Tuesday, April 21, 2026
- Advertisement -

खंडहर हो रही ऐतिहासिक इमारतें: अस्तित्व के लिए डीएम, एसपी से मिले पूर्व चेयरमैन

  • नगर पालिका द्वारा दोनों इमारतों में मरम्मत व सौन्दर्यीकरण का काम कराने की अनुमति मांगी

जनवाणी संवाददाता |

नजीबाबाद: लगभग 275 वर्ष पूर्व नवाब नजीबुद्दौला द्वारा बसाये गए ऐतिहासिक नगरी नजीबाबाद की पुरातत्व विभाग की उदासीनता के कारण खंडहर हो रही इमारतों के अस्तित्व को बचाने के लिए नगर के पूर्व चेयरमैन व वर्तमान चेयरपर्सन पति मोहम्मद मोअज़्ज़म खान एडवोकेट ने डीएम व एसपी बिजनौर से मिलकर उन्हें एक ज्ञापन सौंपकर नवाब नजीबुद्दौला के महल के गेट व क़िला पत्थरगढ़ का मूलस्वरूप (पुराना व असली आकार) व सुंदरता को लौटाने के लिए नगर पालिका द्वारा दोनों इमारतों में मरम्मत व सौन्दर्यीकरण का काम कराने की अनुमति मांगी है।

चेयरपर्सन सबिया निशात की ओर से उनके पति पूर्व चेयरमैन मौअज़्ज़म खान एडवोकेट ने डीएम रमाकान्त पाण्डेय व एसपी डॉ धर्मवीर से मिलकर उक्त मांग रखी है। ज्ञापन में कहा गया है कि नगर पालिका के सामने ऐतिहसिक नजीबाबाद के महल के गेट को मूलस्वरूप (पुराना व असली आकार) व पुरानी सुंदरता लौटाने व क़िला पत्थरगढ़ को एक बड़े पार्क के रूप में विकसित कराने की ज़िम्मेदारी व अनुमति नगर पालिका परिषद् नजीबाबाद को दी जाए जिससे इमारतें जो अब जर्जर हालत में हैं अपने मूलस्वरूप सहित आने वाली नस्ल के सामने भी क़ायम रह सकें।

18 16

इन इमारतों से तमाम नजीबाबाद वासियों का गहरा जज़्बाती रिश्ता है। नगर पालिका परिषद नजीबाबाद की चेयरपर्सन श्रीमती सबिया निशात उर्फ़ रेशम खान व उनके पति पूर्व चेयरमैन मोहम्मद मोअज़्ज़म खान द्वारा किये गये इस प्रयास से नगर की जनता को भी नगर के और अधिक विकास की आस जगी है।

शहर के नागरिकों का मानना है कि इन इमारतों के उद्धार व इन्हें क़ायम रखने के लिए जो प्रयास पूर्व चेयरमैन व वर्तमान चेयरपर्सन द्वारा किया गया है वो सराहनीय है। वहीं दोनों अधिकारियों ने पूर्व चेयरमैन को सहयोग का आश्वासन दिया है।

spot_imgspot_img
[tds_leads title_text="Subscribe" input_placeholder="Email address" btn_horiz_align="content-horiz-center" pp_checkbox="yes" pp_msg="SSd2ZSUyMHJlYWQlMjBhbmQlMjBhY2NlcHQlMjB0aGUlMjAlM0NhJTIwaHJlZiUzRCUyMiUyMyUyMiUzRVByaXZhY3klMjBQb2xpY3klM0MlMkZhJTNFLg==" f_title_font_family="467" f_title_font_size="eyJhbGwiOiIyNCIsInBvcnRyYWl0IjoiMjAiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIyMiIsInBob25lIjoiMzAifQ==" f_title_font_line_height="1" f_title_font_weight="700" msg_composer="success" display="column" gap="10" input_padd="eyJhbGwiOiIxNXB4IDEwcHgiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMnB4IDhweCIsInBvcnRyYWl0IjoiMTBweCA2cHgifQ==" input_border="1" btn_text="I want in" btn_icon_size="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIxNyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTUifQ==" btn_icon_space="eyJwb3J0cmFpdCI6IjMifQ==" btn_radius="3" input_radius="3" f_msg_font_family="394" f_msg_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTEiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiJ9" f_msg_font_weight="500" f_msg_font_line_height="1.4" f_input_font_family="394" f_input_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTEiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiJ9" f_input_font_line_height="1.2" f_btn_font_family="394" f_input_font_weight="500" f_btn_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsImxhbmRzY2FwZSI6IjExIiwicG9ydHJhaXQiOiIxMCJ9" f_btn_font_line_height="1.2" f_btn_font_weight="700" f_pp_font_family="394" f_pp_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsImxhbmRzY2FwZSI6IjEyIiwicG9ydHJhaXQiOiIxMSJ9" f_pp_font_line_height="1.2" pp_check_color="#000000" pp_check_color_a="var(--metro-blue)" pp_check_color_a_h="var(--metro-blue-acc)" f_btn_font_transform="uppercase" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLWJvdHRvbSI6IjYwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9LCJsYW5kc2NhcGUiOnsibWFyZ2luLWJvdHRvbSI6IjUwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9LCJsYW5kc2NhcGVfbWF4X3dpZHRoIjoxMTQwLCJsYW5kc2NhcGVfbWluX3dpZHRoIjoxMDE5LCJwb3J0cmFpdCI6eyJtYXJnaW4tYm90dG9tIjoiNDAiLCJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBvcnRyYWl0X21heF93aWR0aCI6MTAxOCwicG9ydHJhaXRfbWluX3dpZHRoIjo3NjgsInBob25lIjp7ImRpc3BsYXkiOiIifSwicGhvbmVfbWF4X3dpZHRoIjo3Njd9" msg_succ_radius="2" btn_bg="var(--metro-blue)" btn_bg_h="var(--metro-blue-acc)" title_space="eyJwb3J0cmFpdCI6IjEyIiwibGFuZHNjYXBlIjoiMTQiLCJhbGwiOiIxOCJ9" msg_space="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIwIDAgMTJweCJ9" btn_padd="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiIsInBvcnRyYWl0IjoiMTBweCJ9" msg_padd="eyJwb3J0cmFpdCI6IjZweCAxMHB4In0=" f_pp_font_weight="500"]

Related articles

अगली पीढ़ी के एआई का खाका

कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) ने उल्लेखनीय प्रगति की है। ध्वनि...

12वीं के बाद खुलेंगे कॅरियर के द्वार

डॉ विजय गर्ग भारत में छात्र अक्सर 12वीं कक्षा पूरी...

विपक्ष से ज्यादा सत्ता पक्ष खुश क्यों है?

पहले भक्त अपने दिमाग का इस्तेमाल करते थे लेकिन...

सड़कें न बनें मौत के रास्ते

सड़कें जीवन को जोड़ने के लिए बनाई जाती हैं,...
spot_imgspot_img