- चार वर्षो से दोषियों पर कार्यवाही की हिम्मत नही जुटा पा रहें अधिकारी
- चार वर्ष पूर्व कमिश्नर ने जांच में दोषी पाये जाने पर कि थी कार्यवाही की संतुति
जनवाणी ब्यूरो |
लखनऊ/हापुड़: योगी सरकार कि भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टोलरेंसी को पलीता लगा रहे उनके ही पार्टी के नेता जिसकी बनगी नगर पालिका परिषद हापुड़ में देखने को मिली जैसे—जैसे नगर पालिका चुनाव नजदीक आते जा रहे है वैसे पालिकाओं की फाईलों में दबे काले कारनामें उजागर होने लगे है। जहां चार वर्ष पूर्व नगर पालिका परिषद में हुए करोड़ों रूपये के घोटले की फाईले अब अचानक दम भरने लगी है। नगर पालिका चुनाव में टिकट मांगने वाले से लेकर वर्तमान चेयरमैन के विरोधी भी सक्रिय होते नजर आ रहें हैं।
आपको बता दे कि नगर पालिका परिषद करीब बीस वर्षो से सुरक्षित रही के नगर पालिका चुनाव में पालिका की सीट 2017 में सामान्य हो गई जिसमें सामान्य वर्गों के लोगों ने चुनाव लड़ने के लिए टिकट की दावेदारी के साथ-साथ शहरवासियों को सुंदर स्वच्छ शहर बनाने एवं अच्छी सड़कें स्वच्छ पानी देने सहित अन्य वादो के साथ सभी पार्टी के प्रत्याशी चुनावी मैदान में उतर गये।
शहर की जनता ने दूसरी बार नगर पालिका परिषद के चुनाव में भाजपा प्रत्याशी पर भरोसा जताते हुए भाजपा प्रत्याशी को भारी मतों से भाजपा जीताया और दूसरी बार भाजपा ने चेयरमैन की कुर्सी कब्जा ली शहरवासियों क्या पता था जिसे वह चुनकर नगर पालिका भेज रहे हैं वह शहर की सफाई एवं सुंदरता निर्माण के नाम पर करोड़ों रुपए का घोटाला कर नगर पालिका बजट गड़बड़ा देगा।
इस खुलासा जब हुआ जब एक सभासद ने नगर पालिका परिषद के कारनामों की शिकायत तत्कालीन कमिश्नर प्रशांत कुमार से कर दी जिसके बाद कमिश्नर ने मामले का संज्ञान लेते हुए 26 अप्रैल 2018 को तत्कालीन प्राधिकरण के उपाध्यक्ष रहे गया प्रसाद से मामले की जांच कराई जिसमें करोड़ों रुपए के घोटाले का सच सामने आया और विभाग से लेकर भाजपा के जनप्रतिनिधियों के दमान पर घोटाले के कभी ना छूटने वाले दग लगने लगे। योगी सरकार भले ही भ्रष्टाचार एवं भ्रष्टाचारियों कर कार्यवाही की बात कह रही हो मगर पार्टी में छुपे जयचन्दों योगी सरकार की छवि धूमिल करने से गुरेज नही कर रहे है।
सूत्रों की माने तो अब जिला प्रशासन एवं विरोधी खेमे उक्त घोटालों एवं घोटाले बाजों को लेकर सक्रिय हो गये है। जिसकी शिकायत सीएम योगी आदित्यनाथ एवं वर्तमान कमिश्नर करने की रणनीति बना रहे है।
वही जिलाधिकारी मेधा रूपम का कहना है कि उन्हें उक्त मामले की उन्हे जानकारी नही है। वह मामले की जानकारी कर एवं जांच के बाद कार्यवाही कि जायेगी।

