- नियुक्तिी को लेकर उठ रहे कृषि विवि में सवाल
जनवाणी संवाददाता |
मोदीपुरम: सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में वर्तमान कुलपति का ध्यान सबसे ज्यादा नियुक्ति करने पर है। जबकि शासन पिछले तीन माह से लगातार नियुक्ति के संबंध में आपत्ति जता रहा है और जानकारी मांग रहा लेकिन कुलपति गुमराह कर रहे हैं और अपने अंतिम समय में नियुक्ति करने में लगे हुए हैं। जिससे विश्वविद्यालय में की जा रही नियुक्ति पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
सच संस्था अध्यक्ष संदीप पहल ने कृषि विश्वविद्यालय में चल रहे नियुक्ति के लिए इंटरव्यू पर रोस्टर प्रणाली में आरक्षण को लेकर किए गए छेड़छाड़ पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने इस मामले की शिकायत कमिश्नर और प्रमुख सचिव से की है। जिस पर शासन ने कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति से जवाब मांगा है। शासन ने नियुक्ति को लेकर रोक लगा रखी है।

उसके बावजूद भी कुलपति लगातार नियुक्ति करने में लगे हुए कृषि विश्वविद्यालय में असिस्टेंट प्रोफेसर एसोसिएट प्रोफेसर और प्रोफेसर के करीब 91 पदों के लिए पिछले 10 अगस्त से इंटरव्यू किए जा रहे हैं। शासन के अनुसचिव अशोक सिंह ने विश्वविद्यालय के कुलपति को पत्र भेजा है। जिसमें उन्होंने कहा है कि आरक्षण के नियमों का उल्लंघन कर भर्ती प्रक्रिया को लेकर जो शिकायत मिली थी।
रोस्टर के अनुसार पिछले छह माह से जो भी शिकायत है। जल्द से जल्द उनका जवाब तैयार कर दिया जाए। कृषि विश्वविद्यालय में कुलपति अपनी मनमानी के चलते लगातार शासन के पत्रों को अनदेखी कर रहे हैं और नियुक्ति करने में लगे हुए हैं जिससे उनके द्वारा की जा रही नियुक्तियों पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
जनप्रतिनिधियों को नहीं दी कुलपति ने आज तक तबज्जो
कुलपति प्रोफेसर आरके मित्तल जब से विवि में आए हैं। तब से विवादों के साए में ही है, लेकिन उसके बावजूद उनके खिलाफ किसी भी सत्ताधारी पार्टी के नेता ने कार्रवाई कराना तो दूर शिकायत तक नहीं की है। जिसके चलते कुलपति जनप्रतिनिधियों को तबज्जो भी नहीं देते हैं।
उन्होंने अपने तीन साल के कार्यकाल में किसी भी जनप्रतिनिधि को विवि में नहीं बुलाया है। कुलपति के समक्ष केंद्रीय मंत्री डा. संजीव बालियान इस बात पर नाराजगी भी जाहिर कर चुके हैं, लेकिन उसके बाद भी आज तक कोई भी बात कुलपति ने नहीं सुनी है। वह हमेशा जनप्रतिनिधियों का अपमान करते ही आए हैं। उसके बाद भी किसी भी जनप्रतिनिधि ने कुलपति के खिलाफ कार्रवाई कराने की हिम्मत नहीं जुटाई है।
आखिर किसकी शह पर कर रहे कुलपति नियुक्तिी
कृषि विवि के कुलपति आखिर किसकी शह पर विवि में नियुक्ति प्रक्रिया लगातार करने में लगे हुए हैं। कुलपति पर लगातार राजभवन से पत्र आ रहे हैं, लेकिन कुलपति उसके बावजूद भी नियुक्ति प्रक्रिया को नहीं रोक रहे हैं। इससे साफ जाहिर हो रहा है कि कुलपति पर राजभवन से सहयोग मिल रहा है। जिसके चलते कुलपति इस प्रक्रिया को नहीं रोक रहे हैं।

