जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: चौधरी चरण सिंह विवि व उससे संबंधित मेरठ और सहारनपुर मंडल के कॉलेजों में इस समय यूजी प्रथम वर्ष की प्रवेश प्रक्रिया चल रही है। कोविड-19 की वजह से इस वर्ष सीसीएसयू और उससे संबंधित कॉलेजों की सीटे भर पाना मुश्किल हो रहा है। एडेड कॉलेजों में तो फिर भी सीटें भरने को हैं, लेकिन सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों में स्थिति बेहद खराब है। विवि की ओर से सीटे न भर पाने की वजह फिर रजिस्ट्रेशन खोलने की तैयारी है।
जबकि विवि यूजी प्रथम वर्ष की सीटें भरने के लिए दो मेरिट व दो ओपन मेरिट जारी करने के साथ ही एक बार रजिस्ट्रेशन और खोल चुका है। ऐसे में यदि विवि सीटें भरने में ही अटका रहेगा तो नए सत्र की शुरुवात कैसे होगी। इससे तो सत्र को शून्य कर दिया जाता तो ही बेहतर रहता।
बता दें कि सीसीएसयू में दूसरी ओपन मेरिट से इस समय यूजी के लिए प्रवेश प्रक्रिया चल रही हैं,जो कि 2 दिसंबर को खत्म होगी। उसके साथ ही विवि की ओर से फिर रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया खोलने की तैयारी की जा रही हैं,जिसके लिए 2 से 6 दिसंबर तक रजिस्ट्रेशन होंगे। यह निर्णय विवि ने शुक्रवार को हुई प्रवेश समिति की बैठक में लिया है।
आधी सीटों पर अभी भी प्रवेश बाकी
स्नातक प्रथम वर्ष में करीब एक लाख 90 हजार सीट है। जिनपर अभी तक 95 हजार छात्रों के प्रवेश हुए है और आधी सीटों पर प्रवेश होना अभी बाकी है। दो दिसंबर तक दूसरी ओपन मेरिट के प्रवेश होने हैं,लेकिन फिर भी सीटें नहीं भर पा रही है। इसे देखते हुए विवि प्रवेश समिति ने कोविड की वजह से ऐसे छात्र जो स्नातक अंतिम वर्ष की परीक्षा नहीं दे पाए थे उन्हें परस्नातक प्रथम वर्ष में रजिस्ट्रेशन कराने की अनुमति दे दी है।
इसके लिए उन्हें प्रमाण पत्र देना होगा कि वह कोरोना संक्रमित थे। जिसकी वजह से वह परीक्षा में शामिल नहीं हो पाए। विवि की ओर से उन्हें प्रोविजनल प्रवेश दिए जा रहे है। बाद में स्नातक अंतिम वर्ष की परीक्षा भी इनकी कराई जाएगी। प्रवेश समिति की बैठक में विवि कुलपति प्रो. एनके तनेजा,प्रति कुलपति प्रो.वाई विमला,परीक्षा नियंत्रक अश्वनी कुमार,रजिस्टार धीरेंद्र कुमार आदि मौजूद रहे।

