थ की गाड़ी बात बात पर डगमगाती है, तो एक चुटकी सिंदूर की कीमत सबको याद आती है। पति पत्नी शादी के दिन को याद करते हैं तथा उस घड़ी को कोसते हैं, जब दोनों ने शादी के लड्डू का भोग लगाया था यानी शादी का लड्डू खाया था। उन्हें घर के बुजुर्गों का शादी के लड्डू के संबंध में वह अनुभव जनित निष्कर्ष याद आता है, जिसमें बताया गया था, कि शादी ऐसा लड्डू है, जिसने भी उसे खाया वह पछताया, जिसने नहीं खाया, वह भी पछताया।

चौपाल पर चर्चा, चाय पर चर्चा आम बात है। सिंदूर पर चर्चा खास बात है। यह चर्चा उस समय खास बन जाती है, जब चर्चा में वे लोग भाग लेते हैं, जिनका या तो सिंदूर से कभी नाता ही न रहा हो या नाता रहा हो, तो जिसने सिंदूर का कभी सम्मान न किया हो। राधा ने माला जपी श्याम की, मैंने ओढ़ी चुनरिया तेरे नाम की, जैसी भावना रखने वाली समर्पिता जब किसी के नाम का सिंदूर अपनी मांग में सजाती है, तो उसी की बनकर रह जाती है। एक चुटकी सिंदूर की कीमत वही जानती है, जिसने कभी किसी के नाम का सिंदूर अपनी मांग में भरा हो।

किसी ने कहा, कि वह घर घर सिंदूर बांटेंगे। किसी ने कहा कि नहीं बांटेंगे। किसी ने कहा कि क्यों बांटेंगे? क्या सिंदूर भी बांटने की वस्तु है? फिर भी अजीब सा लगा कि सिर्फ सिंदूर ही क्यों? साथ में सुहाग की अन्य निशानियां क्यों नहीं, रंग बिरंगी बिंदियां, हरी हरी चूड़ियां, पायल, बिछुवे, कंगन तथा अन्य सौंदर्य प्रसाधन भी साथ में भिजवा देते, तो गरीब सुहागिनों का कुछ भला हो जाता। लगता है कि सिंदूर भी सियासी महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने का एक माध्यम बन गया है। यही सिंदूर पर चर्चा को हास्यास्पद बनाता है। सिंदूर गाथा बंद होनी चाहिए।

spot_imgspot_img
[tds_leads title_text="Subscribe" input_placeholder="Email address" btn_horiz_align="content-horiz-center" pp_checkbox="yes" pp_msg="SSd2ZSUyMHJlYWQlMjBhbmQlMjBhY2NlcHQlMjB0aGUlMjAlM0NhJTIwaHJlZiUzRCUyMiUyMyUyMiUzRVByaXZhY3klMjBQb2xpY3klM0MlMkZhJTNFLg==" f_title_font_family="467" f_title_font_size="eyJhbGwiOiIyNCIsInBvcnRyYWl0IjoiMjAiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIyMiIsInBob25lIjoiMzAifQ==" f_title_font_line_height="1" f_title_font_weight="700" msg_composer="success" display="column" gap="10" input_padd="eyJhbGwiOiIxNXB4IDEwcHgiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMnB4IDhweCIsInBvcnRyYWl0IjoiMTBweCA2cHgifQ==" input_border="1" btn_text="I want in" btn_icon_size="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIxNyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTUifQ==" btn_icon_space="eyJwb3J0cmFpdCI6IjMifQ==" btn_radius="3" input_radius="3" f_msg_font_family="394" f_msg_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTEiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiJ9" f_msg_font_weight="500" f_msg_font_line_height="1.4" f_input_font_family="394" f_input_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTEiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiJ9" f_input_font_line_height="1.2" f_btn_font_family="394" f_input_font_weight="500" f_btn_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsImxhbmRzY2FwZSI6IjExIiwicG9ydHJhaXQiOiIxMCJ9" f_btn_font_line_height="1.2" f_btn_font_weight="700" f_pp_font_family="394" f_pp_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsImxhbmRzY2FwZSI6IjEyIiwicG9ydHJhaXQiOiIxMSJ9" f_pp_font_line_height="1.2" pp_check_color="#000000" pp_check_color_a="var(--metro-blue)" pp_check_color_a_h="var(--metro-blue-acc)" f_btn_font_transform="uppercase" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLWJvdHRvbSI6IjYwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9LCJsYW5kc2NhcGUiOnsibWFyZ2luLWJvdHRvbSI6IjUwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9LCJsYW5kc2NhcGVfbWF4X3dpZHRoIjoxMTQwLCJsYW5kc2NhcGVfbWluX3dpZHRoIjoxMDE5LCJwb3J0cmFpdCI6eyJtYXJnaW4tYm90dG9tIjoiNDAiLCJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBvcnRyYWl0X21heF93aWR0aCI6MTAxOCwicG9ydHJhaXRfbWluX3dpZHRoIjo3NjgsInBob25lIjp7ImRpc3BsYXkiOiIifSwicGhvbmVfbWF4X3dpZHRoIjo3Njd9" msg_succ_radius="2" btn_bg="var(--metro-blue)" btn_bg_h="var(--metro-blue-acc)" title_space="eyJwb3J0cmFpdCI6IjEyIiwibGFuZHNjYXBlIjoiMTQiLCJhbGwiOiIxOCJ9" msg_space="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIwIDAgMTJweCJ9" btn_padd="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiIsInBvcnRyYWl0IjoiMTBweCJ9" msg_padd="eyJwb3J0cmFpdCI6IjZweCAxMHB4In0=" f_pp_font_weight="500"]

Related articles

CBSE रिजल्ट विवाद: राहुल गांधी ने छात्रों से की बातचीत, सरकार पर उठाए सवाल

जनवाणी ब्यूरो | नई दिल्ली: लोकसभा में विपक्ष के नेता...

Ahilyabai Holkar: लोकमाता अहिल्याबाई होलकर को पीएम मोदी ने दीं श्रद्धांजलि, कहा– देश हमेशा रहेगा ऋणी

जनवाणी ब्यूरो | नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार...

PM Modi: राज्यसभा चुनाव से पहले बीजेपी की बड़ी बैठक, उम्मीदवारों के नामों पर आज लगेगी मुहर?

जनवाणी ब्यूरो | नई दिल्ली: दिल्ली में रविवार को प्रधानमंत्री...

CUET UG 2026: तकनीकी खराबी के बाद NTA ने लिया फैसला, प्रभावित छात्रों को मिलेगा दूसरा मौका

जनवाणी ब्यूरो | नई दिल्ली: राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने...
spot_imgspot_img