- रैपिडएक्स: ट्रेन के भूमिगत संचालन को लेकर काफी उत्साहित है एनसीआरटीसी
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: रैपिडएक्स ट्रेन के लिए तैयार हो रहे ढांचे का निर्माण अब अपने अन्तिम चरण की ओर बढ़ चला है। दिल्ली-मेरठ कॉरिडोर के प्रायोरिटी सेक्शन पर जहां सब कुछ ‘ओके’ है, बस हरी झंडी का इंतजार है वहीं बाकी्रके सेक्शन पर काम बेहद तेजी के साथ अंजाम की ओर बढ़ रहा है। मेरठ की सभी छह सुरंगों में भी अब ट्रैक बिछाने के काम में तेजी आ गई है।
एनसीआरटीसी अधिकारियों के अनुसार रैपिडएक्स के बचे हुए ‘कन्सट्रक्शन वर्क’ को तय समय सीमा या फिर इससे पूर्व भी मुकम्मल किया जा सकता है। रैपिड अधिकारियों के अनुसार मेरठ में कुल छह सुरंगों में ट्रैक बिछाने का काम तेजी से किया जा रहा है। मेरठ में सुरंगोें की खुदाई का काम एक टेढ़ी खीर था जिसे पूरा करना अपने आप में काफी कठिन था। एनसीआरटीसी अधिकारियों के अनुसार आधुनिक तकनीक व इंजीनियर्स के बल पर उन्होंने इस किले को फतह किया

जिस कारण अब खुद एनसीआरटीसी मेरठ में रैपिड एवं मेट्रो के भूमिगत संचालन के लिए काफी उत्साहित है। एनसीआरटीसी के एक अधिकारी ने बताया कि मेरठ शहर के पुराने हिस्से में जो तीव्र मोड़ एंव कुछ जर्जर इमारते हैं उनके नीचे से सुरंगों की खुदाई करना अपने आप में काफी चुनौतीपूर्ण कार्य था लेकिन तकनीक के बल पर कामयाबी हासिल हुई। मेरठ में बनी जिन सुरंगों में ट्रैक बिछाने का काम चल रहा है
उन सुरंगों का कुल व्यास साढ़े छह मीटर है जो दुनिया भर में निर्मित दूसरी सुरंगों के वैश्विक बेंचमार्क की तुलना में काफी अनुकूलित है। रैपिडएक्स अधिकारियों के अनुसार मेरठ में रैपिड व मेट्रो ट्रेन संचालन के लिए बनाई गर्इं सुरंगों में जारी ट्रैक बिछाने का काम शीघ्र पूरा लिया जाएगा। गौरतलब है कि मेरठ में जो भूमिगत सुरंगे बनाई गई हैं उनकी कुल लम्बाई साढ़े पांच किलोमीटर है।

