Saturday, March 14, 2026
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योगेश के प्रोफाइल ने मचाई खलबली

  • प्रोफाइल में योगेश वर्मा ने मेरठ-हापुड़ लोकसभा लिख दिया, जिससे राजनीतिक गलियारों में पैदा हो गई हलचल

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: मंगलवार को पूर्व विधायक योगेश वर्मा ने फेसबुक पर प्रोफाइल का बदला, राजनीतिक क्षेत्र में खलबली मच गई। प्रोफाइल में योगेश वर्मा ने मेरठ-हापुड़ लोकसभा लिख दिया, जिसके बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा हो गई। दरअसल, योगेश वर्मा ने लोकसभा चुनाव से ठीक पहले प्रोफाइल चेंज कर राजनीतिक संदेश देने का प्रयास किया हैं। योगेश की पत्नी सुनीता वर्मा नगर निगम में मेयर भी रह चुकी हैं। इस वजह से भी उनकी लोकसभा क्षेत्र में मजबूत पकड़ मानी जाती हैं। इस वजह से भी राजनीतिक दलों में उनकी प्रोफाइल चेंज होने मात्र से चर्चा आम हो गई हैं। दिन भर इसी को लेकर चर्चा चलती रही।

वर्तमान में योगेश वर्मा सपा से जुड़े हुए हैं। पिछला विधानसभा का चुनाव योगेश वर्मा ने हस्तिनापुर सुरक्षित सीट से सपा के चुनाव चिन्ह पर लड़ा था। हालांकि योगेश वर्मा विधानसभा चुनाव में भाजपा के दिनेश खटीक से हार गए थे। उन्होंने ये चुनाव भी मजबूत लड़ा था। हार की कई वजह रही। इस पर लंबी चर्चा हो जाएगी। अब तो उनके प्रोफाइल पर ही चर्चा हो रही हैं। लोकसभा के चुनाव में सपा के पास गैर मुस्लिम ऐसा चेहरा नहीं है, जो अपने दम पर मुस्लिमों के साथ अपनी बिरादरी को प्लस कर सके। क्योंकि मेरठ लोकसभा सीट भाजपा का गढ़ रही हैं।

भाजपा को हराना इतना आसान नहीं हैं, लेकिन मुस्लिम व दलितों का गठजोड़ भाजपा के लिए बड़ी चुनौती बन सकता हैं। सपा की परंपरागत वोट भी इसमें प्लस हो सकती हैं, जिसको लेकर राजनीतिक गलियारों में भी चर्चाएं हो रही हैं। योगेश वर्मा को दलित नेता माना ही नहीं जाता, बल्कि उनके साथ दलितों का एक बड़ा वर्ग जुड़ा हुआ हैं। मुस्लिम और दलित गठजोड़ मेरठ-हापुड़ लोकसभा में चल गया तो भाजपा को दिन में तारे दिखा सकता हैं। इस बात को सपा के राष्टÑीय अध्यक्ष अखिलेश यादव भी जानते हैं,

लेकिन सपा में इतनी खींचतान मेरठ में चल रही हैं कि प्रत्येक नेता एक-दूसरे नेता को नीचा दिखाने में लगे रहते हैं। सपा नेताओं की एकजुटता कहीं नहीं दिखती। हाल ही में कलक्टेÑट में सपा विधायक अतुल प्रधान का आमरण-अनशन चला। इस आंदोलन से सपा के बड़े नेताओं ने दूरिया बनाकर रखी। ये दूरी भी सपा के लिए घातक साबित हो रही हैं। सपा के राष्टÑीय अध्यक्ष अखिलेश यादव भी सपाइयों को एकजुट नहीं कर पा रहे हैं, जिसका नुकसान सपा को जनपद में हो रहा हैं। नगर निकाय चुनाव में भी सपा नेताओं के बीच खींचतान रही थी, जिसके चलते मुस्लिम वोटों का बटवारा हो गया था।

पार्टी से आदेश मिला तो लडूंगा चुनाव

पूर्व विधायक योगेश वर्मा ने कहा कि पार्टी हाईकमान से आदेश मिला तो मेरठ-हापुड़ लोकसभा सीट से चुनाव लडूंगा। उन्होंने कहा कि नगर निगम से उनकी पत्नी सुनीता वर्मा मेयर रह चुकी हैं। फिर पार्टी के राष्टÑीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से भी मिलकर अपनी लोकसभा के लिए दावेदारी की जाएगी।

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