- नोएडा में एक दारोगा ने मांगी थी सबसे बड़ी चार लाख रुपये की रिश्वत
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: यूं तो सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार चरम पर है, लेकिन भ्रष्टाचार के इस कृत्य का भंडाफोड़ कैसे किया जाये। इसके लिए हर उस पीड़ित व्यक्ति में उस सरकारी कर्मचारी के सामने दुस्साहस करने की क्षमता हो। जिसमें वह अपने कर्तव्य से विमुख होकर गैरकानूनी कृत्य कर सरकारी विभाग की साख को बट्टा लगाने में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहते। ऐसे लालची भ्रष्टाचारी सरकार विरोधी कर्मचारी पर लगाम कसना अत्यंत जरुरी हो जाता है।
भ्रष्टाचार पर अंकुृश लगाने के लिए एंटी करप्शन ने गत दो साल में 22 लोगों को रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ दबोचा है। जो सरकारी विभागों में तैनात अपने पदों का दुरुपयोग कर मन में रुपयों की लालसा पाले थे। एंटी करप्शन की कोर्ट यूपी पुलिस के एक ऐसे सब इंस्पेक्टर को पांच वर्ष की सजा सुनाने का फरमान जारी कर चुकी है। जिसने एक केस की विवेचना में एक पक्ष से 50 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी।
एंटी करप्शन ने तेरह साल पहले इस सब इंस्पेक्टर को पचास हजार रुपये की घूस लेते हुए रंगेहाथ पकड़ जेल की सींखचों के पीछे पहुंचा दिया था। भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए सरकार की ओर से एंटी करप्शन विभाग को विशेष रूप से जिम्मेदारी सौंपी गई है। मेरठ मंडल मेें आने वाले उन छह जिलों की बात करें तो एकमात्र इन सभी का आॅफिस मेरठ जिले में स्थित है।
इन जिलों के हर सरकारी विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार रुपी रावण का संहार करने के लिए एंटी करप्शन विभाग में सीओ स्तर पर 26 स्टॉफ की तैनाती की हुई है। जिसमें सीओ से लेकर सात इंस्पेक्टर, दो एसआई व शेष मुख्य आरक्षी और आरक्षी शामिल हैं।
यूपी के दारोगा ने मांगी थी चार लाख की रिश्वत
हाल ही के विगत दो वर्षों में एंटी करप्शन की टीम ने मंडल स्तर पर इन छह जिलों में 22 सरकारी कर्मचारियों को रंगेहाथ रिश्वत मांगने के आरोप में पकड़ा। जिनमें सबसे ज्यादा रुपयों की रिश्वत लेने का मामला नोएडा के थाना डेकोटेक प्रथम के एक सब इंस्पेक्टर द्वारा चार लाख रुपये विवेचना के मांगे गये थे। पीड़ित मेजर राजीव सरदाना की शिकायत पर एंटी करप्शन की टीम ने गुलाब सिंह नाम के इस सब इंस्पेक्टर को चार लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए 27 जनवरी वर्ष 2023 को धर दबोचा था।
- वर्ष 2023 में गाजियाबाद ग्रामीण अभियंत्रण में तैनात अवर अभियंता सुभाष चन्द्र शर्मा ने मोदीपुरम निवासी राहुल कुमार से एक लाख रुपये रिश्वत के मांगे थे।
- नोएडा में थाना डेकोटेक प्रथम के एक सब इंस्पेक्टर गुलाब सिंह ने चार लाख रुपये विवेचना के मांगे थे।
- मवाना क्षेत्र के सठला गांव के बिजलीघर पर तैनात जेई ने 2023 में 24 फरवरी को आशाराम नाम के व्यक्ति से कनेक्शन के नाम पर मांगे थे 16 हजार रुपये
- नगर निगम में तैनात चपरासी मुनव्वर हुसैन ने पांच हजार रिश्वत मांगी थी मौहम्मद जफर नाम के व्यक्ति से।16 अगस्त वर्ष 2023 को किया था ट्रेप
- परीक्षितगढ़ में 29 दिसम्बर वर्ष 2023 को फू ल कुमार सिपाही ने 10 हजार रुपये मुजीम अहमद से रिश्वत ली थी।
- 18 जनवरी वर्ष 2024 में समाज कल्याण के सुपरवाइजर मनोज कुमार को 75 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए दबोच लिया था। एसपी क्राइम अनित कुमार के फालोवर से मांगे थे रुपये।
- इनके अलावा 16 ऐसे मामले अलग अलग जिलों में एंटी करप्शन टीम ने हजारों रुपयों की रिश्वत मांगने के आरोप में ट्रेप किये।
13 वर्ष बाद रिश्वत मांगने की सजा मिली दारोगा को
वर्ष 2010 में एंटी करप्शन की टीम ने एक सब इंस्पेक्टर संतोष सिंह को 50 हजार रुपये रिश्वत मांगने पर पकड़ा था। जिसमें एंटी करप्शन कोर्ट ने वर्ष 2023, 25 अक्टूबर को उसे पांच वर्ष की सजा सुनाने का फरमान जारी किया था। वह नोएडा में तैनात थे। एंटी करप्शन टीम ने 20 हजार रुपये जुर्माना लगाते हुए उसे पांच साल की सजा सुनाई।
- वर्ष 2022 में एंटी करप्शन टीम ने 8 कर्मचारियों को किया ट्रेप
- वर्ष 2023 में एंटी करप्शन टीम ने 13 मामले किये ट्रेप
- वर्ष 2024 में एंटी करप्शन ने जनवरी माह में एक सुपरवाइजर को पकड़ा
इन नंबरों पर करें शिकायत
अगर किसी सरकारी विभाग में कोई सरकारी कर्मचारी सरकारी कृत्य करने की एवज में रिश्वत की मांग कर रहा है तो आप उक्त नंबर पर शिकायत दर्ज कर सकते हैं।
एंटी करप्शन
- मोबाइल नंबर-9454401899

