जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: पंजाब में मंगलवार रात जालंधर और अमृतसर में बीएसएफ हेडक्वार्टर के बाहर हुए धमाकों से सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। दोनों घटनाएं करीब तीन घंटे के अंतराल पर हुईं, जिससे पूरे इलाके में दहशत फैल गई और पुलिस-प्रशासन तुरंत मौके पर पहुंच गया।
सीसीटीवी फुटेज से मिला अहम सुराग
जांच के दौरान सामने आए सीसीटीवी फुटेज में जालंधर की घटना में स्कूटी के पास धमाके के बाद एक संदिग्ध व्यक्ति को मौके से भागते हुए देखा गया है। वहीं अमृतसर में हुए धमाके की तेज आवाज और घटनास्थल पर अफरा-तफरी कैमरे में रिकॉर्ड हुई है।
एनआईए भी करेगी जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (National Investigation Agency) की टीम भी जांच में शामिल हो रही है। पुलिस और केंद्रीय एजेंसियां मिलकर दोनों मामलों की गहन पड़ताल कर रही हैं।
अमृतसर में आर्मी कैंप के पास भी धमाका
अमृतसर के खासा कैंप इलाके में आर्मी क्षेत्र के पास देर रात करीब 11 बजे जोरदार धमाका हुआ। धमाके के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और सुरक्षा बलों ने पूरे क्षेत्र को घेरकर जांच शुरू कर दी।
सीएम भगवंत मान का बयान, भाजपा पर आरोप
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इसकी जांच चल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक ताकतें चुनावी माहौल में डर और हिंसा फैलाने की कोशिश कर सकती हैं।
सुरक्षा एजेंसियों के सामने नई चुनौती
पंजाब में हाल के महीनों में आईईडी धमाकों, ग्रेनेड हमलों और संदिग्ध गतिविधियों की घटनाएं बढ़ी हैं। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि राज्य में आतंकी नेटवर्क और गैंगस्टर-आतंकी गठजोड़ फिर सक्रिय हो रहा है।
ड्रोन और सीमा पार नेटवर्क पर नजर
अमृतसर और फिरोजपुर सेक्टर में पाकिस्तान सीमा से ड्रोन के जरिए हथियार और विस्फोटक भेजे जाने की घटनाएं भी चिंता बढ़ा रही हैं। जांच एजेंसियां विदेशी नेटवर्क और स्थानीय मददगारों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही हैं।
सुरक्षा कड़ी, जांच जारी
लगातार हो रही घटनाओं के बाद पूरे पंजाब में सुरक्षा अलर्ट बढ़ा दिया गया है। पुलिस और केंद्रीय एजेंसियां मिलकर सभी एंगल से जांच कर रही हैं, जबकि संवेदनशील इलाकों में निगरानी और कड़ी कर दी गई है।

