- वर्ष 2020 और 2021 में होली पर रहा था कोरोना का साया
- होली के त्योहार पर हर इंसान नजर आया रहा था खौफजदा
- जिले में करीब चार दर्जन लोगों की कोरोना ले चुका था जान
जनवाणी संवाददाता |
शामली: होली और दुल्हैंडी का त्योहार दो साल बाद पूरे हर्षोल्लास और धूमधाम से मनाया गया। कोरोना महामारी के चलते वर्ष 2020 और 2021 में जहां होली के त्योहार बेरंग रहे थे, वहीं अबकी बार जनपद से कोरोना की विदाई और बेखौफ लोगों ने दुल्हैंडी पर जमकर अबीर गुलाल उड़ाए।
वर्ष 2020 में होली 9-10 मार्च को मनाई गई थी। यह वह दौर था जब देश में कोरोना पूरी तरह दस्तक दे चुका था। हर ओर हाहाकार मची थी। इसलिए कोरोना महामारी का असर होली पर भी देखने को मिला था। भले ही उस समय तक जनपद में कोरोना का पहला कोई केस सामने नहीं आया था|
लेकिन प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग लगातार सतर्क और सावधानियां बरतने के निर्देश देने लगा था। इसलिए आमजन भी कोरोना को लेकर खौफ में आ चुका था। बाजारों में भीड़ भी कम हो गई थी।
लोगों ने लॉकडाउन के चलते अपने घरों पर खाद्य सामग्री और अन्य जरूरी सामग्री का स्टॉक शुरू कर दिया था। इन सब परिस्थितियों के बीच कोेरोना के पहले केस की दस्तक भी जनपद में 23 मार्च को हो गई थी।
दरअसल, 14 मार्च को कैराना का एक युवक सउदी अरब से लौटा था। इसका पता जब 19 मार्च को स्वास्थ्य विभाग को चला था तो युवक, उसकी पत्नी तथा दो बच्चों के कोरोना टेस्ट के सेंपल लिए गए। 23 मार्च को जांच रिपोर्ट आई तो पुलिस-प्रशासन में हड़कंप मच गया। फिर, 23 मार्च की आधी रात से ही पुलिस अधीक्षक के आदेश पर जनपद में लॉकडाउन की घोषणा कर दी गई थी।
हालांकि देश में 22 मार्च को जनता कर्फ्यू तथा 25 मार्च से संपूर्ण लॉकडाउन घोषित कर दिया गया था। इसके बाद तो जो भी त्योहार आया उस पर कोरोना की काला साया पड़ा। हर कोई समय गया था। जनपद में कोरोना की पहली लहर में करीब चार दर्जन लोग कोरोना के शिकार हुए। हालांकि स्वास्थ्य विभाग के आंकड़े और कोरोना काल में एल-2 अस्पताल से जारी मृत्यु प्रमाण पत्र करीब तीन दर्जन ही यह आंकड़ा बताता रहा।
इसके बाद वर्ष 21 की होली पर कोरोना की दूसरी लहर का साया पड़ा। 29 मार्च को जब होली का त्योहार मनाया गया तो लोग एक-दूसरे को रंग गुलाल लगाने से भी परहेज करते दिखाई दिए। हालांकि तब तक दूसरी लहर का प्रभाव काफी कम हो गया था लेकिन लोगों के अंदर कोरोना महामारी की दहशत साफ दिखाई दे रही थी।
पिछले साल मार्च के बाद कोरोना का असर कम होता गया लेकिन डाक्टरों ने नवम्बर-दिसंबर से कोरोना के ओमिक्रॉन वायरेंट के रूप में तीसरी लहर की चेतावनी दी गई। इससे फिर से एक बार आमजन सहमा नजर आया। क्योंकि तीसरी लहर बच्चों के लिए घातक बताई गई। इसके चलते जनपद के जिला संयुक्त अस्पताल में भी पीकू वार्ड बनाकर व्यवस्थाए चाक चौबंद की गई।
बहरहाल, 2022 की होली का त्योहार जब आया तो उससे पहले सब कुछ ठीक ठाक हो चुका था।
कोरोना की दहशत जा चुकी थी। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी/ कोरोना टीकाकरण के नोडल अधिकारी डा. राजकुमार सागर के अनुसार, वर्तमान में जनपद में कोई भी कोरोना का केस नहीं है। इसलिए शुक्रवार को जनपद में आमजन रंगों का त्योहार होली धूमधाम से मनाया।
एक-दूसरे के गले मिलकर होली की शुभकामनाएं दीं। अबीर गुलाल लगाया। युवाओं ने रंगों से खूब एक-दूसरे को भिगोया। बड़े बुजुर्ग होली के रंग रंग गए। एक तरह से हर तरह इस बार होली का त्योहार पूरी शिद्दत के साथ मनाया गया।

