जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी की राजनीति में बड़ा उलटफेर करते हुए राघव चड्ढा ने आम आदमी पार्टी (AAP) छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया। उनके साथ छह अन्य राज्यसभा सांसदों के भी भाजपा में शामिल होने से आप को बड़ा झटका लगा है। पार्टी नेतृत्व अब अपने बचे हुए सांसदों को एकजुट रखने में जुटा है।
पार्टी में दूरी और राजनीतिक चर्चा
राघव चड्ढा का यह कदम पिछले कुछ हफ्तों से चर्चा में था, खासकर तब जब उन्हें राज्यसभा में पार्टी के उपनेता पद से हटा दिया गया था। राजनीतिक गलियारों में इसे अरविंद केजरीवाल और चड्ढा के बीच बढ़ती दूरी के रूप में देखा जा रहा था।
सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं
भाजपा में शामिल होने के बाद सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएं मिली-जुली रहीं। समर्थकों में उत्साह कम नजर आया, जबकि कई लोगों ने इसे अवसरवादी राजनीति करार दिया। वहीं कुछ समर्थकों ने इसे चड्ढा के नए राजनीतिक अध्याय की शुरुआत बताया।
फॉलोअर बेस में बड़ा नुकसान
भाजपा में शामिल होने के 24 घंटे के भीतर चड्ढा के इंस्टाग्राम फॉलोअर्स में 10 लाख से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई। शुक्रवार को उनके इंस्टाग्राम पर 1.46 करोड़ फॉलोअर्स थे, जो शनिवार दोपहर 1 बजे तक घटकर 1.35 करोड़ रह गए।

