- उच्चाधिकारियों से शिकायत के बाद भी गोशाला का नहीं हो संचालन शुरू
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: जनपद के बिजौली ग्राम पंचायत में बनी गोशाला उपेक्षा का शिकार हो रही है। सरकारी खजाने से इसमें लाखों रुपये खर्च कर दिये गए। इसमें एक भी गाय नहीं रखी जा रही हैं। आवारा पशु जंगल में खेतों में घूम रही हैं, लेकिन गोशाला में इनको नहीं रोका जा रहा हैं। बिल्डिंग आधी अधुरी पड़ी है और उपेक्षा का शिकार हो रही है।
किसान विशांत त्यागी पुत्र कामेश्वर त्यागी, शन्ने त्यागी, वीरेंद्र त्यागी, पिंटू त्यागी, अर्पित, धीरज त्यागी, दुष्यंत त्यागी, मनोज ठाकुर आदि किसानों ने आवारा पशुओं द्वारा फसलों की बर्बादी से तंग आकर दुखी मन से अपनी खड़ी फसल पर ट्रैक्टर चलाकर जोत दिया है। ग्राम पंचायत में पिछली पंचवर्षीय योजना में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा चलाई गई योजना के तहत बनी बिजौली बिजलीघर के निकट गोशाला में करोड़ों रुपये खर्च हुए थे, जो आज व्यवस्था न होने के कारण आधी अधूरी पड़ी हुई है।

आवारा पशुओं द्वारा लगातार किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। इसकी शिकायत किसानों ने जिलाधिकारी, मंडला आयुक्त मेरठ तथा सीडीओ को लिखित रूप में दी थी, लेकिन कोई भी एक्शन आज तक नहीं लिया गया। किसानों ने एक बैठक की और अपने खेतों में ट्रैक्टरों से खड़ी फसल की जुताई कर दी। आवारा पशुओं की एक शिकायत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पोर्टल पर भी की गई है।
अगर इन आवारा पशुओं पर कोई एक्शन नहीं लिया जाता तो किसानों की दोगुनी आए प्रधानमंत्री कैसे करेंगे? यह सोचने का विषय होगा, जिस कारण बिजौली किसान भुखमरी के कगार पर खड़े हो चुके हैं तथा अपने बच्चों के भविष्य का सुनहरा सपना अब सपना ही रह गया है। क्योंकि खेतों में आमदनी नहीं होगी तो किसान अपना घर और परिवार का पालन पोषण कैसे कर पाएगा?

