- नए रेडियोथेरेपी (फिजिसिस्ट कम सहायक) की हुई नियुक्ति
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: गत 30 जून से रुकी हुई कोबाल्ट थेरेपी जल्द शुरू होने जा रही है। मेडिकल में एक अधिकारी के रिटायर होने के बाद उनका स्थान लेने के लिए नए अधिकारी की नियुक्ति नहीं होने से थेरेपी रुकी हुई थी। अब शासनादेश के अनुसार मेडिकल में पांच नए सहायक आचार्यों की संविदा के आधार पर नियुक्ति होने की संस्तुति हो गई है। जिनमें कोबाल्ट थेरेपी के लिए जरूरी रेडियोथेरेपी का पद भी शामिल है। जल्द ही कैंसर मरीजों को थेरेपी की सुविधा उपलब्ध हो जाएगी।
जनवाणी ने 14 जुलाई के अंक में इस विषय को प्रमुखता से उठाया था कि मेडिकल में कैंसर मरीजों के लिए वरदान साबित होने वाली कोबाल्ट थेरेपी 30 जून से बंद है। नए मरीजों को इसका लाभ नहीं मिल रहा है। हालांकि मेडिकल के प्रिंसिपल ने इसका जल्द समाधान होने की बात कही थी। अब शासनादेश जारी हुआ है।
जिसमें मेडिकल में रिक्त पड़े सहायक इंडोक्रिनोलॉजी के पद पर डा. पंकज, आब्स एंड गायनी सहायक आचार्य पद पर डा. प्रतिभा अग्रवाल, आर्थोपेडिक्स सह-आचार्य के पद पर डा. असीम कुमार, सीवीटीएस सह आचार्य के पद पर डा. रजत कालरा व रेडियोथेरेपी (फिजिसिस्ट कम सहायक आचार्य) के पद पर शुभम दास की नियुक्ति हो गई है।
नियुक्त हुए चिकित्सकों के लिए नियम
ओपीडी के दिन कोई थी चिकित्सक प्राइवेट प्रैक्टिस नहीं करेगा, जिस जगह पर भी प्राइवेट प्रैक्टिस की जाएगी उसके बारे में पहले से ही बताया जाना होगा, किसी भी मरीज को प्राइवेट देखने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा, निजी प्रैक्टिस की दशा में मेडिकल कॉलेज में आकस्मिक व आपदा सेवाओं के लिए हर समय उपस्थित रहेंगे, निर्धारित संविदा वेतन के अतिरिक्त अन्य किसी भी प्रकार के वेतन व भत्ते के साथ सेवागत लाभ के हकदार नहीं होंगे, स्थानांतरित नहीं किए जा सकेंगे।
संविदा कालावधि के लिए किसी भी प्रकार के पेंशन संबंधी सुविधाओं के हकदार नहीं होंगे, न ही इस दौरान किसी तरह का बोनस मिलेगा। उधर, नए चिकित्सकों व सह आचार्यों के रिक्त पड़े पदों पर नियुक्ति हो गई है। 30 जून से बंद पड़ी कोबाल्ट थेरेपी जल्द ही शुरू हो जाएगी। जिससे मरीजों को सीधा लाभ मिलेगा।

