- निगम की शह पर बेलगाम होर्डिंग्स ठेकेदार
- हापुड़ अड्डे से नई सड़क के बीच ठेकेदार ने कर रखा कब्जा
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: जरा आप कल्पना करें कि आप किसी शहर में तीन किलोमीटर के एरिया में सफर करें। आपके हिसाब से इस एरिया में कितने होर्डिंग्स या यूनिपाल होने चाहिए? दो, चार या छह और आठ दस होर्डिग। लेकिन यहां तो निरंकुश ठेकेदार ने पूरे 30 यूनिपोल तथा 130 होर्डिंग्स लगा दिये हैं। इसके अलावा इस मार्ग पर घरों की छतों पर लगे विशालकाय होर्डिंग्स अलग हैं। हालांकि नगर निगम के आंकड़ों को देखें तो यहां 12 यूनिपोल व 65 होर्डिंग्स की अनुमति दी गई है। अब पूरे मामले में निगम की ठेकेदार से सांठगांठ साफ नजर आती है।
मुंबई के घाटकोपर इलाके में गत दिनों धूल भरी आंधी के बाद एक बड़ा होर्डिंग गिरने से 14 लोगों की मौत हो गई, जबकि 74 से अधिक लोग घायल हो गए. लगभग 15 हजार वर्ग फीट से बड़े इस होर्डिंग का नाम लिम्का बुक आॅफ रिकॉर्ड्स में भी दर्ज है, हालांकि अब अधिकारियों का कहना है कि इसे नगर निकाय की अनुमति के बिना लगाया गया था, मुंबई की ही तरह मेरठ में भी बड़े हादसों का शायद नगर निगम के अधिकारी इंतजार कर रहे हैं। तभी तो होर्डिंग्स व यूनिपोल की बाढ़ आई हुई है।
तीन किलोमीटर के दायरे में आ गई बाढ़
पुराने हापुड़ अड्डे से तेजगढ़ी के बीच लगभग तीन किलोमीटर के दायरे में होर्डिग्स ठेकेदार ने खुलकर अपनी दबंगई दिखा रखी है। यहां खास हापुड़ अड्डे पर ही आपको हर मार्ग पर बीच सड़क पर यूनिपोल खड़े हुए दिख जायेंगे। इसी मार्ग पर थोड़ा आगे चलने पर युग हॉस्पिटल के ठीक बाहर भी बीच सड़क पर यूनिपोल लगा रखा है। इसी मार्ग पर आगे सोहराब गेट बस अड्डे के पास तो आपको ऐसा लगेगा कि किसी बाजार में खड़े है।
यहां कोई भी भवन ऐसा नहीं है। जिसकी छत पर विशालकाय होर्डिंग्स न लगे हों। ठेकेदार ने सड़क के बीच के साथ-साथ यहां फूलबाग कालोनी की सभी सड़कों के बाहर भी यूनिपोल लगे हुए हैं। इसी तरह वैशाली कालोनी की भी हर गली के बाहर भी यूनिपोल लगाये गये हैं। इसके आगे नई सड़क के पास भी हर तरफ होर्डिंग्स व यूनिपोल ही नजर आयेंगे। इसके आगे भी बीच सड़क पर यूनिपोल लगे हुए हैं।
12 यूनिपोल और 65 होर्डिंग्स की है अनुमति
नगर निगम के अधिकारी इस बात पर अपनी पीठ खुद ही थपथपा रहे हैं कि उन्होंने बीओटी से इतर नगर निगम को फायदे में पहुंचा दिया है तथा निगम के खजाने में एकमुश्त 5.37 करोड़ रुपये जमा करा दिये गये हैं। जबकि हकीकत यह है कि निगम को भरपूर किराया देने के बाद होर्डिंग्स ठेकेदार ने पूरी तरह अपनी दबंगई दिखायी है। हापुड़ अड्डे से तेजगढ़ी के बीच नगर निगम की ओर से यहां 12 यूनिपोल व 65 होर्डिंग्स की अनुमति दी गई है। लेकिन ठेकेदार ने 30 यूनिपोल तथा 130 से ज्यादा होर्डिंग्स लगाये हैं।
सिर्फ कागजों में सिमटकर रह गये मानक
चौराहों और सड़क के डिवाइडरों के बीच यूनीपोल पर होर्डिंग लगाने के मानक तो हैं, पर उनका पालन किसी भी स्तर पर नहीं होता है। नगर निगम यह कहकर गुमराह कर रहा है कि उसकी विज्ञापन नियमावली में होर्डिंग-यूनीपोल लगाने के आकार, वजन, लंबाई और चौड़ाई का जिक्र तक नहीं है। जबकि इंडियन रोड कांग्रेस में बकायदा यूनीपोल की मजबूती के लिए मानक निर्धारित किए गए हैं। नगर निगम आंख मूद कर नियमों की धज्जियां उड़ा रहा है।

