- एडीजी ने पूरे मामले की जांच एसएसपी को सौंपी
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: एसओजी की टीम ने जांच के नाम पर टीपी नगर से एक ट्रांसपोर्टर की टाटा 407 गाड़ी उठा ली। कर्मचारियों के विरोध करने पर एसओजी टीम ने उन पर हथियार तान दिये। ट्रांसपोर्टर ने पूरे मामले की शिकायत एडीजी से की है। पूरे मामले की जांच एसएसपी को दी गई है।
जागृति विहार 267/8 निवासी अंकु र त्यागी पुत्र राजपाल त्यागी की रुद्रा लॉस्टिक सर्विसेज के नाम से ट्रांसपोर्ट कंपनी है। ट्रांसपोर्ट व्यापारी अंकुर त्यागी ने बुधवार को एडीजी को एक शिकायतपत्र सौंपा और एसओजी की टीम पर गंभीर आरोप लगाये। अंकुर त्यागी ने बताया कि सात सितम्बर को उनकी ट्रांसपोर्ट कंपनी के आॅफिस पर एसओजी प्रभारी और चार पांच लोेग हथियारों से लैस होकर आये।
उन्होंने आते ही उनकी टाटा 407 गाड़ी को उठा लिया। एसओजी ने बताया कि यह गाड़ी चोरी की है। इसका इंजन नंबर चेक करना है। गाड़ी चोरी होने की सूचना मनोज शर्मा नाम के व्यक्ति ने दी है। कर्मचारियों ने जब गाड़ी को ले जाने से मना किया तो उन्होंने उन पर हथियार तान दिये। एसओजी टाटा 407 गाड़ी को जांच के नाम पर ले गई। लेकिन पांच घंटे बाद गाड़ी को उन्होंने लौटा दिया।
पीड़ित व्यापारी अंकुर का कहना है कि जिस तरीके से एसओजी की टीम ने कंपनी पर आकर इस तरह से व्यवहार किया है। उससे उनकी छवि कर्मचारियोें व अन्य व्यापारियों के बीच खराब हुई है। व्यापारी का आरोप है कि गाड़ी चोरी होने और इंजन चेसिस नंबर वहीं पर भी चेक किया जा सकता था, लेकिन उनसे किसी तीसरे व्यक्ति के द्वारा रुपयों की डिमांड की गई थी। व्यापारी ने एडीजी से मिलकर पूरे मामले में कार्रवाई की मांग की है।
उधर, एडीजी ने एसएसपी को पूरे मामले की जांच करने के निर्देश दिये हैं। एसपी क्राइम अनित कुमार का कहना है कि मनोज शर्मा नाम के व्यक्ति ने एसओजी को सूचना दी थी कि यह गाड़ी चोरी की है। गाड़ी चोरी होने की सूचना पर गाड़ी को लाकर चेक किया गया था, लेकिन सूचना गलत थी। जिस मनोज शर्मा ने सूचना दी थी उसके खिलाफ परतापुर थाने पर एफआईआर दर्ज की गई है।

