- व्यापार मंडल ने की सरकारी राजस्व बचाने की मांग
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: साम्प्रदायिक सौहार्द का प्रतीक मेला नौचंदी में अवैध रूप से लगाये जा रहे झूलों की शिकायत को लेकर कुछ लोग कमिश्नर के कार्यालय पहुंचे और शिकायती पत्र देकर इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की। शिकायतकर्ता प्रहलाद नगर निवासी विजय राठी ने बताया कि मेला परिसर में अवैध रूप से बड़े झूले लगने शुरू हो गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जिला पंचायत द्वारा सांठगांठ कर यह झूले लगने प्रारंभ हो गए हैं।
इस संबंध में कई बार जिला पंचायत को अवगत कराया जा चुका है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं की जा रही है। अब इस मामले की सूचना प्रदेश के मुख्यमंत्री को भी दी जा चुकी है। विजय राठी का कहना है कि मेले में होने वाली समस्त आमदनी सरकार की होती है। इससे राजस्व को बढ़ावा मिलता है, लेकिन अधिकारियों की आंखों के सामने ही राजस्व को हानि पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने पत्र के माध्यम से कमिश्नर से आवश्यक कार्रवाई की मांग की है। उधर, नौचंदी मेले की दुकानों के आवंटन को लेकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश संयुक्त व्यापार मंडल के लोग भी कमिश्नर कार्यालय आए। इस दौरान जिलाध्यक्ष विजय आॅबराय ने बताया कि मेले में बिचौलियों द्वारा एक नाम से 20-20 दुकानों की रसीद कटवाकर फुटकर व्यापारियों को दुकानें ब्लैक में मोटी रकम लेकर मेला अवधि तक के लिये दे देते हैं। जिससे जहां फुटकर व्यापारियों का आर्थिक शोषण होता है, वहीं सरकार के राजस्व को भी नुकसान होता है।
जिलाध्यक्ष ने इस मामले में कार्रवाई कराये जाने की मांग की है। बता दें, ‘जनवाणी’ ने टेंडर से पहले ही नौचंदी ग्राउंड में झूले लगाने की खबर प्रमुखता के साथ प्रकाशित की थी। इसी खबर का कमिश्नर ने संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों को कार्रवाई करने के आदेश दिये हैं। इसमें आवश्यक हुआ तो एफआईआर भी दर्ज करायी जा सकती हैं। कमिश्नर के सख्त रुख को देखते झूला लगाने वालों में हड़कंप मच गया हैं।

