Friday, April 3, 2026
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घोड़े पर सवार होकर इस बार दर्शन देने आएंगी मां

  • अबके पूरे नौ दिन के होंगे नवरात्र: ज्योतिषाचार्य अमित चतुर्वेदी

जनवाणी संवाददाता |

सहारनपुर:  इस वर्ष चैत्र नवरात्र शनिवार 2 अप्रैल से आरंभ हो रहे हैं। माता इस बार अपने भक्तों को दर्शन देने घोड़े पर सवार होकर आएंगी। इस दिन हिंदू नववर्ष की भी शुरुआत होती है। नवरात्रि के नौ दिनों में भक्त मां भगवती की आराधना करते हैं। ज्योतिषाचार्य अमित चतुर्वेदी ने बताया कि इस बार नवरात्रि पूरे नौ दिन के होंगे।

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ज्योतिषाचार्य अमित चतुर्वेदी ने बताया कि इस बार चैत्र नवरात्रि का आरंभ तीन प्रमुख राजयोगों सरल, सतकीर्ति व वेशि महायोग में रेवती नक्षत्र, ऐन्द्र योग ,बृहस्पति प्रधान मीन राशि के चन्द्रमा में शनिवार को हो रहा है। इस वर्ष नवरात्र पूरे नौ दिनों के होंगे। तीन अप्रैल को मत्स्य जयंती, 4 अप्रैल को गौरी तृतीया, 5 अप्रैल को अंगारक चतुर्थी, 6 अप्रैल को श्री पचंमी, 7 अप्रैल को स्कंद षष्ठी, 9 अप्रैल को श्री दुर्गा अष्टमी व 10 अप्रैल को रविपुष्य, सर्वार्थसिद्धि महायोग में श्री रामनवमी के साथ नवरात्र का समापन होगा। माता दुर्गा जिस वाहन से पृथ्वी पर आती हैं|

उसके अनुसार सालभर होने वाली घटनाओं का भी अनुमान लगाया जाता है। इनमें कुछ वाहन शुभ फल देने वाले और कुछ अशुभ फल देने वाले होते हैं। नवरात्र का आरंभ शनिवार को होने से मां भगवती नवरात्र के दौरान घोड़े पर सवार रहेंगी। इसका मतलब यह होगा कि इस वर्ष युद्ध की संभावना अर्थात इस वर्ष राष्ट्राध्यक्षों को आंतरिक समस्या तथा जनसाधारण लोगों में असंतोष रहेगा और बाहर शत्रुओं का भय रहेगा। माता के जाने का वाहन भैंसा रहेगा। इसका अर्थ रोग और शोक होता है । ज्योतिषाचार्य अमित चतुर्वेदी ने बताया कि इस बार नवरात्र में तिथि की घट-बढ़ नहीं होने से देवी पर्व पूरे 9 दिन का रहेगा। इस तरह अखंड नवरात्र सुख-समृद्धि देने वाली रहेगी।

1563 साल बाद अति दुर्लभ संयोग

ज्योतिषाचार्य अमित चतुर्वेदी ने बताया कि इस साल नववर्ष की शुरूआत में मंगल और राहु-केतु अपनी उच्च राशि में रहेंगे वहीं, शनि खुद की ही राशि मकर में होगा। नववर्ष के सूर्योदय की कुंडली में शनि-मंगल की युति से धन, भाग्य और लाभ का शुभ योग बन रहा है। इस योग के प्रभाव से ये साल मिथुन, तुला और धनु राशि वाले लोगों के लिए बहुत शुभ रहेगा। वहीं, अन्य राशियों के लिए बड़े बदलाव का समय रहेगा।

ग्रहों का ऐसा संयोग 1563 साल बाद बन रहा है। इससे पहले 22 मार्च 459 को ये ग्रह स्थिति बनी थी। नववर्ष रेवती नक्षत्र में शुरू होगा। इसके स्वामी बुध हैं। बुध के कारण कारोबार में फायदा होता है, इसलिए इस नक्षत्र में खरीद-बिक्री करना शुभ माना जाता है। व्यापार का कारक बुध भी इस नक्षत्र में रहेगा। इससे बड़े लेन-देन और निवेश के लिए पूरा साल शुभ रहेगा।

यह घट स्थापना का शुभ मुहूर्त

ज्योतिषाचार्य अमित चतुर्वेदी ने बताया कि इस बार शनिवार 2 अप्रैल 2022 को घट स्थापन एवं ज्योत पूजन आदि हेतु शुभ मुहूर्त सूर्योदय सुबह 06 बजकर 10 मिनट से प्रात: 8:31 तक रहेगा। जबकि घटस्थापना का अभिजित मुहूर्त 12 बजकर 08 मिनट से 12 बजकर 57 मिनट तक रहेगा।

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