- टेल क्षेत्र के किसानों को सिंचाई सुविधा मिले: कृषि अनुसंधान एवं कृषि शिक्षा मंत्री
वरिष्ठ संवाददाता |
सहारनपुर: प्रदेश के कृषि शिक्षा एवं कृषि अनुसंधान विभाग एवं जनपद के प्रभारी मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा है किसानों का किसी भी स्तर पर उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं होगा। सिंचाई विभाग के अभियंताओं को निर्देश दिए कि हर स्थिति में टेल क्षेत्र के किसानों को सिंचाई सुविधा मिलनी चाहिए। उन्होंने जनपद के हर एक ब्लाक में आर्दश आंगनवाड़ी केन्द्र बनाये जाने के भी निर्देश दिए।
सूर्य प्रताप शाही शुक्रवार को यहां सर्किट हाउस सभागार में विकास कार्यों की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि कोविड-19 वार्डों में आॅक्सीजन की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति बिना ईलाज के नहीं रहने पाये। उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिए कि जिला अस्पताल में डिलीवरी के सम्बन्ध में शिकायतें मिल रहीं है।
उन्होंने कहा कि शिकायतों का प्रभावी नियंत्रण करें तथा लापरवाह व भृष्ट कर्मियों को चिन्हित कर उनके विरूद्ध दण्ड़ात्मक कार्रवाही की जाएं। उन्होंने कहा कि सभी प्राथमिक व सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर चिकित्सकों तथा दूसरे स्टाफ की तैनाती की जाए। उन्होंने कहा कि संचारी रोगों की रोकथाम के लिए जागरूकता अभियान को पूरी गति से चलाया जाए। गत वर्ष डेंगू प्रभावित क्षेत्रों को चिन्हित कर उनमें अभी से ही जरूरी कदम उठाएं जाए।
एण्टी लार्वा व फागिंग समय-समय पर की जाती रहें। उन्होंने आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत छूटे लाभार्थियों के गोल्डन कार्ड बनाये जाने में तेजी लाये जाने के निर्देश दिए। उन्होंने जनपद में बड़ी संख्या में लाभार्थियों के गोल्डन कार्ड न बने होने पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने जननी सुरक्षा योजना के अंतर्गत ज्यादा से ज्यादा डिलीवरी सरकारी अस्पतालों में कराये जाने के निर्देश दिए।
प्रभारी मंत्री ने ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत स्वयं सहायता समूहों को बनाने के लिए महिलाओं का प्रेरित किया जाए। उन्होंने जिलाधिकारी को निर्देश दिए कि स्वयं सहायता समूह को रिवालिंग फंड दिया गया है, उनका मौके पर भौतिक सत्यापन भी कराया जाए।
उन्होंने कहा कि जो सहायता समूह अच्छा कार्य कर रहे है, उन्हें बैंक से क्रेडिट लिमिट को बढ़ाने में सहायता की जाए। उन्होंने कहा कि मनरेगा के अंतर्गत किये जा रहे कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही अक्षम्य होगी। उन्होने सिंचाई विभाग के द्वारा सिल्ट सफाई के कार्यों पर जनप्रतिनिधियों को नजर रखने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि सिल्ट सफाई में किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए। उन्होंने कहा कि किसानों को सिंचाई सुविधाओं को समय से उपलब्ध कराया जाए। के भी निर्देश दिए। बैठक में सांसद प्रदीप चैधरी, विधायक देवेन्द्र निम, कुंवर ब्रजेश सिंह, कीरत सिंह, माहपौर संजीव वालिया, भाजपा जिलाध्यक्ष महेन्द्र सैनी, शहर अध्यक्ष राकेश जैन, मुख्य विकास अधिकारी प्रणय सिंह, नगर आयुक्त ज्ञानेन्द्र सिंह सहित सभी विभागाध्यक्ष एवं वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मौजूद थे।
नई सड़कों के साथ क्षतिग्रस्त सड़कों को बनाएगा लोक निर्माण विभाग
प्रभारी मंत्री शाही को लोक निर्माण विभाग के अभियंता ने बताया कि जनपद में 34 नई सड़कों के लिए 47.10 करोड़ रुपए से 76.55 कि.मी. सड़कें बनाये जाने के प्रस्ताव दिये गये थे। 18 सड़कों को पूर्ण कर लिया गया है तथा शेष सड़कों पर कार्य जारी है। इसी प्रकार 49 सड़कों पर 35.03 करोड़ रूपए की लागत से मरम्मत के कार्य कराये जायेंगे। क्षतिग्रस्त 128 सड़कों जिनकी लम्बाई 267.17 किमी. के प्रस्ताव शासन को भेजे गये हैं। बैठक में बताया गया कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत 18 सड़कों के 112.89 करोड़ रुपए के प्रस्ताव भी शासन को भेजे गए है जिनके शीघ्र स्वीकृत होने की उम्मीद है। प्रभारी मंत्री ने कहा कि निर्माण कार्यों में तेजी लाई जाए तथा निर्माण में गुणवत्ता एवं मानकों का पालन किया जाए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य में किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जायेगा। कृषि शिक्षा एवं कृषि अनुसंधान मंत्री ने कहा कि धान क्रय केन्द्रों से कोई भी किसान वापिस न जाने पाये। उन्होंने कहा कि धान क्रय केन्द्रों पर लैबर की संख्या में वृद्धि की जाये तथा किसानों के साथ सम्मानीय व्यवहार किया जाए। उन्होंने कहा कि क्रय केन्द्रों पर किसानों को अनावश्यक न रोके रखा जाए। उन्होंने ननौता क्षेत्र में एक नए क्रय केन्द्र स्थापित करने के भी निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि 01 अक्टूबर से जनपद के 7 क्रय केन्द्रों पर खरीद की गयी थी। जनपद में 08 अक्टूबर, 2020 तक 520.1 मिट्रिक टन धान की खरीद हो चुकी है। धान के पीएफएमएस पोर्टल पर 5744 किसानों ने अपना पंजीकरण करया है। जिनमें से 3441 के खातों का सत्यापन पूरा कर लिया गया है। धान देने वाले किसानों के खातें में 72 घंटों के भीतर धान के मूल्य का भुगतान कर दिया गया है। श्री सूर्य प्रताप शाही ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कोविड गाइडलाइन का पालन करते हुए धान की खरीद करें। साथ ही प्रशासनिक अधिकारी नियमित रूप से इन क्रय केन्द्रों पर निगाह रखें तथा यह सुनिश्चित करें कि किसी भी दशा में किसानों का शोषण न होने पाये।

