जनवाणी ब्यूरो |
लखनऊ: देश को जगाने का काम साहित्यकारों ने किया है। मेरे पिता स्व. डीपी बोरा ने हिन्दी आन्दोलन किया था। यह बात लखनऊ से उत्तरी क्षेत्र के विधायक डॉ. नीरज बोरा ने कही। वह रविवार को श्री रामलीला समिति ऐशबाग एवं अखिल भारतीय साहित्य परिषद के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कृतियों की उड़ान से समीक्षा-ग्रंथ के लोकार्पण एवं सम्मान समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। समारोह का आयोजन ऐशबाग रामलीला मैदान के तुलसी सभागार में हुआ।
मुख्य अतिथि विधायक डॉ. बोरा, एमएलसी पवन सिंह चौहान और प्रसिद्ध लोक साहित्यकार डॉ. विद्या बिन्दु सिंह ने 91 साहित्यकारों की पुस्तकों की समीक्षात्मक पुस्तक ग्रंथ कृतियों की उड़ान से समीक्षा-ग्रंथ का लोकार्पण किया।समारोह में कवि कुमार तरल, श्रीरामलीला समिति के अध्यक्ष हरिश चन्द्र अग्रवाल व महामंत्री आदित्य द्विवेदी ने डॉ. ओम प्रकाश पांण्डेय, डॉ. हरिओम, सहित 24 से अधिक साहित्यकारों को पुष्प गुच्छ, अंग वस्त्र और स्मृति चिन्ह भेंट कर कृतियों की उड़ान समीक्षा सम्मान से सम्मानित किया। कार्यक्रम का संचालन शिव मंगल सिंह ने किया।

