- टीम इंडिया के दिग्गज खिलाड़ियों ने वर्ल्ड कप से बनाई थी दूरी
- पाक को हराकर भारत ने जीता था पहला टी-20 विश्व कप
ज्ञान प्रकाश |
मेरठ: किसी ने ख्वाब में भी नहीं सोचा होगा कि 2007 में दक्षिण अफ्रीका में होने वाला पहला टी-20 विश्व कप आने वाले समय में क्रिकेट बोर्डों की कमाई का बड़ा जरिया बनेगा बल्कि फटाफट क्रिकेट को नई हवा देगा। इस पहले विश्व कप में भले ही टीम इंडिया ने पहला खिताब जीतने में सफलता हासिल की हो, लेकिन जिस तरह अन्य टीमों ने प्रदर्शन किया था उससे साफ लगने लगा था कि फटाफट क्रिकेट में आने वाले समय में रोमांच की पराकाष्ठा देखने को मिलेगी।
इस वर्ल्ड कप की यादगार कहानियों में इंग्लैंड के खिलाफ क्रिस ब्राड के एक ओवर में युवराज सिंह के द्वारा मारे गए छह छक्के कभी नहीं भुलाए जा सकते हैं। इसी तरह फाइनल में पाकिस्तान के खिलाफ मैच का आखिरी ओवर में जोगेन्द्र सिंह की गेंदबाजी भी यादगार बन गई। हैरानी की बात यह है कि इस विश्व कप में खेलने के लिए सचिन तेंदुलकर, राहुल द्र्रविड़, सौरव गांगुली और जहीर खान जैसे तमाम दिग्गज खिलाड़ियों ने नहीं शामिल होने को फैसला किया था।
टी-20 विश्व कप में एमएस धौनी को इस टूर्नामेंट में भारत का कप्तान चुना गया था और भारत ने 1983 विश्व कप के बाद सबसे बड़ी जीत दर्ज की। भारत ने आॅस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका और इंग्लैंड को हराकर फाइनल में जगह बनाई थी। स्कॉटलैंड के खिलाफ ड्रॉ और पाकिस्तान से मुकाबला जीतने के बाद भारतीय टीम को सुपर आठ मुकाबले में न्यूजीलैंड, इंग्लैंड और मेजबान दक्षिण अफ्रीका से भिड़ना था।
भारत का यह सफर बिल्कुल भी आसान नहीं रहने वाला था और इसकी झलक पहले ही मुकाबले में देखने को मिली जब न्यूजीलैंड ने भारत को 10 रनों से हरा दिया। हालांकि इसके बाद भारत ने पीछे मुड़कर नहीं देखा और इंग्लैंड को 18 रनों से मात देने के साथ ही मेजबान दक्षिण अफ्रीका को भी 37 रनों से हराते हुए सेमीफाइनल में प्रवेश किया। युवराज सिंह ने डरबन के किंग्समीड मैदान पर इंग्लैंड के खिलाफ एक ओवर में छह छक्के जड़कर इतिहास रच दिया था। युवराज ने तेज गेंदबाज स्टुअर्ट ब्रॉड के ओवर में यह करिश्मा किया था।
युवराज ने छह छक्के लगाने के साथ ही केवल 12 गेंदों पर ही अपना अर्धशतक भी पूरा किया था। यह विश्व कप युवराज सिंह के बेहतरीन प्रदर्शन के लिए याद किया जाता है। सेमीफाइनल मुकाबले में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए युवराज सिंह के 30 गेंदों पर 70 रनों की ताबड़तोड़ पारी की बदौलत 188 रन बनाए थे। जवाब में आॅस्ट्रेलिया की टीम 20 ओवर में 173 रन ही बना सकी और टीम इंडिया ने इस मुकाबले को 15 रनों से जीता था।
फाइनल मुकाबले में टीम इंडिया ने पहले बल्लेबाजी करते हुए गौतम गंभीर के शानदार 75 रनों की बदौलत 157 रन बनाए थे। पाकिस्तान की तरफ से उमर गुल ने 4 ओवर में 28 रन देकर 3 विकेट लिए थे। 158 रनों का पीछा करने उतरी पाकिस्तान की टीम ने 77 रनों के स्कोर पर अपने 6 विकेट गंवा दिए थे। अंतिम ओवर में पाकिस्तान को जीत के लिए 13 रन बनाने थे और उसके पास महज 1 विकेट शेष था।
जोगिंदर शर्मा की पहली दो गेंद पर इनफॉर्म बल्लेबाज मिस्बाह ने एक छक्के की बदौलत 7 रन बना लिए थे। पाकिस्तान को अंतिम 4 गेंद पर जीत के लिए महज 6 रन बनाने थे। उन्होंने मिस्बाह को आॅफ स्टंप के बाहर गेंद डाली। मिस्बाह ने फाइन लेग पर स्कूप शॉट खेला और शॉर्ट फाइन लेग पर खड़े श्रीसंत ने कैच पकड़ लिया। भारत ने पाकिस्तान को 5 रन से हराकर पहला टी-20 विश्व कप जीत लिया।
एक नजर, स्कोर कार्ड
भारत-157/5
- गौतम गंभीर-75, रोहित शर्मा-30, यूसुफ पठान-15, युवराज सिंह-14
- गेंदबाजी-उमर गुल-28/3, आसिफ-25/1, सोहेल तनवीर-29/1
पाकिस्तान -152/10
- मिस्बाह उल हक-43, यूनुस खान-24, यासिर अराफात-15
- गेंदबाजी-आरपी सिंह-26/3, इरफान पठान-16/3, जोगेन्द्र शर्मा-20/2

