- राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष सुषमा सिंह के विवादित बोल
- केवल हमारे देश की नागरिकता लेकर वोट बैंक की करते हैं गंदी राजनीति
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: ज्ञानवापी मामले को लेकर लगातार बयानबाजियों का दौर जारी है। ताजा बयान राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष सुषमा सिंह का आया है। मेरठ पहुंची सुषमा सिंह ने कहा कि जो हिंदू है भारत का नागरिक है जो अपनी मातृभूमि के लिए समर्पित है और जिनका आस्था पर विश्वास है। वो मंदिर के पुनर्निमाण की बात करते हैं। अयोध्या हो काशी हो मथुरा हो या अन्य, जब-जब इन मुद्दों को अंजाम तक ले जाने की बात की है तो पूरे संसार ने देखा है कि मस्जिद के नीचे क्या निकलता है।
उन्होंने कहा कि जो बाहरी लोग आ गए हैं जो हमारे देश के निवासी नहीं है नागरिक नहीं है। केवल हमारे देश की नागरिकता लेकर वोट बैंक की गंदी राजनीति करते हैं उनको फव्वारा दिखता है। और बाकी सभी को शिवलिंग ही दिखता है। सपा मुखिया अखिलेश पर भी सुषमा सिंह ने शाब्दिक प्रहार किया। उन्होंने कहा कि अखिलेश छोटी मानसिकता की राजनीति करते हैं। वो हिंदू हैं या कुछ और है। ओवैसी के बयान पर उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों के पास कोई मुद्दा बचा नहीं है।
इनके पास नकारात्मक मुद्दे हैं। उन्होंने कहा कि हिंदू धर्म को जो भी मानता है वो यही कहता है शिव ही सत्य है। सुषमा सिंह ने कहा कि शिव ही सत्य हैं शिव ही व्यापक है। जिनको विश्वास नहीं है, वह शायद भारतीय है ही नहीं और कुछ लोगों को तो भारत माता की जय बोलने में भी समस्या होती है। राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष ने कहा कि जहां-जहां मस्जिद है।
वहां आसपास जब भी कभी खुदाई की गई है तो शिवलिंग ही निकले हैं। इतिहास गवाह है कि जब भी खुदाई हुई है। शिव ही निकले हैं और सांप देवता भी निकले जो अपने आपको भारतीय नहीं मानते हैं, वह ही उसे फव्वारा कह रहे हैं। ऐसे लोगों को देश में रहने का ही अधिकार नहीं है।
इससे पहले राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष ने अधिकारियों के साथ बैठक की और जनसुनवाई कर महिलाओं की समस्याओं का निस्तारण किया। उन्होंने कहा कि अधिकारी परस्पर समन्वय के साथ कार्य करें, महिलाओं की समस्याओ का निस्तारण गुणवत्तापरक ढ़ग से करें साथ ही महिलाएं समस्याओ का मुकाबला निड़रता के साथ करें, आयोग हर कदम पर उनके साथ खड़ा है।
उन्होंने बताया कि राज्य महिला आयोग के वाट्सऐप नंबर 06306511708 पर महिलाएं अपनी शिकायत भेज कर उसका निस्तारण करा सकती हैं। सुषमा सिंह ने कहा कि महिला हेल्पडेस्क और वन स्टाप सेंटर को और ज्यादा क्रियाशील और प्रभावी बनाया जाए।
इस अवसर पर सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अंजू काम्बोज, एसीएम, जिला प्रोबेशन अधिकारी अजित कुमार, जिला कार्यक्रम अधिकारी विनीत कुमार सिंह, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. पूजा शर्मा, सहित पुलिस व अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
आशा ज्योति केंद्र की मैनेजर आरती पर गिरी गाज
15 दिन से बिना बताए गायब चल रही आशा ज्योति केंद्र की मैनेजर आरती त्यागी पर महिला आयोग के उपाध्यक्ष सुषमा सिंह की गाज गिर गयी। एसएसपी ने केंद्र से आरती की छुट्टी कर दी। आशा ज्योति केंद्र में अव्यवस्थाओं की भरमार थी। काम में लापरवाही बरतने के चलते आरती त्यागी को पद से हटा दिया है।
बुधवार को जन सुनवाई के लिए सर्किट हाउस पहुंची उपाध्यक्ष सुषमा सिंह ने बताया कि सेंटर मैनेजर आरती त्यागी पर वन स्टॉप सेंटर का अतिरिक्त चार्ज था, जिसमें वह काफी गड़बड़ी कर रही थी। इसलिए उनसे सेंटर प्रभार वापस ले लिया गया है। वही उन्होंने कहा की भले ही सेंटर मैनेजर आरती त्यागी पद से हट चुकी है, लेकिन वन स्टॉप सेंटर में इतनी कमियां मिलना बहुत शर्म की बात है।
इस पूरे मामले में जिला प्रोबेशन अधिकारी की भी जिम्मेदारी बनती है। वन स्टॉप सेंटर का संचालन ठीक से नहीं हो रहा है। इसमें डीपीओ भी जिम्मेदार है। इसलिए वर्तमान और पूर्व डीपीओ दोनों पर ही एक्शन लिया जाएगा दोनों ने अपने काम में लापरवाही की है।
महिलाएं समस्याओं का मुकाबला निडरता के साथ करें
उपाध्यक्ष राज्य महिला आयोग सुषमा सिंह ने बुधवार को सर्किट हाऊस में अधिकारियों के साथ बैठक की व महिला जनसुनवाई कर महिलाओं की समस्याओ का निस्तारण सुनिश्चित कराया। उपाध्यक्ष ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वह परस्पर समन्वय के साथ कार्य करें तथा महिला उत्पीड़न के मामलों को गंभीरतापूर्वक लेते हुये उसका गुणवत्तापरक निस्तारण सुनिश्चित कराये। महिला जनसुनवाई के दौरान उन्होंने उपस्थित महिलाओं की समस्याओं का निस्तारण सुनिश्चित कराते हुये उनको स्वावलंबी बनाने के लिए रोजगार भी उपलब्ध कराने के निर्देश अधिकारियों को दिये।
उपाध्यक्ष ने कहा कि महिलाएं समस्याओं से घबराएं नहीं उनका मुकाबला निडरता के साथ करें, आयोग हर कदम पर उनके साथ खड़ा है। कहा कि महिला हेल्प डेस्क और वन स्टॉप सेंटर को और ज्यादा क्रियाशील और प्रभावी बनाया जाये। अधिकारी और कर्मचारी अपने दायित्वों का निवर्हन ठीक प्रकार से करें तथा विभागीय नियमावली का ठीक प्रकार से अध्ययन करें।

