- देहरादून,यमुना नगर और चंडीगढ़ तक पहुंच चुके हैं बुकी
मुख्य संवाददाता |
सहारनपुर: आईपीएल में जहां बल्लों से रनों की बरसात हो रही है, वहीं सहारनपुर में सटोरियों की भी बल्ले-बल्ले हो रही है। यहां पर जमकर सट्टा लगाया जा रहा है। आन लाइन माध्यमों से करोड़ों के वारे-न्यारे किए जा रहे हैं। इस गलीज धंधे पर अंकुश लगाने का कोई ठोस उपाय अभी तक पुलिस भी नहीं कर सकी है। हालांकि, आला अफसर यह कह रहे हैं कि अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है। पुख्ता सूचना पर ठोस कार्रवाई के दावे किए गए हैं पर अभी तो सब हवा-हवाई लग रहा है। यहां तक कि सटोरियों को अभी तक नहीं दबोचा गया है।
यह बताने की जरूरत नहीं कि इंडियन प्रीमियर लीग में रोमांचक मैच खेले जा रहे हैं। एक रोज पहले गुजरात और मुंबई के बीच दिलचस्प मुकाबला हुआ। खेल प्रेमियों के लिए आईपीएस मैच बड़े रोमांचक होते हैं। लेकिन, सटोरियों के लिए भी आईपीएल मैच काफी काम के माने जाते हैं। सूत्रों का कहना है कि टास जीतने और हारने तथा चौकों-छक्कों पर जमकर सट्टे लगाए जा रहे हैं। कल के एक मैच पर महत्वपूर्ण ओवर पर भी सटोरियों ने जमकर दांव लगाया। उल्लेखनीय है कि गूगल प्ले स्टोर पर मौजूद कई एप्स और व्हाट्स एप के साथ सोशल मीडिया के अन्य प्लेटफार्म के जरिये संचालित होने वाले इस खेल में तकनीक का बड़ा रोल होता है।
इसी के सहारे सटोरिये सहारनपुर में करोड़ों का सट्टा खेल रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि मैच में सटोरियों ने टास जीतने-हारने, टीम के रन, खिलाड़ी के व्यक्तिगत प्रदर्शन, चौकों-छक्कों और हार जीत पर करोड़ों का खेल खेला है। हालांकि, पूर्व में यहां नुमाइश कैंप, न्यू आवास विकास, घंटाघर, मिशन कंपाउंड आदि में छापामारी हो चुकी है। कई बार सटोरिये पुलिस के हत्थे भी चढ़ चुके हैं। घंटाघर का एक होटल जो इन दिनों बंद चल रहा है, वह इसी काम के लिए बदनाम था। सट्टेबाजी को लेकर यहां पर हत्या तक हो चुकी है।
फिलहाल, इस ,समय भी सटोरियों ने दांव खेलना शुरू कर दिया है। घंटाघर हनुमान मंदिर से रेलवे स्टेशन की ओर जाने वाली सड़क के किनारे गलियों में तीन ऐसे होटल हैं, जहां से सटोरिये अपना दांव खेल रहे हैं। पुलिस को भले ही इसकी भनक न हो या फिर जानकारी होते हुए भी खाकी ने मौन साध लिया हो किंतु यहां आईपीएल मैचों पर जमकर सट्टा लगाया जा रहा है। सूत्रों का कहना है कि नवाबगंज के पास एक लकड़ी काराबोरी भी आईपीएल मैंचों पर जमकर सट्टा लगवा रहा है। जानकारों का कहना है कि पुलिस तकनीकी रूप से बहुत समृद्ध नहीं है। कुछ सटोरिये दून तो कुछ चंडीगढ़ और यमुनानगर से खेल रहे हैं। हालांकि, आईपीएल सट्टेबाजी में कई लोग अब तक बर्बाद हो चुके हैं।
इस तरह लगाया जाता है सट्टा
सट्टा लगाने वाले शख्श को लाइन कहा जाता है। ये लाइन एजेंट यानि कि पंटर के माध्यम से बुकी (डिब्बे) तक संपर्क करता है। एजेंट को एडवांस देकर अकाउंट खुलवाना पड़ता है। इसकी लिमिट भी बांधी जाती है। सट्टे के भाव को डिब्बे की आवाज बोला जाता है। सूत्र बताते हैं कि आईपीएल में सट्टेबाज बीस ओवर को लंबी पारी, दस ओवर को सेशन, और छह ओवर तक सट्टा लगाने को छोटी पारी खेलना बोलते हैं। एक लाख को एक पैसा, पचास हजार को अठन्नी, पचीस हजार को चवन्नी कहा जाता है। खास बात यह है कि पूरा नेटवर्क लैपटाप और मोबाइल तथा आधुनिक संचार प्रणाली पर ही चलता है। कदम-कदम पर सावधानी बरती जाती है।
सख्त कदम उठाए जाएंगे
सट्टा किसी सूरत में नहीं होने दिया जाएगा। फिलवक्त, जानकारी में अगर कोई पुख्ता सूचना मिलती है तो तुरंत इस पर कार्रवाई की जाएगी। पुलिस इसको लेकर सतर्क है।
-एसपी सिटी, राजेश कुमार।

