जनवाणी संवाददाता |
बिनौली: महाभारत कालीन लाक्षगृह पर स्थित श्री महानंद संस्कृत विद्यालय गुरुकुल में चल रहे आठ दिवसीय 63 वें विश्व कल्याण चतुर्वेद पारायण महायज्ञ के छठे दिन शुक्रवार को वैदिक विद्वान आचार्य माया प्रकाश त्यागी ने कहा कि अग्निहोत्र यज्ञ से समाज व देश को शुद्ध वायु, शुद्ध वर्षा जल की प्राप्ति होती है, यज्ञीय वातावरण से होने वाली वर्षा कृषकों के लिये वरदान होती है। इससे अन्न की गुणवत्ता में वृद्धि होती है। यज्ञ से पर्यावरण शुद्धि होती है जो वृक्षों व वनस्पतियों के लिए लाभकारी होती है।
यज्ञ के ब्रह्मा आचार्य गुरुवचन शास्त्री, प्रधानाचार्य आचार्य अरविंद कुमार शास्त्री, सुनील शास्त्री, देवेंद्र शास्त्री, आचार्य रविदत्त शास्त्री, सोमदत्त भारद्वाज आदि विद्वानों ने भी वेदोपदेश दिए। गुरुकुल के ब्रह्मचारी जयकृष्ण शास्त्री, रोहित शास्त्री, मोहित शास्त्री, कपिल शास्त्री ने सस्वर वेदपाठ किया।
अशोक चौहान,कांति त्यागी, महेंद्र सिंह,नरेंद्र सिंह, बालकृष्ण त्यागी, हर्षकुमार, फकीरचंद त्यागी, अमित कुमार, मधुसूदनेश्वर, विशू, राहुल त्यागी सपत्नीक यज्ञमान रहे। यज्ञ में बीएसएनएल के पूर्व जीएम चंद्रहास, प्रधान यशोधर्मा सौलंकी, मंत्री राजपाल त्यागी, हरपाल सिंह आर्य, गंगाशरण, सेवाराम आर्य, अजय त्यागी, ब्रह्मप्रकाश त्यागी, अरुण त्यागी, कविराज त्यागी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने आहुति देकर धर्मलाभ उठाया।

